कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
संसद प्रश्न: मिशन कर्मयोगी और आईजीओटी डिजिटल क्षमता विकास
प्रविष्टि तिथि:
05 AUG 2026 2:40PM by PIB Delhi
सरकार ने सिविल सेवा क्षमता विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) मिशन कर्मयोगी को सितंबर 2020 में 'नियम आधारित' से 'भूमिका आधारित' मानव संसाधन प्रणालियों में परिवर्तन लाने और भारतीय लोकाचार में निहित रहते हुए वैश्विक दृष्टिकोण वाले सिविल सेवकों का विकास करने के उद्देश्य से अनुमोदित किया था।
राष्ट्रीय नागरिक सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम–मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत स्थापित आईजीओटी कर्मयोगी मंच की पहुंच तेजी से बढ़ रही है। केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय/विभागों के साथ-साथ सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस मंच से जुड़ चुके हैं। विशेष प्रयोजन वाहन–कर्मयोगी भारत (केबी) ने क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) के साथ मिलकर मिशन कर्मयोगी के व्यवस्थित कार्यान्वयन के लिए 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.70 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हैं और यहां विभिन्न क्षेत्रों, कार्यात्मक और व्यवहारिक दक्षताओं से संबंधित 5600 से अधिक पाठ्यक्रम अंग्रेजी और हिंदी सहित 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। इससे व्यापक पहुंच सुनिश्चित होती है और यह क्षेत्रीय तथा भाषाई आवश्यकताओं के अनुरूप है। आईजीओटी पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से 1433 पाठ्यक्रम हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। आईजीओटी पोर्टल ने अब तक 14.29 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाणपत्र जारी किए हैं।
पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों पर 218 पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिन्हें सरकारी अधिकारियों को आवश्यक डिजिटल ज्ञान और कौशल से लैस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये पाठ्यक्रम शिक्षा और कौशल विकास, कार्यालय उत्पादकता, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, एआई सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर केंद्रित हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए 73 करोड़ से अधिक नामांकन और 33 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण होने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।
व्यक्तिगत शिक्षण, दक्षता मानचित्रण और पाठ्यक्रम अनुशंसाओं में एआई को शामिल करने के उद्देश्य से, आईजीओटी एआई ट्यूटर, आईजीओटी एआई सारथी और आई-सीबीपी टूल जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। एआई के उपयोग से, 11 प्रमुख भारतीय भाषाओं में सभी पाठ्यक्रमों के लिए उपशीर्षक और लिखित प्रतिलेख भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
वर्ष 2025-26 से, सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं (एआईएस) के अधिकारियों के लिए आईजीओटी पर निर्धारित पाठ्यक्रम प्रतिवर्ष पूरा करना अनिवार्य है, जिसे क्षमता विकास को मानव संसाधन प्रबंधन से जोड़ने के उद्देश्य से उनकी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (एपीएआर) में दर्ज किया जाता है।
पोर्टल पर ज़िलावार जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, ओडिशा राज्य के अधिकारी/कर्मचारी अपने क्षमता विकास कौशल को बढ़ाने के लिए आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। योजना के व्यवस्थित कार्यान्वयन के लिए ओडिशा राज्य, केबी और सीबीसी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। आज तक, ओडिशा सरकार के 4,31,725 अधिकारियों/कर्मचारियों को पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है और कुल 31,72,167 पाठ्यक्रम पूरे किए गए हैं। आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर सभी पाठ्यक्रम पंजीकृत सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/जेके/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2294926)
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