कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

गति शक्ति विश्वविद्यालय, वडोदरा में चौथे भारत केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम परामर्श सम्मेलन का उद्घाटन


अवसंरचना, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के 15 सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम के 26 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा जगत और उद्योग के विषय विशेषज्ञ, गति शक्ति विश्वविद्यालय के विषयगत संकाय, औद्योगिक नेता और क्षमता विकास आयोग तथा केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधि-मिशन कर्मयोगी सम्मेलन के अंतर्गत परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन में उत्कृष्टता पर तीन दिवसीय परामर्श सत्र में एकत्रित हुए

सम्मेलन में 2047 में विकसित भारत दृष्टि योजना की दिशा में पीएम गति, यूएलआईपी, मल्टीमॉडल संपर्क, प्रौद्योगिकी-संचालित परिसंपत्ति प्रबंधन और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार-विमर्श होगा

प्रविष्टि तिथि: 24 SEP 2026 4:17PM by PIB Delhi

भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग-सीबीसी ने वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग-डीपीई के सहयोग से आज गति शक्ति विश्वविद्यालय-जीएसवी, वडोदरा में चौथा भारत सीपीएसई परामर्श सम्मेलन का उद्घाटन किया। मिशन कर्मयोगी ढांचे के तहत इसमें जीएसवी रणनीतिक ज्ञान भागीदार है। 24-26 सितंबर, 2026 तक चलने वाले तीन दिनों के इस सम्मेलन में अवसंरचना एवं निर्माण तथा परिवहन, प्रचालन तंत्र एवं दूरसंचार सेवा क्षेत्रों के 15 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के 26 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग और शिक्षा जगत के विषय विशेषज्ञ, गति शक्ति विश्वविद्यालय के संबंधित क्षेत्र के संकाय सदस्य, औद्योगिक नेता और क्षमत विकास आयोग तथा केंद्रीय मंत्रालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस 2026 के भाषण में उल्लिखित सप्तधारा परिकल्पना-विकसित भारत के लिए शक्ति की सात धाराएं-के संदर्भ में, परिवहन, प्रचालन तंत्र और अवसंरचना क्षेत्र पर सम्मेलन के विषयगत ध्यान का विशेष महत्व है, जिसमें सतत विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना निर्माण को दर्शाने वाली गति शक्ति को भारत की विकास यात्रा को गति देने वाली चौथी धारा के रूप में पहचाना की गई है।

उद्घाटन सत्र

उद्घाटन सत्र का शुभारंभ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। गति शक्ति विश्वविद्यालय के कार्यक्रम निदेशक और क्षमता विकास आयोग के सदस्य प्रो. कौशिक दास ने प्रथम सम्मेलन के परिणामों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और इसके चौथे संस्करण के विषय और उद्देश्यों की रूपरेखा बताई। इसके बाद क्षमता विकास आयोग की सदस्य (प्रशासन) डॉ. अलका मित्तल ने आरंभिक संबोधन और गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज चौधरी ने संदर्भ प्रस्तुत किए। इसके बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण- ट्राई के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार लाहोटी ने आयोजन में मुख्य संबोधन प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र का समापन सीबीसी के निदेशक श्री सुमीत सिंह द्वारा कार्यक्रम-पूर्व नैदानिक ​​सर्वेक्षण के निष्कर्ष प्रस्तुति करने के साथ हुआ। गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति ने कार्यक्रम मार्गदर्शक के रूप में बीएचईएल और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंधन निदेशक डॉ. नलिन सिंघल का स्वागत किया।

साक्ष्य-आधारित शासन के लिए अपनी तरह का विशिष्ट परामर्श मंच

भारत केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम परामर्श सम्मेलन की परिकल्पना क्षमता विकास आयोग ने की है, जिसमें परिवहन, प्रचालन तंत्र और अवसंरचना के क्षेत्र में व्यापक नेतृत्व रखने वाले गति शक्ति विश्वविद्यालय की रणनीतिक ज्ञान साझेदारी है, यह भारत में अपनी तरह की पहली विशिष्ट पहल है। सार्वजनिक और निजी उद्योग जगत के हितधारकों, अकादमिक संकाय और सरकारी अधिकारियों को एक मंच पर एकत्रि‍त कर यह सम्मेलन क्षमता विकास के एक वास्तविक परामर्शात्मक मॉडल का प्रतीक है, जिसे उद्योग की मांग से सीधे प्राप्त आकलन के आधार पर परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन की व्यावहारिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संरचित किया गया है।

इस सम्मेलन से प्राप्त ज्ञान संबंधी संक्षिप्त विवरण और दस्तावेज़- भारत सीपीएसई संकलन और संबोधित व्यक्तियों के लिए विशिष्ट सुधार एजेंडा के रूप में परिणत हुए - साथ ही केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों, मंत्रालयों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच उत्पन्न व्यापक अंतर्संबंधी ज्ञान से, इस संस्थागत मंच को विचार-नेतृत्वकर्ता का दर्जा प्राप्त होने की उम्मीद है। यह एक ऐसा मंच है, जो माननीय प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत के परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन पारिस्थितिकी तंत्र में साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने, नीति निर्माण और नीति सुधार का मार्गदर्शन और उन्हें सूचना प्रदान कर सकता है।

तीन दिनों का अंतःक्रियात्मक, सहभागितापूर्ण क्षमता विकास कार्यक्रम

अगले दो दिनों में इस सम्मेलन में परियोजना और परिसंपत्ति प्रबंधन में उद्योग की चुनौतियों पर संरचित विषयगत और ब्रेकआउट सत्रों की श्रृंखला होगी, जिसे पारंपरिक व्याख्यान प्रारूप के बजाय संवादात्मक और सहभागी क्षमता-निर्माण अभ्यास के रूप में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम का समापन केवडिया स्थित जीएसवी एयरबस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सरदार सरोवर बांध और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अनुभवात्मक शिक्षण क्षेत्र भ्रमण के साथ होगा। यह प्रतिभागियों को बुनियादी ढांचे और परियोजना प्रबंधन को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर प्रदान करेगा।

क्षमता संगम, आयोजन पूर्व संयुक्त घोषणा: शिक्षा जगत, सरकार और उद्योग साझेदारी के लिए एक नया राष्ट्रीय मंच आगामी सप्ताहों में राष्ट्रीय स्तर पर आरंभ किये जाने के लिए पूर्णतया तैयार है।

उद्घाटन सत्र के दौरान महत्वपूर्ण घटनाक्रम में क्षमता विकास आयोग और गति शक्ति विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से अपनी आगामी पहल-अकादमिक जगत की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर राष्ट्रीय शासन की रणनीति तैयार करने-क्षमता संगम- पर सहयोग की घोषणा की। यह पहल भविष्योन्मुखी क्षमता निर्माण और साक्ष्य-आधारित शासन के लिए अकादमिक जगत के सामूहिक ज्ञान संसाधनों और नवाचारों का रणनीतिक रूप से उपयोग करेगी।

गति शक्ति विश्वविद्यालय आज इस राष्ट्रीय मिशन में शामिल होने वाला पहला शैक्षणिक संस्थान बन गया। सीबीसी और जीएसवी के पूर्व-प्रारंभिक संयुक्त घोषणापत्र में मिशन कर्मयोगी के तहत आगामी सप्ताह में इस पहल को आधिकारिक राष्ट्रीय शुभारंभ की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

***

पीके/केसी/आरटी/एकेवी/पीके

 


(रिलीज़ आईडी: 2314500) आगंतुक पटल : 71
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Gujarati