स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
डीएचआर-आईसीएमआर ने स्वास्थ्य अनुसंधान, चिकित्सा नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति नयी प्रतिबद्धता के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया
प्रविष्टि तिथि:
15 AUG 2026 5:49PM by PIB Delhi
आज स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने आईसीएमआर मुख्यालय, वी. रामालिंगास्वामी भवन, नई दिल्ली में देशभक्ति की भावना के साथ 'विकसित भारत' के लिए चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य देखभाल तकनीकों को आगे बढ़ाने के प्रति नयी प्रतिबद्धता के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ राजीव बहल ने सुश्री ऋचा खोड़ा, संयुक्त सचिव, डीएचआर और श्री विवेक कुमार दक्ष, वरिष्ठ डीडीजी (प्रशासन) समेत वरिष्ठ डीएचआर-आईसीएमआर अधिकारियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों की उपस्थिति में आईसीएमआर मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ राजीव बहल ने राष्ट्र के विकास और स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था को मजबूत करने में स्वास्थ्य अनुसंधान और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
“आईसीएमआर में हमारा काम सिर्फ एक नौकरी नहीं है; यह राष्ट्र निर्माण में योगदान है। चिकित्सा अनुसंधान, नवाचार और स्वास्थ्य देखभाल तकनीकों के माध्यम से, हम एक विकसित भारत के निर्माण में मदद कर रहे हैं— एक ऐसा, भारत जो चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार में विश्व स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सके।”
उन्होंने जोर दिया कि वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और स्वदेशी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों का विकास एक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने आईसीएमआर परिवार से आह्वान किया कि वे ऐसे समाधानों की दिशा में काम करना जारी रखें, जो स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच को आसान बना सकें और देश की उभरती स्वास्थ्य ज़रूरतों का समाधान कर सकें।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, एक पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। इस माह की शुरुआत में आयोजित निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। ये प्रतियोगिताएँ डीएचआर-आईसीएमआर अधिकारियों और कर्मचारियों में रचनात्मकता, ज्ञान, सक्रिय भागीदारी और जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई थीं।
समारोह का समापन वैज्ञानिक और प्रशासनिक समुदाय के प्रति एक नये आह्वान से हुआ, जिसमें कहा गया कि वे जैव-चिकित्सा अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करें, नवाचार को बढ़ावा दें और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता में योगदान करें, साथ ही चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तर पर भारत के अग्रणी नेतृत्व को मजबूत करें।




पीके/केसी/जेके
(रिलीज़ आईडी: 2300150)
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