शिक्षा मंत्रालय
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उच्च शिक्षा में समय-सीमा में मान्यता एवं प्रमाणन सुधार

प्रविष्टि तिथि: 05 AUG 2026 6:15PM by PIB Delhi

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने डिजिटल एवं पारदर्शी प्रणालियों की दिशा में आगे बढ़ते हुए कई वेब पोर्टल एवं ऑनलाइन प्रणालियां विकसित की हैं। इसी प्रकार से, यूजीसी ने महाविद्यालयों को स्वायत्त दर्जा प्रदान करने, डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान करने, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) तथा भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) में ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो (डीईबी) हेतु पोर्टल विकसित किए हैं। हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के मद्देनजर, यूजीसी ने अब 2(एफ) और 12बी दर्जा प्रदान करने के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 की दृष्टिकोण के अनुसार, सरकार ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पेश किया है जो यह सुनिश्चित करता है कि उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए पूरे नियमन की प्रणाली तकनीक-संचालित 'सिंगल विंडो इंटरैक्टिव सिस्टम' के माध्यम से लागू की जाएगी और यह जनता द्वारा स्व-प्रकटीकरण पर आधारित होगी। ऐसी प्रणाली प्रक्रियाओं को आसान बनाएंगी, मनमानी को कम करेंगी और विश्वास को बढ़ावा देंगी जिससे दक्षता एवं जवाबदेही बढ़ेगी। इस विधेयक को वर्तमान में जांच के लिए संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजा गया है।

यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एके/डीके


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