शिक्षा मंत्रालय
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भारत इनोवेट्स 2026 पर स्मारक पुस्तक का विमोचन किया
भारत इनोवेट्स युवा नवोन्मेषकों को वैश्विक अवसरों, उद्योग जगत और नेटवर्क से जोड़ता है: श्री प्रह्लाद जोशी
भारत की विकास यात्रा के केंद्र में नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता हैं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री
प्रविष्टि तिथि:
09 SEP 2026 7:29PM by PIB Delhi
केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की विकास यात्रा के केंद्र में हमेशा नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता को रखा है। केंद्रीय मंत्री नई दिल्ली में 'भारत इनोवेट्स 2026' पर स्मारक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे जिसमें भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तत्वावधान में 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' के पहले संस्करण का दस्तावेजीकरण किया गया है।

श्री जोशी ने कहा कि भारत इनोवेट्स प्रधानमंत्री के इस विजन का प्रतीक है, जो युवा नवोन्मेषकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और वैश्विक हितधारकों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। भारत इनोवेट्स जैसी पहल युवा भारत के आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को दर्शाती है तथा देश के उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े इकोसिस्टम की क्षमता को प्रदर्शित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इनोवेट्स ने यह प्रदर्शित किया कि युवा प्रतिभा को यदि अवसरों, उद्योग जगत और वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जाए, तो वे क्या कुछ हासिल कर सकते है।
इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने विकसित भारत के विजन को पूरा करने में उच्च शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। मंत्री महोदय ने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुसंधान, नवाचार, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी गई है तथा भारत इनोवेट्स जैसी पहल ने इन प्राथमिकताओं को वास्तविक परिणामों में बदलने का एक मंच उपलब्ध कराया है।

इस पुस्तक में ‘भारत इनोवेट्स’ की उस यात्रा वर्णन है जिसमें देश भर से बेहतरीन डीप-टेक नवोन्मेषकों की खोज और चयन से लेकर नीस में उनके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन तक की यात्रा का उल्लेख है। यह इस पहल से होने वाली सहभागिता, बातचीत और परिणामों को भी दर्ज करती है।
भारत इनोवेट्स शिक्षा मंत्रालय की एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े इकोसिस्टम से उभरने वाले उच्च-क्षमता वाले डीप-टेक नवाचारों की पहचान करना और उन्हें पोषित करना है। यह पहल नवोन्मेषकों को उद्योग, निवेशकों और अन्य हितधारकों से जोड़ने, प्रौद्योगिकी को वास्तविक रूप में उपयोग में लाने की प्रक्रिया को तेज करने और वैश्विक बाजारों तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच प्रदान करने का प्रयास करती है।
'भारत इनोवेट्स' प्रयोगशाला से बाजार और परिसर से दुनिया तक एक निर्बाध मार्ग तैयार करना चाहता है। इसके पहले संस्करण में पूरे भारत से 120 डीप-टेक स्टार्टअप और इनोवेटर्स तथा 45 अनुसंधान परियोजनाओं को एक मंच पर लाया गया, और उन्हें अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करने, उद्योग और निवेशकों के साथ जुड़ने तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग व बाजार के अवसरों की तलाश करने के अवसर प्रदान किए गए।

यह स्मारक पुस्तक इस यात्रा का दस्तावेजीकरण करती है और भारत के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, स्टार्टअप्स, उच्च शिक्षण संस्थानों और इकोसिस्टम के साझीदारों की वैज्ञानिक क्षमता, उद्यमशीलता की भावना और नवाचार क्षमता को रेखांकित करती है।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर, उच्च शिक्षा विभाग की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर, आईआईटी मद्रास और आईआईटी बॉम्बे के निदेशक, वरिष्ठ शिक्षाविद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग तथा इन-स्पेस के प्रतिनिधि ऑनलाइन शामिल हुए।
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पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2308541)
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