पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मानेसर में हरियाणा के 77वें वन महोत्सव समारोह में भाग लिया; एक पौधा भी लगाया

वन महोत्सव महज एक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति अपना कर्ज चुकाने का अवसर है : नायब सिंह सैनी,  मुख्यमंत्री, हरियाणा

श्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्र की सिफारिशों पर सक्रिय रूप से काम करने के लिए हरियाणा को बधाई दी

प्रविष्टि तिथि: 07 AUG 2026 2:14PM by PIB Delhi

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज मानेसर में आयोजित हरियाणा के 77वें वन महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य हस्तियों में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, राज्य पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, जन प्रतिनिधि और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरुग्राम को न केवल मिलेनियम सिटी बल्कि ग्रीन सिटी बनाने के प्रयासों के लिए हरियाणा राज्य सरकार को बधाई दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार की सिफारिशों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। श्री यादव ने हाल ही में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ियों, विशेषकर हरियाणा की लड़कियों को भी बधाई दी।

श्री यादव ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले हरियाणा में वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा की थी और यह जानकर खुशी हुई कि राज्य सरकार ने उनकी सिफारिशों पर ध्यान दिया है और उन सिफारिशों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। इन सिफारिशों में अन्य बातों के अलावा, आवासीय सोसाइटियों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन, उद्योगों में ऑनलाइन निरंतर उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) की स्थापना, स्मार्ट यातायात प्रबंधन का कार्यान्वयन और हरियाली गतिविधियों का संचालन शामिल था। श्री यादव ने मृदा संरक्षण और जलस्तर को बनाए रखने के लिए घास के मैदानों और वन क्षेत्रों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि इस दिशा में राज्य में अच्छा काम किया गया है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधरोपण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपने ऋण को चुकाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जहां दुनिया आज पर्यावरण संरक्षण की बात करती है, वहीं भारत ने हजारों साल पहले प्रकृति को पूजा का दर्जा दिया था।

श्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' का मार्गदर्शक मंत्र दिया है, जिसके तहत इस वर्ष राज्य में 1.4 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है और विभिन्न हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को फिर से हरा-भरा बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के वन महोत्सवों की प्रमुख विशेषता यह है कि हरियाणा के सभी जिलों में एक साथ जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों में राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक, बोर्ड और निगमों के अध्यक्ष, उपायुक्त और संबंधित जिलों के अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इससे पहले कार्यक्रम के दौरान, गणमान्य व्यक्तियों ने पौध लगाए, 'एक पेड़ मां के नाम' की शपथ दिलाई और दो प्रकाशनों - 'हरियाणा फॉरेस्ट न्यूज' और 'एक पेड़ मां के नाम' का विमोचन किया। इस दौरान 'स्वच्छ हरियाणा, हरित हरियाणा' विषय पर आयोजित प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए।

 

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पीके/केसी/एके/एनजे


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