प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने सद्भाव और आपसी समझ पर बल देने वाले संस्कृत सुभाषितम् का पाठ साझा किया।
प्रविष्टि तिथि:
15 SEP 2026 11:10AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सद्भाव, आपसी समझ और स्नेह के शाश्वत ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है:
"सहृदयं सांमनस्यमविद्वेषं कृणोमि वः।
अन्यो अन्यमभि हर्यत वत्सं जातमिवाघ्न्या॥"
इसमें लोगों से घृणा से मुक्त होकर समान हृदय और साझा दिमाग विकसित करने और उसी स्नेह और कोमलता के साथ परस्पर एक-दूसरे की देखभाल और प्रेम करने का आह्वान किया गया है जिस प्रकार एक गाय अपने नवजात बछड़े का पालन-पोषण करती है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
सहृदयं सांमनस्यमविद्वेषं कृणोमि वः।
अन्यो अन्यमभि हर्यत वत्सं जातमिवाघ्न्या॥
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पीके/केसी/केके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2310346)
आगंतुक पटल : 87
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