सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन जातिविहीन एवं वर्गविहीन समाज के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है


बीजेआरएनएफ अनुसूचित जातियों, कमजोर वर्गों एवं वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत

प्रविष्टि तिथि: 16 SEP 2026 6:20PM by PIB Delhi

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन, बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन (बीजेआरएनएफ), पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के आदर्शों और दृष्टिकोण को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

फाउंडेशन सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने और भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न विकासात्मक पहलों के माध्यम से अनुसूचित जातियों तथा समाज के कमजोर वर्गों की उन्नति के लिए कार्य करता है। इसके प्रयास अनुसूचित जातियों और अन्य वंचित समुदायों को सशक्त बनाने तथा समाज में उनकी समान एवं न्यायपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्रित हैं।

बीजेआरएनएफ अस्पृश्यता और जाति-आधारित पूर्वाग्रहों के विरुद्ध जागरूकता फैलाकर सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी प्रयास करता है।

अपनी पहलों के माध्यम से फाउंडेशन समाज के वंचित वर्गों के लिए समानता, गरिमा और न्याय के प्रति बाबू जगजीवन राम की स्थायी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में 6, कृष्ण मेनन मार्ग स्थित मुख्यालय वाला बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था और इसे 14 मार्च 2008 को सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया था।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री फाउंडेशन के अध्यक्ष होते हैं।

बीजेआरएनएफ का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुधार के क्षेत्र में बाबू जगजीवन राम के आदर्शों का प्रचार-प्रसार करना तथा जातिविहीन और वर्गविहीन समाज के निर्माण संबंधी उनकी विचारधारा, जीवन-दर्शन, मिशन और दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/sep/Screenshot2026-09-16182037_20260916182147_9b7c58.png 

फाउंडेशन का कार्य समान अवसर, सशक्तिकरण और प्रत्येक नागरिक के सम्मान पर आधारित एक समावेशी सामाजिक व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है।

***

पीके/केसी/एमएम/एसएस  

 


(रिलीज़ आईडी: 2311061) आगंतुक पटल : 49
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Urdu , English