स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्‍मान भारत स्‍वास्‍थ्‍य खाता आधारित स्कैन और रजिस्टर सेवा द्वारा 25 करोड़ ओपीडी पंजीकरण की उपलब्धि हासिल की


स्कैन और रजिस्टर सुविधा से प्रतिदिन लगभग 4 लाख लोग लाभान्वित

36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 30,800 स्वास्थ्य केंद्रों में स्कैन और रजिस्टर सेवा संचालित

बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर डिजिटल ओपीडी पंजीकरण सेवा अपनाने में अग्रणी

एम्स-नई दिल्ली 54 लाख से अधिक डिजिटल ओपीडी पंजीकरण के साथ देश में शीर्ष पर

स्कैन और रजिस्टर से अस्पताल पंजीकरण प्रक्रिया तेज और नागरिक-केंद्रित हुई

प्रविष्टि तिथि: 07 AUG 2026 3:27PM by PIB Delhi

देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 'स्कैन एंड रजिस्टर' सेवा (पहले 'स्कैन एंड शेयर') ने 25 करोड़ ओपीडी पंजीकरण का आंकड़ा पार कर लिया है। यह देशभर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते उपयोग और लोगों का भरोसा दर्शाता है। अक्टूबर 2022 में आरंभ हुई इस सेवा ने अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया आसान और तेज बना दी है। मरीज अब अस्पताल पहुंचकर केवल क्यूआर कोड स्कैन कर डिजिटल माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इससे लंबी कतारों से राहत, समय की बचत और पंजीकरण की समूची प्रक्रिया अधिक सुगम बन गई है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार को रेखांकित करती है और दर्शाती है कि देश भर में आयुष्मान भारत स्‍वास्‍थ्‍य खाता- सक्षम डिजिटल स्वास्थ्य समाधान अपनाए जा रहे हैं।

स्कैन एंड रजिस्टर सुविधा से मरीज़ संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शित विशिष्‍ट क्यूआर कोड को किसी भी आयुष्‍मान भारत डिजिटल मिशन-सक्षम व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (पीएचआर) एप्लिकेशन के उपयोग से स्कैन कर सकते हैं। सहमति के बाद, मरीज़ सुरक्षित रूप से अपना आयुष्मान भारत स्‍वास्‍थ्‍य खाता-आभा प्रोफाइल स्वास्थ्य केंद्र के साथ साझा कर सकते हैं। इससे मानव पंजीकरण या कागज़ आधारित फॉर्म की आवश्यकता के बिना तत्काल ओपीडी पंजीकरण हो जाता है। इस सेवा से पंजीकरण काउंटरों पर प्रतीक्षा समय में काफी आती है और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के परिचालन दक्षता में सुधार होता है। 25 करोड़ स्कैन एंड रजिस्टर उपलब्धि भारत के डिजिटल स्वास्थ्य पारितंत्र में लोगों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। स्कैन एंड रजिस्टर देश के सबसे व्यापक तौर पर अपनाए जा रहे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में से एक बन गया है, जिससे लाखों मरीजों का निर्बाध ओपीडी पंजीकरण हो रहा है और स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल सेवा वितरण सुदृढ हुआ है।

स्कैन और रजिस्टर सेवा देशभर के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा 756 जिलों में व्‍याप्‍त 30,800 स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित है। इनमें से 24,323 सरकारी और 6,481 निजी स्वास्थ्य केंद्र हैं। विभिन्न स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में इस सेवा का तेजी से विस्तार केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, स्वास्थ्य केंद्रों और डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनियों के समन्वित प्रयास को दर्शाता है, जो एबीडीएम के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवा वितरण सुदृढ करने में सहायक हैं।

औसतन, हर दिन लगभग 4 लाख मरीज़ ओपीडी पंजीकरण के लिए स्कैन और रजिस्टर सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का बढ़ता भरोसा दिखाता है। इस सेवा ने महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और बार-बार अस्पताल जाने वाले व्यक्तियों सहित लाखों लोगों के लिए अस्पताल पंजीकरण अत्‍यंत सुगम बना दिया है।

