नीति आयोग
नीति आयोग की पहल ई-फास्ट इंडिया के तहत भारत में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई के लिए पीएसीटी की शुरुआत
प्रविष्टि तिथि:
07 SEP 2026 6:20PM by PIB Delhi
पीएसीटी देश भर में माल ढुलाई इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ निरंतर संपर्क स्थापित करके बड़े पैमाने पर शून्य-उत्सर्जन ट्रकों के लिए व्यावसायिक आधार को मजबूत करेगा। 5 वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन में व्यापार, वित्तपोषण और चार्जिंग साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए जेडईटी मार्केटप्लेस की भी शुरुआत की गई।
नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा ने आज 5 वें ई-फास्ट इंडिया समिट 2026 में पीएसीटी का शुभारंभ किया। यह शून्य-उत्सर्जन ट्रकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री वी उमाशंकर, एमएचआई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हनीफ कुरैशी, नीति आयोग की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की कार्यक्रम निदेशक सुश्री अर्चना मित्तल, डब्ल्यूआरआई के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक श्री पवन मुलुकुटला और उद्योग, वित्त और माल ढुलाई क्षेत्र से जुड़े लगभग 250 प्रतिभागी उपस्थित थे।
ई-फास्ट इंडिया प्लेटफॉर्म की एक प्रमुख पहल, पीएसीटी को शिपर्स, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता और अन्य इकोसिस्टम हितधारकों से माल ढुलाई की मांग और चिन्हित माल ढुलाई कॉरिडोर में शून्य-उत्सर्जन ट्रकों के उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है। शिपर्स, लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर्स वाहन निर्माताओं, फाइनेंसरों, चार्जिंग प्वाइंट ऑपरेटरों और अन्य इकोसिस्टम भागीदारों को एक साथ लाकर, यह प्लेटफॉर्म मांग की स्पष्टता में सुधार, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नियोजन में सहायता और इलेक्ट्रिक मध्यम और भारी-शुल्क वाहनों के लिए व्यावसायिक आधार को मजबूत करने का लक्ष्य रखता है।
पीएसीटी की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब भारत का इलेक्ट्रिक माल ढुलाई बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ई-फ्रेट वाहनों के उपयोग में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2025 में 201 वाहनों से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 826 हो गई। आज, देश भर में 3,000 से अधिक ई-एमएचडी ट्रक परिचालन में हैं। इस गति को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए मांग को एकजुट करने, चार्जिंग बुनियादी ढांचे का विस्तार करने, वित्त तक पहुंच में सुधार करने और फ्लीट ऑपरेटरों और निवेशकों के लिए अधिक निश्चितता प्रदान करने के लिए समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता होगी।
शिखर सम्मेलन में मुख्य अतिथि, नीति आयोग के सदस्य श्री राजीव गौबा ने कहा, “घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षमता और सहायक नीतिगत तंत्रों के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन विकास का अगला चरण सहयोग के माध्यम से व्यापक चुनौतियों का समाधान करने की हमारी क्षमता पर निर्भर करेगा। पीएसीटी और जैडईटी मार्केटप्लेस की शुरुआत से विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाया गया है। जैसे-जैसे माल ढुलाई में विद्युतीकरण गति पकड़ रहा है, ई-ट्रकों को व्यावसायिक रूप से अपनाने में तेजी लाने और भारत के स्वच्छ परिवहन भविष्य को मजबूत करने के लिए नवीन वित्तपोषण मॉडल, कॉरिडोर-आधारित चार्जिंग बुनियादी ढांचा और बाजार-संचालित साझेदारियां महत्वपूर्ण होंगी।”
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री वी. उमाशंकर ने कहा, “इलेक्ट्रिक माल ढुलाई को गति देने के लिए लॉजिस्टिक्स संचालन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के वित्तपोषण और बैटरी प्रबंधन में नवाचारों की आवश्यकता होगी। बैटरी निगरानी प्रणाली और अधिक उपयोग वाले वाहनों के लिए नए परिचालन मॉडल जैसे उपाय पारदर्शिता बढ़ा सकते हैं, पुनर्विक्रय मूल्य को मजबूत कर सकते हैं, वित्तपोषण जोखिमों को कम करके अधिक निवेश को आकर्षित कर सकते हैं। उद्योग की बढ़ती रुचि और बढ़ती मांग के साथ, भारत व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य इलेक्ट्रिक ट्रकिंग इकोसिस्टम बनाने के लिए अच्छी स्थिति में है जो लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता और ऊर्जा सुरक्षा दोनों को बढ़ावा देता है।”
शिखर सम्मेलन में जैडईटी मार्केटप्लेस की भी शुरुआत की गई जो ई-ट्रक निर्माताओं, एलएसपी, सीपीओ, वित्तदाताओं और प्रौद्योगिकी कंपनियों को जोड़ने वाला एक व्यावसायिक मंच है। मार्केटप्लेस ने प्रतिभागियों को उत्पादों का प्रदर्शन करने, व्यावसायिक अवसरों का पता लगाने और शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई परियोजनाओं को योजना से कार्यान्वयन तक ले जाने के लिए आवश्यक साझेदारियां विकसित करने में सक्षम बनाया।
शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्रों और तकनीकी सत्रों में वित्तपोषण और जोखिम कम करने के तंत्र, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत प्राथमिकताओं और प्रारंभिक कार्यान्वयन से प्राप्त सीखों पर विचार-विमर्श किया गया। इन चर्चाओं ने व्यक्तिगत प्रायोगिक परियोजनाओं से आगे बढ़कर समन्वित, व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य व्यापक कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
हर साल के साथ, ई-फास्ट इंडिया प्लेटफॉर्म बाजार की तैयारी से आगे बढ़कर कार्यान्वयन को सक्षम बनाने की दिशा में अग्रसर हो रहा है। पीएसीटी और जेडईटी मार्केटप्लेस जैसी पहलों के माध्यम से, नीति आयोग और उसके साझेदार माल ढुलाई की मांग, निवेश में रुचि और प्रौद्योगिकी की तैयारी को पूरे देश में बड़े पैमाने पर शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई परियोजनाओं में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखते हैं।
मुख्य घोषणाएँ
• पीएसीटी का शुभारंभ
• ज़ेडईटी मार्केटप्लेस
नीति आयोग के बारे में
नीति आयोग भारत सरकार का सर्वोच्च सार्वजनिक नीति विचार-मंथन निकाय है, जिसे आर्थिक विकास को गति देने और राज्य सरकारों को आर्थिक नीति-निर्माण प्रक्रिया में शामिल करके सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने का कार्य सौंपा गया है।
ई-फास्ट इंडिया के बारे में
ई-फास्ट इंडिया नीति आयोग के नेतृत्व वाला मंच है जो भारत में मध्यम और भारी-शुल्क वाले वाहन खंडों में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई को गति देने के लिए सरकार और उद्योग हितधारकों ओईएम, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता, वित्तपोषक, शिपर्स और चार्ज प्वाइंट ऑपरेटर को एक साथ लाता है।
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पीके/केसी/जेके/एसवी
(रिलीज़ आईडी: 2307635)
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