पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
महाराष्ट्र में बंदरगाहों का विकास और आधुनिकीकरण
प्रविष्टि तिथि:
04 AUG 2026 3:36PM by PIB Delhi
भारत में विशेष रूप से पश्चिमी तट पर मालवाहक और कंटेनर यातायात में अनुमानित वृद्धि को देखते हुए सरकार ने गहरे पानी के बंदरगाह की आवश्यकता का आकलन किया है। पालघर जिले में हर मौसम के अनुकूल, नए सिरे से निर्मित गहरे पानी के बंदरगाह के रूप में वधावन बंदरगाह का विकास किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19 जून 2024 को 76,220 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर इस परियोजना को स्वीकृति दी थी। निर्माण पूरा होने पर बंदरगाह की कुल माल ढुलाई क्षमता 298 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष होने की उम्मीद है।
वधावन बंदरगाह से महाराष्ट्र में समुद्री अवसंरचना, व्यापार प्रतिस्पर्धा, परिवहन और आपूर्ति संबंधी दक्षता, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। वधावन बंदरगाह के विकास के लिए शुरू की गई आधुनिकीकरण और संपर्क संबंधी परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य में आधुनिकीकरण और बंदरगाह संपर्क के लिए शुरू की गई अन्य परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।
अनुलग्नक-I
वधावन बंदरगाह के विकास के लिए शुरू की गई आधुनिकीकरण और संपर्क परियोजनाओं का विवरण
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क्र.सं.
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परियोजना/घटक
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अनुमानित लागत
करोड़ रुपये में
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1
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तटीय क्षेत्र को पुनः उपयोग योग्य बनाना और तट संरक्षण कार्य
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1648
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2
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10.14 किलोमीटर लंबे ब्रेकवाटर का निर्माण
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5,301.26
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3
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पीपीपी-एचएएम के तहत अपतटीय भूमि सुधार
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20,647
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4
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एनएचएआई की ओर से समर्पित सड़क संपर्क (32.74 किमी)
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2,528.76
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5
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पश्चिमी रेलवे की ओर से समर्पित रेल संपर्क (22.22 किमी)
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1,765
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6
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जल आपूर्ति अवसंरचना
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328
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7
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विद्युत आपूर्ति अवसंरचना
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320
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अनुलग्नक - II
महाराष्ट्र राज्य में आधुनिकीकरण और बंदरगाह संपर्क के लिए शुरू की गई अन्य परियोजनाओं का विवरण
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क्रम संख्या
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परियोजना
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परियोजना लागत
करोड़ रुपये में
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1
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पीर पाउ में तीसरे रासायनिक बर्थ का निर्माण
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161
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2
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मैलेट बंडर मछली पकड़ने के बंदरगाह पर नए मछली पकड़ने के घाट का विकास
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96.60
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3
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इंदिरा डॉक स्थित मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल (एमआईसीटी) का आधुनिकीकरण, विकास, संचालन और रखरखाव
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363.85
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4
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समुद्री तेल टर्मिनल पर एससीएडीए और पीएलसी स्वचालन प्रणाली
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22.77
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5
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पालघर जिले में खरवाडेश्वरी जेटी तक जाने वाली पहुंच सड़क का निर्माण
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15.00
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6
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नारंगी जेटी तक जाने वाली सड़क का निर्माण
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29.41
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7
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मुंबई बंदरगाह के पीर पाउ टर्मिनल पर अग्निशमन सुविधाओं में वृद्धि
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52.69
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सरकार की ओर से महाराष्ट्र के प्रमुख बंदरगाहों के आधुनिकीकरण, मशीनीकरण, क्षमता वृद्धि और संपर्क में सुधार के लिए किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण की कुल क्षमता बढ़कर 175.87 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष और मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण की 88.66 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई है। गैर-प्रमुख बंदरगाहों के संबंध में संबंधित राज्य सरकारों और निजी बंदरगाह संचालकों की ओर से निवेश किया गया है और महाराष्ट्र के अन्य गैर-प्रमुख बंदरगाहों की कुल मिलाकर माल ढुलाई क्षमता 130.75 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंच गई है।
इन पहलों से भारत के आयात-निर्यात व्यापार को मजबूती मिलने, सड़क और रेल संपर्क को बेहतर बनाकर परिवहन और आपूर्ति दक्षता में सुधार होने, तटीय जल परिवहन को बढ़ावा मिलने, विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम होने, बंदरगाह आधारित उद्योगों तथा परिवहन और आपूर्ति संबंधी अवसंरचना के विकास में सहायता मिलने और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/केके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2294337)
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