पर्यटन मंत्रालय
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पर्यटन का विकास लोकप्रिय स्थलों से आगे बढ़कर स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा करने वाला होना चाहिए: केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत


विश्व पर्यटन दिवस 2026 पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और राष्ट्रीय वैकल्पिक गंतव्य मिशन-'देखो अपना देश 2.0'अभियान का शुभारंभ किया

पर्यटन को बढ़ावा देने और जिम्मेदार यात्रा को मजबूत करने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने उद्योग जगत के साझेदारों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया

प्रविष्टि तिथि: 27 SEP 2026 8:12PM by PIB Delhi

पर्यटन मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व पर्यटन दिवस 2026 मनाया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और राष्ट्रीय वैकल्पिक गंतव्य मिशन-'देखो अपना देश अभियान 2.0' का शुभारंभ किया। मंत्रालय ने संयुक्त पर्यटन प्रचार और विपणन के लिए उद्योग जगत के साझेदारों के साथ पांच समझौता ज्ञापनों का भी आदान-प्रदान किया।

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सभा को संबोधित करते हुए श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “पर्यटन अब केवल स्थानों की यात्रा करने तक सीमित नहीं है; आज के यात्री प्रामाणिक अनुभव चाहते हैं- स्थानीय भोजन, स्थानीय कला, स्थानीय परंपराएं और ऐसे सार्थक जुड़ाव, जो केवल तस्वीरें नहीं बल्कि यादें बनाएं।” उन्होंने आगे कहा, “भारत की पर्यटन यात्रा के अगले चरण में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि विकास लोकप्रिय गंतव्यों से आगे बढ़े और स्थानीय समुदायों, उद्यमियों, महिलाओं तथा युवाओं के लिए अवसर पैदा करे, जिससे पर्यटन अधिक संतुलित, समावेशी और टिकाऊ बन सके।”

स्वागत भाषण देते हुए पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मंच और आंकड़ा-आधारित गंतव्य प्रबंधन पर्यटन को अधिक सुलभ, उत्तरदायी और व्यक्तिगत बना सकते हैं। भारत के पास डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का व्यापक अनुभव है और अब हम यह देख रहे हैं कि इन क्षमताओं को पर्यटन के लिए एक साथ कैसे लाया जा सकता है।”

कार्यक्रम के तहत सर्वम एआई (Sarvam AI) के सह-संस्थापक डॉ. विवेक राघवन  ने इस वर्ष के विश्व पर्यटन दिवस की थीम “पर्यटन को नए रूप में परिभाषित करने के लिए डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” पर मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पर्यटन यात्रा के हर चरण को बदलने की क्षमता है-गंतव्यों की खोज और यात्रा की योजना बनाने से लेकर बुकिंग, यात्रा के अनुभव और उसे साझा करने तक। हमारे सामने अवसर यह है कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से यात्रा को अधिक सहज, व्यक्तिगत और सुलभ बनाया जाए तथा प्रत्येक यात्री के लिए अनुकूलित अनुभव तैयार किया जाए।

राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और राष्ट्रीय वैकल्पिक गंतव्य मिशन-पर्यटन की मांग के पुनर्वितरण और कम चर्चित गंतव्यों को बढ़ावा देने के मिशन- 'देखो अपना देश अभियान 2.0'पर प्रस्तुतियां क्रमशः पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार तथा अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक श्री सुमन बिल्ला ने दीं। इसके बाद उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया गया।

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राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक, जिसे ओएनडीसी के सहयोग और इंटरनेशनल सेंटर फॉर डीपीआई इनोवेशन एंड एडवांसमेंट (आईसीडीआईए) के समर्थन से विकसित किया जा रहा है, का उद्देश्य भारत की पर्यटन पेशकशों को अधिक खोज योग्य, सुलभ और विश्वसनीय बनाना है। यह साझा डिजिटल बुनियादी ढांचा पर्यटन सेवा प्रदाताओं को भाग लेने वाले विभिन्न मंचों पर अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम बनाएगा। इसमें सत्यापित पहचान और आपूर्तिकर्ता प्रमाण-पत्र, खोज और जानकारी प्राप्त करने की सुविधा, भुगतान, रेटिंग तथा शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। मंत्रालय, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उद्योग जगत की भागीदारी वाली इस सहयोगात्मक पहल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और जनवरी 2027 में इसके पायलट की योजना है।

