विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय 21 सितंबर को गोवा में दिशा 2.0 योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा


गोवा के राज्यपाल, भारत सरकार के विधि और न्याय राज्य मंत्री और गोवा सरकार में लोक निर्माण विभाग मंत्री दिशा 2.0 क्षेत्रीय कार्यशाला में उपस्थित रहेंगे

प्रविष्टि तिथि: 20 SEP 2026 3:58PM by PIB Delhi

न्याय विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार दिशा (न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान डिजाइन करना) 2.0 योजना के अंतर्गत 21 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे से गोवा स्थित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च  विश्वविद्यालय के सभागार में एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन करेगा। यह कार्यशाला प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाओं, कानूनी जागरूकता पहलों और देश भर में प्रो बोनो कानूनी सहायता को बढ़ावा देने के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है।

 

इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे साथ ही भारत सरकार के विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और गोवा सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री, बंदरगाह प्रमुख एवं कानूनी मापन मंत्री भी शामिल होंगे। इस आयोजन में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि, साझा सेवा केंद्र (सीएससी), ग्रामीण विकास मंत्रालय, राज्य के विधि संस्थान और न्याय की सुलभता और समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत अन्य हितधारक भाग लेंगे।

इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘‘न्याय प्रबोध: न्याय की जागृति’’ अभियान के तहत बनाई गई सर्वश्रेष्ठ रीलों - 90 सेकंड में अपने अधिकार जानें का प्रदर्शन होगा, इसके बाद न्याय प्रबोध के अंतर्गत एक नारा प्रतियोगिता होगी। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की बेहतर समझ प्रदान करना, कानूनी साक्षरता को बढ़ावा देना और न्याय व्यवस्था में जनता की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।

इस कार्यशाला में गोवा में दिशा 2.0 की उपलब्धियों को दर्शाने वाली एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन भी होगा, जिसके बाद टेली-लॉ लाभार्थियों, पैनल वकीलों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों और न्याय सहायकों के साथ सीधा संवाद होगा। इन संवादों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया जाएगा कि प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाएं किस प्रकार नागरिकों और न्याय संस्थानों विशेषकर दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा गोवा में न्याय बंधु प्रो बोनो कानूनी सेवा कार्यक्रम से जुड़े विधि विद्यालयों के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ संवाद होगा। इस सत्र में प्रो बोनो कानूनी सेवा की संस्कृति को बढ़ावा देने और न्याय तक पहुंच को मजबूत करने में कानूनी शिक्षाविदों और युवा कानूनी पेशेवरों की भूमिका के बारे में बताया जाएगा।

गणमान्य व्यक्ति सभा को संबोधित करते हुए कानूनी सशक्तिकरण, नागरिक-केंद्रित न्याय पहुंचाने और न्याय तक समान पहुंच के संवैधानिक दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व के बारे में बताएंगे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव और हितधारकों के बीच संवाद के साथ होगा।

यह आयोजन भारत सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि न्याय केवल एक कानूनी अधिकार नहीं बल्कि एक ऐसी सेवा हो जो प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, समझने योग्य, किफायती और उपलब्ध हो। टेली-लॉ, न्याय बंधु, कानूनी साक्षरता और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम तथा विधि-संजीवनी जैसी पहलों के माध्यम से न्याय विभाग सभी के लिए न्याय की समान पहुंच सुनिश्चित करने के संवैधानिक दायित्व को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

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पीके/केसी/पीपी/वीके


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