एक सामान्‍य क्यूआर कोड स्कैन द्वारा तत्काल ओपीडी पंजीकरण और मरीज के आभा से स्वचालित रूप से रोग विवरण प्राप्त कर, यह सेवा प्रतीक्षा समय कम कर पंजीकरण प्रक्रिया सुव्यवस्थित बनाती है। इससे ओपीडी पंजीकरण तेज, सुविधाजनक, समावेशी और रोगी-हितैषी बन गया है। अस्पताल पंजीकरण सुगम बनाने के अतिरिक्‍त, यह सेवा डिजिटल स्वास्थ्य पारितंत्र के आरंभिक चरण का भी कार्य करती है, जिससे नागरिक अपने आभा से जुड़े डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड आसानी से देख और साझा कर सकते हैं।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, बिहार 7.30 करोड़ से अधिक स्कैन और रजिस्टर नामांकन के साथ देश में अग्रणी है, इसके बाद उत्तर प्रदेश (4.09 करोड़), आंध्र प्रदेश (3.38 करोड़) और जम्मू-कश्मीर (1.39 करोड़) का स्थान है। राज्यों में व्यापक रूप से अपनाई गई यह प्रणाली एबीडीएम-सक्षम डिजिटल सेवाओं के सफल कार्यान्वयन को दर्शाती है।

सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में, 54.29 लाख से अधिक पंजीकरण के साथ एम्स नई दिल्ली स्कैन और रजिस्टर सर्वाधिक रहा है। इसके बाद एम्स भोपाल (29.10 लाख), एम्स भुवनेश्वर (23.93 लाख), एम्स पटना (19.62 लाख) और एम्स रायपुर (18.63 लाख) का स्थान है। ये संस्थान नियमित स्वास्थ्य सेवा में एबीडीएम-सक्षम डिजिटल सेवाओं के सफल इस्‍तेमाल के उदाहरण हैं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा  कि स्कैन एंड रजिस्टर द्वारा बाह्य रोगी विभाग-ओपीडी में 25 करोड़ से अधिक पंजीकरण भारत के डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र में लोगों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। स्वास्थ्य सेवा के सबसे आम संपर्क बिंदुओं में से एक, ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया के सरलीकरण ने मरीजों की सुविधा काफी बढ़ा दी है। इससे स्वास्थ्य दक्षता में भी सुधार हुआ है। यह उपलब्धि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की परिवर्तनकारी क्षमता दर्शाती है, जो एक अंतरसंचालनीय, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र स्‍थापित कर रही है और देश भर में स्वास्थ्य सेवा में सुधार ला रही है।

स्कैन एंड रजिस्टर अब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स, केंद्रीय सरकारी अस्पतालों, राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, उप-जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, विशेषज्ञ अस्पतालों, ट्रस्ट अस्पतालों, ईएसआईसी अस्पतालों, रेलवे अस्पतालों और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं सहित व्यापक तौर पर कार्यान्वित है, जिससे विभिन्न स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लोगों को निर्बाध डिजिटल ओपीडी पंजीकरण का लाभ मिल रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण देशभर में नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को निरंतर सुदृढ बना रहा है। एबीडीएम-आधारित समाधानों के अधिक से अधिक स्वास्थ्य संस्‍थानों द्वारा अपनाने से लोगों को तेजी से पंजीकरण, डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों तक सुरक्षित पहुंच और निर्बाध डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। 25 करोड़ स्कैन और रजिस्टर पंजीकरण प्रत्‍येक नागरिक के लिए जुड़ाव भरा अंतरप्रचालनीय और डिजिटल सशक्त स्वास्थ्य सेवा प्रणाली निर्मित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विस्तृत जानकारी के लिए, एबीडीएम डैशबोर्ड पर जाएं: https://dashboard.abdm.gov.in/abdm/ । स्कैन और रजिस्टर करने के लिए कोई भी व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड-पीएचआर ऐप डाउनलोड कर सकते हैं: https://abdm.gov.in/our-partners/PHR

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