संस्‍कृति मंत्रालय
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केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 'हर घर तिरंगा 2026' अभियान का शुभारंभ किया; यह राष्ट्रव्यापी अभियान 9 से 17 अगस्त, 2026 तक चलाया जाएगा

यह अभियान जन-आंदोलन के रूप में पांच साल पूरे कर रहा है; यह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने को समर्पित है

नई पहल ‘सूर्यपथ तिरंगा’के माध्यम से दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों को जोड़ा जाएगा; विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को पूरे देश में मनाया जाएगा

प्रविष्टि तिथि: 06 AUG 2026 9:28PM by PIB Delhi

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रव्यापी 'हर घर तिरंगा 2026' अभियान का शुभारंभ किया, जो 9 से 17 अगस्त 2026 तक पूरे देश में चलाया जाएगा। यह अभियान, जो भारत के सबसे बड़े जनभागीदारी आंदोलनों में से एक बन चुका है, नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज को गर्व से फहराने और देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता की भावना का जश्न मनाने वाली विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान करता है। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (एक्सपी) और आधिकारिक प्रवक्ता श्री रणधीर जायसवाल और आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी भी उपस्थित थे।

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नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 2022 में शुरू हुआ 'हर घर तिरंगा' अभियान एक वार्षिक राष्ट्रीय परंपरा बन गया है, जिसमें करोड़ों नागरिक हर स्वतंत्रता दिवस पर स्वेच्छा से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। उन्होंने आगे कहा कि 'हर घर तिरंगा' अब केवल ध्वजारोहण अभियान से कहीं अधिक व्यापक हो गया है और सामुदायिक भागीदारी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, विरासत संबंधी गतिविधियों और डिजिटल सहभागिता से प्रेरित एक राष्ट्रव्यापी उत्सव में तब्दील हो गया है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि हर घर तिरंगा आज एक सच्चा जन आंदोलन बन गया है, जिसे पूरे देश में अपार उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा सिर्फ एक राष्ट्रीय ध्वज से कहीं अधिक है; यह भारत की एकता, गौरव और सामूहिक राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा उन अनगिनत वीर पुरुषों और महिलाओं के साहस और बलिदान का प्रतीक है जिन्होंने देश की रक्षा की और इसकी सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी। श्री शेखावत ने इस बात पर जोर दिया कि तिरंगा समाज के क्षेत्र या वर्ग की परवाह किए बिना हर भारतीय को प्रेरित करता है और कहा कि यह अभियान नागरिकों को 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष का हर घर तिरंगा अभियान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के साथ मनाया जा रहा है, जिससे उत्सव और भी अधिक सार्थक हो जाता है और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी को प्रेरित करता है।

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इस वर्ष का अभियान भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को समर्पित है, जो देशभक्ति के अनूठे उत्सव में राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत को एक साथ लाता है। पूरे देश में हर घर तिरंगा समारोहों में वंदे मातरम का सामूहिक गायन एक अभिन्न अंग होगा। नागरिकों को राष्ट्रीय गीत का सही गायन सिखाने के लिए, संस्कृति मंत्रालय ने पांच चरणों वाला एक ऑनलाइन ट्यूटोरियल विकसित किया है, जो समर्पित वेबसाइट और हर घर तिरंगा पोर्टल पर उपलब्ध होगा। इस वर्ष 'सेल्फी विद तिरंगा' फीचर में वंदे मातरम के बोल और धुन शामिल होंगे, जबकि हर घर तिरंगा प्रदर्शनियों में राष्ट्रीय गीत के इतिहास को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने हर घर तिरंगा 2026 के अंतर्गत एक प्रमुख पहल, सूर्यपथ तिरंगा के शुभारंभ की भी घोषणा की। एक प्रतीकात्मक वैश्विक तिरंगा रिले के रूप में परिकल्पित यह पहल उगते सूरज के पथ का अनुसरण करेगी। पूर्वी भारत के किसी दूतावास या चौकी से सूर्योदय के समय शुरू होकर, राष्ट्रीय ध्वज को पूर्व से पश्चिम की ओर क्रमानुसार फहराया जाएगा, जो प्रतीकात्मक रूप से दिन के उजाले के साथ विश्व भर में यात्रा करेगा। यह पहल भारत की स्वतंत्रता के उत्सव में भारतीय दूतावासों और वैश्विक भारतीय समुदाय की भागीदारी को उजागर करती है।

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स्वतंत्रता दिवस समारोह के अंतर्गत 14 अगस्त को पूरे देश मेंविभाजन विभीषिका स्मृति दिवसमनाया जाएगा, ताकि भारत के विभाजन के दौरान हुए कष्ट, पीड़ा और बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन को स्मरण किया जा सके। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौन मार्च, विभाजन पर प्रदर्शनियां, वृत्तचित्रों का प्रदर्शन और अन्य स्मारक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर एक खास क्विज़ भी माईगव (MyGov) प्लेटफ़ॉर्म पर लाइव है।

संस्कृति मंत्रालय दिल्ली, कोलकाता और अमृतसर में होने वाले प्रमुख आयोजनों का समन्वय करेगा। दिल्ली में 13 अगस्त को सोनम कालरा द्वारा एक नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद 14 अगस्त को विभाजन पर एक प्रदर्शनी, वृत्तचित्रों का प्रदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के नेतृत्व में एक मौन मार्च का आयोजन होगा। कोलकाता में न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में एक प्रदर्शनी, वृत्तचित्र प्रदर्शन और मौन मार्च सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, और इसी तरह के आयोजन राज्य भर के जिला मुख्यालयों में भी किए जाएंगे। अमृतसर में, हरपाल तिवाना सेंटर द्वारा नाट्य प्रदर्शन 'मित्तर प्यारे नु' के साथ-साथ एक प्रदर्शनी, वृत्तचित्र प्रदर्शन और मौन मार्च का आयोजन किया जाएगा। अमृतसर में केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत आयोजन का नेतृत्व करेंगे।

संस्कृति मंत्रालय ने नागरिकों को हर घर तिरंगा 2026 में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज को गर्व से फहराना, वंदे मातरम सीखना और गाना, सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेना और भारत की स्वतंत्रता की यात्रा को आकार देने वाले बलिदानों को याद करने में राष्ट्र के साथ शामिल होना शामिल है।

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पीके/केसी/जीके


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