कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और कल्टस एजुकेशन ने अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के सहयोग से देशव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल की शुरुआत की
टियर 2 और टियर 3 शहरों के युवाओं को भविष्य के कौशलों से सशक्त बनाना 'विकसित भारत 2047' की कुंजी है: श्री जयंत चौधरी
कार्यक्रम का लक्ष्य 'एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट' कार्यक्रम और अन्य एडब्ल्यूएस डिजिटल प्रशिक्षण सामग्रियों के माध्यम से 1,50,000 शिक्षार्थियों को मूलभूत क्लाउड साक्षरता तथा 10,000 गहन प्रशिक्षुओं को नौकरी के लिए तैयार क्लाउड और एआई कौशल प्रदान करना है — जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के टियर 2 और टियर 3 शहरों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
प्रविष्टि तिथि:
23 AUG 2026 4:27PM by PIB Delhi
कौशल विकास एवं उद्यमशिलता मंत्रालय (एमएसडीई), भारत सरकार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और कल्टस एजुकेशन ने अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) के सहयोग से एक राष्ट्रव्यापी क्लाउड और एआई कौशल पहल शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल एडब्ल्यूएस डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री के माध्यम से 1,50,000 शिक्षार्थियों को मूलभूत एआई और क्लाउड साक्षरता प्रदान करती है, तथा 'एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट' कार्यक्रम के जरिए 10,000 प्रतिभागियों को गहन एवं नौकरी के लिए तैयार प्रशिक्षण देती है — यह एक नि:शुल्क, समूह-आधारित कार्यबल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम है जो लोगों को क्लाउड कंप्यूटिंग कौशल विकसित करने में मदद करता है और प्रतिभागियों को स्थानीय नियोक्ताओं में रोजगार के अवसरों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के स्नातकों को योग्यता-आधारित साक्षात्कार के अवसर प्राप्त होते हैं।
एनएसडीसी और कल्टस, एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट और एडब्ल्यूएस डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री को सक्षम कार्यक्रमों के रूप में उपयोग करते हुए, टियर 2 और टियर 3 शहरों के युवाओं द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को दूर करने का लक्ष्य रखते हैं — जिनमें वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित पहुंच, प्रौद्योगिकी नियोक्ताओं से कम जुड़ाव और क्लाउड एवं एआई भूमिकाओं के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्रों का अभाव शामिल है। एनएसडीसी द्वारा चुने गए डिलीवरी पार्टनर कल्टस के माध्यम से 100 प्रतिशत ऑनलाइन प्रदान की जाने वाली यह पहल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैलेगी और वंचित समुदायों के युवाओं को प्राथमिकता देगी। यह कार्यक्रम एक राष्ट्रीय हैकथॉन के साथ समाप्त होगा।
कौशल विकास एवं उद्यमशिलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कहा, “यह पहल 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को दर्शाती है, जहाँ अवसरों तक पहुँच भौगोलिक स्थिति या पृष्ठभूमि से तय नहीं होती। जैसे-जैसे भारत नवाचार, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के वैश्विक केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है, यह आवश्यक है कि हमारे टियर 2 और टियर 3 शहरों के युवाओं को भी भविष्य की नौकरियों के लिए आवश्यक कौशलों से खुद को लैस करने का अवसर मिले। ऐसी पहल एक समावेशी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जो विकसित भारत 2047 की हमारी यात्रा का केंद्रीय आधार है।”
रानी बर्चमोर, एपीजेसी लीड, एडब्ल्यूएस स्किलिंग एंड सोशल इंपैक्ट ने कहा, "एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट कार्यबल में बिल्कुल नया टैलेंट लेकर आता है, जो सभी के लिए एक फायदे की स्थिति होती है — जहाँ व्यक्तियों को क्लाउड में सफल करियर शुरू करने का अवसर मिलता है, ऑर्गनाइजेशन को जरूरी टैलेंट के साथ अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाते हैं, और कम्युनिटीज तरक्की करते हैं एवं आगे बढ़ते हैं। भविष्य का एक विविधतापूर्ण और मजबूत क्लाउड कार्यबल तैयार करने के लिए एनएसडीसी और कल्टस एजुकेशन के साथ काम करने पर हमें गर्व है, जो संगठनों को एडब्ल्यूएस क्लाउड के माध्यम से अपने नवाचार को गति देने में सक्षम बनाता है।
कल्टस एजुकेशन के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर नलिन सिंह ने कहा, “कौशल विकास का सही पैमाना यह है कि क्या सीख अंततः आत्मविश्वास, क्रेडेंशियल्स और सार्थक करियर के अवसरों में बदल पाती है। हमारा ध्यान प्रमुख महानगरों से आगे भी वैश्विक रूप से प्रासंगिक क्लाउड और एआई कौशल को सुलभ बनाने पर है, जिससे सीखने और प्रशिक्षण से लेकर प्रमाणन तथा नियोक्ताओं से जुड़ाव तक का एक सफर तैयार किया जा सके।”
यह पहल भारत भर के युवाओं — विशेष रूप से कम सुविधा वाले और उभरते हुए टैलेंट हब के युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों तक पहुंच का विस्तार करके महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पैदा करने के लिए डिजाइन की गई है। मॉडल के 100 प्रतिशत ऑनलाइन होने के कारण, टियर 2 और टियर 3 शहरों के शिक्षार्थी बड़े महानगरों में स्थानांतरित हुए बिना भी यह प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मूलभूत डिजिटल साक्षरता से लेकर वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्रों और सीधे रोजगार के अवसरों तक का मार्ग प्रशस्त होता है।
शिक्षार्थी एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से नामांकन कर सकते हैं और अपनी गति के अनुसार मूलभूत एआई और क्लाउड कौशल विकसित करते हुए एडब्ल्यूएस डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री के साथ अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। जो प्रतिभागी अपनी तैयारी का प्रदर्शन करेंगे, वे 'एडब्ल्यूएस री/स्टार्ट' में आगे बढ़ सकते हैं, जो क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, नेटवर्किंग और एआई के मूलभूत सिद्धांतों में संरचित, प्रशिक्षक-नेतृत्व प्रशिक्षण प्रदान करता है। पेशेवर मेंटर्स और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षकों के सहयोग से, प्रतिभागी वास्तविक जीवन के परिदृश्यों पर आधारित शिक्षण, व्यावहारिक लैब्स और कोर्सवर्क के माध्यम से प्रोग्रामिंग, नेटवर्किंग, सुरक्षा और रिलेशनल डेटाबेस में कौशल विकसित करते हैं। उत्तीर्ण होने वाले शिक्षार्थियों को एक एडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र — क्लाउड कंप्यूटिंग कौशल को प्रमाणित करने वाला उद्योग-मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र — प्राप्त होगा और स्थानीय नियोक्ताओं के साथ जुड़ाव के माध्यम से योग्यता-आधारित साक्षात्कार के अवसर मिलेंगे। यह सीखने की यात्रा एक नेशनल हैकाथॉन के साथ समाप्त होगी, जो प्रतिभागियों को हायरिंग मैनेजर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और अन्य प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के समक्ष अपने क्लाउड और एआई समाधान प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगी।
इस लॉन्च के अवसर पर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर श्री प्रशांत सिन्हा भी उपस्थित थे।


*************
पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2302543)
आगंतुक पटल : 58