वित्त मंत्रालय
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए सरकार की उधार लेने की योजना
प्रविष्टि तिथि:
25 SEP 2026 6:34PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ विचार-विमर्श कर, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (एच2) के लिए ₹7,86,000 करोड़ उधार लेना तय किया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान, भारत सरकार की ओर से तारीख वाली प्रतिभूतियों के माध्यम से ₹15,99,506 करोड़ का बाजार से उधारी लेने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान ₹17,20,000 करोड़ का है।
2026-27 की दूसरी छमाही में ₹7,86,000 करोड़ का कुल बाजार से उधारी 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से पूरा की जाएगी। यह उधारी 3, 5, 7, 10, 15, 30, 40 और 50 वर्षों की अवधि की प्रतिभूतियों में वितरित की जाएगी। परिपक्वता वाली कई अवधियों के तहत उधारी (एसजीआरबी सहित) का हिस्सा इस प्रकार होगा: 3-वर्षीय (6.9%), 5-वर्षीय (12.1%), 7-वर्षीय (9.1%), 10-वर्षीय (26.3%), 15-वर्षीय (17.6%), 30-वर्षीय (9.2%), 40-वर्षीय (8.9%) और 50-वर्षीय (9.9%)।
सरकार प्रतिदान (रिडेंप्शन) प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रतिभूतियों की अदला-बदली/ वापसी करना जारी रखेगी।
सरकार नीलामी अधिसूचनाओं में बताई गई प्रत्येक प्रतिभूति के एवज में ₹2,000 करोड़ तक की अतिरिक्त सदस्यता बनाए रखने के लिए ग्रीनशू विकल्प का प्रयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखेगी।
वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के दौरान, सरकार की ओर से ट्रेजरी बिल (टी-बिल) जारी करके 13 नीलामी सप्ताहों में प्रति सप्ताह ₹23,000 करोड़ उधार लेने की उम्मीद है। इसका विवरण इस प्रकार होगा: 91-दिवसीय टी-बिल के तहत ₹8,000 करोड़, 182-दिवसीय टी-बिल के तहत ₹8,000 करोड़ और 364-दिवसीय टी-बिल के तहत ₹7,000 करोड़।
सरकारी खातों में किसी भी प्रकार की अस्थायी बेमेल को दूर करने के लिए, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही के लिए वेज एंड मीन एडवांस (डब्ल्यूएमए) की सीमा ₹50,000 करोड़ निर्धारित की है।
अधिक जानकारी वित्त मंत्रालय और आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत प्रेस विज्ञप्तियों में देखी जा सकती है।
***
पीके/केसी/आरटी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2315097)
आगंतुक पटल : 69