उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रामकृष्ण हेगड़े जी के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया
रामकृष्ण हेगड़े जी एक महान राजनेता, राष्ट्रवादी और नेताओं का निर्माण करने वाले व्यक्ति थे: उपराष्ट्रपति
विकेंद्रीकरण, जवाबदेही और नागरिकों की भागीदारी रामकृष्ण हेगड़े जी के शासन की पहचान थी: उपराष्ट्रपति
रामकृष्ण हेगड़े जी के नेतृत्व में कर्नाटक शासन-व्यवस्था के लिए एक आदर्श राज्य बना: उपराष्ट्रपति
प्रविष्टि तिथि:
29 AUG 2026 7:25PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज बेंगलुरु के विधान सौध में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और राजनेता श्री रामकृष्ण हेगड़े जी को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें एक महान राजनेता, राष्ट्रवादी और नेताओं का निर्माण करने वाला बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्री हेगड़े जी के नेतृत्व में कर्नाटक शासन-व्यवस्था के मामले में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरा।
विकेंद्रीकरण के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए, उपराष्ट्रपति ने 'कर्नाटक ज़िला परिषद, तालुक पंचायत समिति, मंडल पंचायत और न्याय पंचायत अधिनियम, 1985' का ज़िक्र किया, जिसने शासन को लोगों के और करीब पहुँचाया। उन्होंने उल्लेख किया कि बाद में 73वें संविधान संशोधन के ज़रिए इस विज़न को और मज़बूती मिली, जिससे पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला।
अपनी एक निजी याद साझा करते हुए श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि श्री हेगड़े जी ने पैसे की एक सरल परिभाषा दी थी: अच्छा घर, अच्छी सेहत, अच्छी शिक्षा और अच्छी कार के साथ एक आरामदायक ज़िंदगी—"पैसा इससे ज़्यादा और क्या है?" उन्होंने कहा कि यह बात श्री हेगड़े जी की सादगी और ज़िंदगी के प्रति उनकी दृष्टि को प्रतिबिंबित करती है।
जवाबदेही पर उनके ज़ोर का ज़िक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कर्नाटक में लोकायुक्त को मज़बूत किए जाने की बात याद दिलाई और कहा कि सार्वजनिक पद का अर्थ भरोसे का प्रबंधन करना होता है। उन्होंने श्री हेगड़े जी की इस सोच पर भी बल दिया कि मज़बूत राज्य भारत को मज़बूत बनाते हैं, मजबूत स्थानीय सरकारें राज्यों को मजबूत बनाती हैं और सशक्त नागरिक स्थानीय सरकार को मज़बूत बनाते हैं।
श्री हेगड़े जी को संस्थाओं और नेताओं का निर्माता बताते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा, "महान नेता एक पल को बदल सकते हैं। महान संस्था-निर्माता पीढ़ियों को बदल देते हैं।" उन्होंने युवा पीढ़ी से श्री हेगड़े जी की ईमानदारी, हिम्मत और जनसेवा के प्रति समर्पण को अपनाने और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को आगे बढ़ाना ही उनकी विरासत के लिए सबसे सार्थक श्रद्धांजलि होगी।
इस कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री डी. के. शिवकुमार, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू, केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ श्री हेगड़े जी के परिवार के सदस्य और मित्र भी शामिल हुए।
****
पीके / केसी / जेके /डीए
(रिलीज़ आईडी: 2304593)
आगंतुक पटल : 123