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वैकल्पिक गंतव्यों के लिए राष्ट्रीय मिशन— 'देखो अपना देश अभियान 2.0' का उद्देश्य अत्यधिक पर्यटकों की आवाजाही वाले गंतव्यों के विकल्प या पूरक के रूप में पर्यटन के लिए तैयार, कम प्रसिद्ध स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटन की मांग को व्यापक रूप से वितरित करना है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से, यह पहल विशिष्ट आकर्षण, पर्याप्त बुनियादी ढांचे व आवास और अतिरिक्त पर्यटकों को टिकाऊ तरीके से संभालने की क्षमता वाले स्थलों की पहचान करेगी। शुरुआती ध्यान पर्वतीय व पहाड़ी स्थलों, तटीय व जलप्रपात स्थलों, विरासत व सांस्कृतिक शहरों और क्षेत्रीय तीर्थ स्थलों पर होगा।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से इस पहल के तहत ऐसे गंतव्यों की पहचान की जाएगी, जिनकी अपनी विशिष्ट विशेषताएं हों, जहां पर्याप्त बुनियादी ढांचा और आवास की सुविधा उपलब्ध हो तथा जो टिकाऊ तरीके से अतिरिक्त पर्यटकों का स्वागत करने की क्षमता रखते हों। प्रारंभिक स्तर पर पहाड़ी और पर्वतीय गंतव्यों, तटीय एवं जलक्षेत्र वाले गंतव्यों, विरासत एवं सांस्कृतिक नगरों तथा क्षेत्रीय तीर्थ स्थलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस पहल के तहत राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और पर्यटन उद्योग के साझेदारों को साथ लाकर ऐसे बुक किए जा सकने वाले यात्रा कार्यक्रम और पैकेज तैयार किए जाएंगे, जिनमें आवास, परिवहन, भोजन और स्थानीय अनुभव शामिल होंगे। इससे कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, गाइडों और अन्य स्थानीय हितधारकों के लिए भी अवसर पैदा होंगे। संयुक्त प्रचार के लिए सामाजिक मीडिया को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल अभियानों और उद्योग की भागीदारी का सहारा लिया जाएगा। पर्यटकों से संबंधित आंकड़े और उनकी प्रतिक्रियाएं गंतव्य प्रबंधन में मदद करेंगी और निर्धारित वहन क्षमता के मुकाबले पर्यटकों की संख्या की निगरानी में सहायक होंगी।

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इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय ने गंतव्य प्रचार, सामुदायिक भागीदारी और जिम्मेदार पर्यटन को मजबूत करने के लिए एयरबीएनबी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, फ्लिक्सबस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ग्लांस डिजिटल एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड (इनमोबी ग्रुप), आइशर ग्रुप फाउंडेशन और मेकमायट्रिप (इंडिया) लिमिटेड के साथ पांच समझौता ज्ञापनों का भी आदान-प्रदान किया।

इन साझेदारियों में एयरबीएनबी के साथ होमस्टे विकास और मेजबानों के कौशल विकास, फ्लिक्सबस के साथ अंतर-शहरी परिवहन के माध्यम से गंतव्य प्रचार और जिम्मेदार यात्रा, ग्लांस के साथ डिजिटल पर्यटन सामग्री और जिम्मेदार पर्यटक संदेश, आइशर ग्रुप फाउंडेशन के साथ हिमालयी क्षेत्र में समुदाय आधारित और विरासत आधारित टिकाऊ पर्यटन तथा मेकमायट्रिप के साथ अनदेखे गांवों, प्रामाणिक स्थानीय खरीदारी और मंत्रालय द्वारा चिन्हित यात्रा पहलों का प्रचार शामिल है। इन सभी पांच समझौता ज्ञापनों के तहत सहयोग गैर-वाणिज्यिक, गैर-वित्तीय, गैर-बाध्यकारी और गैर-विशिष्ट है।

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इस अवसर पर स्वच्छता पर सामाजिक जागरूकता टेलीविजन अभियान 2026 का भी शुभारंभ किया गया। इसमें माननीय प्रधानमंत्री द्वारा नागरिकों से तीर्थ स्थलों, मंदिरों और विरासत स्थलों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छता के प्रयासों में सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देने की अपील को दर्शाया गया है।

कार्यक्रम के दौरान भारत पर्यटन सांख्यिकी 2026 भी जारी की गई। इन पहलों के शुभारंभ के साथ अभियान के टेलीविजन विज्ञापन और प्रकाशन पर आधारित एक वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया।

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पीके/केसी/आरटी/केजे/एसएस


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