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पश्चिम बंगाल में नमस्ते (NAMASTE) योजना के तहत व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ: दुर्गापुर नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों के लिए पहला बैच शुरू


 सुरक्षित कार्य पद्धतियों और यंत्रीकृत स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पांच दिवसीय कार्यक्रम; पश्चिम बंगाल में 7,630 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का प्रोफाइल तैयार

हमें स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और यंत्रीकृत कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है: श्रीमती अग्निमित्रा पॉल

प्रविष्टि तिथि: 03 SEP 2026 5:46PM by PIB Delhi

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र नमस्ते (NAMASTE) योजना के तहत व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके तहत दुर्गापुर नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों के लिए पहला बैच शुरू हुआ।

यह कार्यक्रम भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की नमस्ते (NAMASTE) योजना के तहत, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीएमईआरआई) के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पश्चिम बंगाल सरकार में शहरी विकास और नगर मामलों की प्रभारी मंत्री श्रीमती अग्निमित्रा पॉल की उपस्थिति में किया गया।

सीएसआईआर-सीएमईआरआई, राज्य शहरी विकास एजेंसी, आसनसोल नगर निगम, दुर्गापुर नगर निगम और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए, श्रीमती अग्निमित्रा पॉल ने स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और यंत्रीकृत कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रशिक्षण, उपयुक्त सुरक्षा उपकरणों और यंत्रीकृत स्वच्छता समाधानों को अधिक से अधिक अपनाने के माध्यम से खतरनाक सफाई प्रथाओं को समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

श्रीमती अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और क्षमता को मजबूत करने में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, एनएसकेएफडीसी और सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता कर्मी शहरों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उनकी गरिमा, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

पश्चिम बंगाल ने 7,630 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों का प्रोफाइल तैयार करने का कार्य पूरा कर लिया है। चिन्हित कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट भी वितरित किए गए हैं। राज्य की 124 नगरपालिकाओं और तीन छावनी बोर्डों में खतरनाक स्वच्छता प्रथाओं की रोकथाम के संबंध में जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं।

आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को मजबूत करने के लिए स्वच्छता कर्मियों के रक्त समूह से संबंधित विवरण एकत्र किए गए हैं और एक आपातकालीन डेटाबेस तैयार किया गया है, ताकि गंभीर परिस्थितियों के दौरान समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

 

कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता कर्मियों को पहचान पत्र भी वितरित किए गए। यह पहल स्वच्छता कर्मियों को शहरी स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के अभिन्न अंग के रूप में मान्यता देती है और उनके कार्य की गरिमा तथा महत्व को और मजबूत करती है।

दुर्गापुर नगर निगम के सफाईमित्रों ने कार्यक्रम में भाग लिया। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के महत्व और उनके सही उपयोग को प्रदर्शित करने वाला एक श्रव्य-दृश्य सुरक्षा प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। गणमान्य व्यक्तियों ने सीएसआईआर-सीएमईआरआई द्वारा विकसित स्वच्छ भारत परीक्षण स्थल और सफाईमित्रों के लिए विकसित प्रशिक्षण सुविधा का भी दौरा किया।

व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम पांच दिनों तक आयोजित किया जाएगा और इसमें 30 घंटे का प्रशिक्षण शामिल होगा। प्रत्येक बैच में अधिकतम 45 स्वच्छता कर्मियों को शामिल किया जाएगा।

 

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एक मूल्यांकन किया जाएगा। कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और 1,000 रुपये का वजीफा प्रदान किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण स्वच्छता कर्मियों के व्यावसायिक सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उचित उपयोग, सुरक्षित कार्य पद्धतियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और यंत्रीकृत स्वच्छता संचालन से संबंधित ज्ञान तथा व्यावहारिक कौशल को बढ़ाएगा।

पहले चरण में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दुर्गापुर नगर निगम, आसनसोल नगर निगम, बर्दवान नगरपालिका, विधाननगर नगर निगम और चंदननगर नगर निगम में लागू किया जा रहा है। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से राज्य की अन्य नगरपालिकाओं तक विस्तारित किया जाएगा।

इस पहल के तहत सीएसआईआर-सीएमईआरआई को स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और स्वच्छता के यंत्रीकरण के लिए वन-स्टॉप संस्थागत केंद्र के रूप में कार्य करने का प्रस्ताव है। यह व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरणों के परीक्षण और मूल्यांकन तथा स्वच्छता कार्यों में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और यंत्रों के सत्यापन के लिए एक एकीकृत मंच उपलब्ध कराएगा।

यह संस्थागत तंत्र संबंधित तकनीकी और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थित परीक्षण की सुविधा प्रदान करके उपयुक्त और विश्वसनीय सुरक्षा उपकरणों को अपनाने को बढ़ावा देगा। यह संरचित तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों तथा अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा।

एक ही संस्थागत ढांचे के अंतर्गत प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी, परीक्षण और उपकरणों के सत्यापन को एक साथ लाकर यह पहल शहरी स्थानीय निकायों को सुरक्षा उपकरणों और यंत्रीकृत स्वच्छता समाधानों के संबंध में सूचित निर्णय लेने में सहायता करेगी।

नमस्ते(NAMASTE) योजना स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक-आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देती है तथा स्वच्छता कार्य के यंत्रीकरण और खतरनाक सफाई प्रथाओं के उन्मूलन में सहयोग करती है।

इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वच्छता कर्मियों को सीवर या सेप्टिक टैंक में खतरनाक तरीके से हाथ से प्रवेश करने की आवश्यकता न पड़े। शहरी स्थानीय निकायों, सरकारी और निजी संगठनों, ठेकेदारों तथा स्वच्छता कार्यों में संलग्न अन्य एजेंसियों से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने और यंत्रीकृत समाधानों को अपनाने की अपेक्षा की जाती है।

 

कार्यक्रम ने भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षित, यंत्रीकृत और सम्मानजनक स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सुरक्षा, गरिमा और यंत्रीकरण नमस्ते (NAMASTE) योजना के तीन मूलभूत स्तंभ बने हुए हैं।

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पीके/केसी/एके


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