सहकारिता मंत्रालय
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों में भंडारण क्षमता
प्रविष्टि तिथि:
11 AUG 2026 5:43PM by PIB Delhi
सहकारिता क्षेत्र में विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में 12 पैक्स/सहकारी समितियों की पहचान की गई है जिसमे 0.52 लाख मीट्रिक टन क्षमता के 13 परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर लिए गए हैं। तथापि, राज्य सरकार द्वारा इन परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाना शेष है । इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के कोटवा पांडेय पैक्स में 1,500 मीट्रिक टन क्षमता का एक गोदाम पहले ही निर्मित किया जा चुका है।
यह योजना माँग आधारित है तथा इसका क्रियान्वयन राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से किया जाता है। अतः इस योजना के अंतर्गत किसी राज्य के लिए पृथक लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। तथापि, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पैक्स/सहकारी समितियों द्वारा गोदामों का निर्माण 18 माह के भीतर पूर्ण कर अंतिम अनुदान (सब्सिडी) के दावे हेतु पूर्णता संबंधी अभिलेख प्रस्तुत किए जाना अपेक्षित है । तथापि, यदि विलंब के कारण पूर्णतः न्यायोचित पाए जाते हैं, तो निर्माण अवधि में अधिकतम 6 माह का अतिरिक्त विस्तार प्रदान किया जा सकता है।
योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता केवल पैक्स/अन्य सहकारी समितियों के स्तर पर नवीन वैज्ञानिक भंडारण अवसंरचना के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई जाती है। सहकारिता क्षेत्र में विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत निर्मित सभी गोदाम योजना के प्रारंभ होने के उपरांत ही निर्मित किए जा रहे हैं। पुरानी अथवा जर्जर पैक्स भवनों को योजना के अंतर्गत आधुनिक वैज्ञानिक गोदाम के रूप में मान्यता नहीं दी जाती है।
योजना के अंतर्गत ऋणों के शीघ्र स्वीकृति एवं वितरण को सुगम बनाने के लिए अनेक सुधारात्मक उपाय किए गए हैं। कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के अंतर्गत ऋण की पुनर्भुगतान अवधि को 2+5 वर्ष से बढ़ाकर 2+8 वर्ष कर दिया गया है, जिससे उधारकर्ताओं को अधिक पुनर्भुगतान लचीलापन प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, नभसंरक्षण योजना के अंतर्गत उपलब्ध क्रेडिट गारंटी सुविधा का विस्तार किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के समान प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) तक भी किया गया है।
इसी प्रकार, कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के अंतर्गत पूंजीगत अनुदान को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 33.33 प्रतिशत कर दिया गया है तथा मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त (Special Refinance) योजना का भी उपयोग किया जा रहा है, जिससे सहभागी सहकारी समितियों पर वित्तीय बोझ में उल्लेखनीय कमी आती है। साथ ही, कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के अंतर्गत उपलब्ध 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ मिलकर, सहकारिता क्षेत्र में विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर लगभग 1 प्रतिशत रह जाती है।
इसके अतिरिक्त, सहकारिता क्षेत्र में विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत पात्र सहकारी समितियाँ, जिनमें पैक्स भी शामिल हैं, स्वामित्व वाली अथवा पट्टे (लीज) पर उपलब्ध भूमि पर भंडारण अवसंरचना का निर्माण कर सकती हैं। आवश्यकता होने पर भूमि उपलब्ध कराने में संबंधित राज्य सरकारों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है। भूमि की उपलब्धता, ऋण स्वीकृति तथा पैक्स/अन्य सहकारी समितियों की वित्तीय क्षमता से संबंधित विषयों का समाधान संबंधित राज्य सरकारों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर किया जाता है।
सहकारी क्षेत्र में विकेन्द्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत भंडारण शुल्क के लिए पृथक कोटा अथवा विशेष अनुदान प्रदान करने का कोई प्रावधान नहीं है।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
******
AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2297744)
आगंतुक पटल : 106