श्रम और रोजगार मंत्रालय
ई-श्रम पोर्टल का कार्यान्वयन
अभी तक असंगठित क्षेत्र के 31.82 करोड़ से अधिक श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं
प्रविष्टि तिथि:
03 AUG 2026 5:32PM by PIB Delhi
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म वर्कर, प्रवासी श्रमिकों इत्यादि सहित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बड़े राष्ट्रीय डेटाबेस (एनडीयूडब्ल्यू) का निर्माण करने के लिए 26 अगस्त 2021 को ई-श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) का शुभारंभ किया। ई-श्रम पोर्टल पर गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर सहित असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों का पंजीकरण किया जाता है और उन्हें स्व-घोषणा के आधार पर विशिष्ट पहचान संख्या के रूप में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएनएन) दिया जाता है।
ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के 31.82 करोड़ से अधिक श्रमिक पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 2024-25 के बजट में की गई घोषणा के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए 21 अक्टूबर 2024 को ई-श्रम–“एक ही स्थान पर समाधान” की सुविधा का शुभारंभ किया। इसमें सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की अलग-अलग योजनाओं को एक ही पोर्टल पर एक साथ लाना शामिल है। इससे ई-श्रम पर पंजीकृत असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच हो सकती है और इसके माध्यम से वे अब तक ई-श्रम से मिले लाभों की जानकारी ले सकते हैं।
अब तक अलग-अलग केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की पंद्रह (15) योजनाओं को ई-श्रम के साथ जोड़ा जा चुका है ताकि ई-श्रम कार्डधारकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ और उन तक पहुंच हासिल हो सके। इनमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएमएसवीएनिधि), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी (वीबी-जीरामजी), प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण(पीएमएवाई-जी), आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई), प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (पीएमएवाई-यू), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान), एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) आदि शामिल हैं।
उपरोक्त के अतिरिक्त, ई-श्रम का रोजगार के अवसरों के लिए नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस), कौशल विकास के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच), पेंशन के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएम-एसवाईएम) तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के कन्वर्जेंस पोर्टल के साथ संपर्क है जिससे ई-श्रम कार्डधारी अतिरिक्त सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
ई-श्रम पोर्टल में पंजीकरण केवल आधार से जुड़े ई-केवाईसी से पहचान की पुष्टि के बाद ही किए जाते हैं। इस प्रक्रिया से दोहरे या धोखाधड़ी से कराए जाने वाले पंजीकरण को असरदार तरीके से रोकना सुनिश्चित होता है। इसके अतिरिक्त, आंकड़ों की प्रामाणिकता और सटीकता बनाए रखने के लिए नाम, लिंग, जन्म तिथि, स्थायी पता और फ़ोटोग्राफ़ जैसी आवश्यक जानकारियां सीधे यूआईडीएआई से ली जाती हैं। एक साथ ये कदम पोर्टल की शुचिता को सुरक्षित रखते हैं और किसी भी प्रकार के गलत इस्तेमाल को रोकते हैं।
ई-श्रम पहल के अंतर्गत पंजीकरण में वृद्धि और यह सुनिश्चित करने के लिए कि पिछड़े ज़िलों सहित सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में अधिकाधिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को शामिल किया जा सके, सरकार ने एक व्यापक रणनीति अपनाई है। वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्व-पंजीकरण के अतिरिक्त श्रमिकों के लिए पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से समान्य सेवा केन्द्र(सीएससी), राज्य सेवा केंद्र (एसएसके) और उमंग प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकरण में सहायता के तरीके शुरू किए गए हैं। श्रम और रोज़गार मंत्रालय लक्षित जागरुकता अभियान चला रहा है जिसमें पंजीकरण अभियान, समुदायों तक पहुंच के कार्यक्रम और स्थानीय स्तर पर संवाद के प्रयास शामिल हैं। मंत्रालय श्रमिकों तक पहुंच को और सुदृढ़ करने के लिए वीडियो, ट्यूटोरियल और जानकारी प्रदान करनेवाली अन्य सामग्री के प्रसार के लिए सोशल मीडिया चैनल्स का इस्तेमाल करता है, जिससे इस पहल तक पहुंच अधिक आसान और आकर्षक बन जाती है।
केंद्रीय श्रम और रोज़गार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/केके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2294182)
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