कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

कौशल विकास पारितंत्र का विस्तार

प्रविष्टि तिथि: 03 AUG 2026 4:08PM by PIB Delhi

भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता  मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के जरिए देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशलों से सुसज्जित करके भविष्य के लिए तैयार करना है।

सरकार ग्रामीण, जनजातीय और आकांक्षी जिलों सहित पूरे देश में प्रशिक्षण के अवसरों का विस्तार करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, जिसके लिए अधिक प्रशिक्षण अवसंरचना को प्रोत्साहित किया जा रहा है, अल्पसेवित क्षेत्रों को बेहतर ढंग से कवर किया जा रहा है और राज्य कौशल विकास मिशनों के माध्यम से कौशलीकरण पहलों को सुदृढ़ किया जा रहा है।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा पीएमकेवीवाई 4.0 का एक स्वतंत्र तृतीय-पक्षीय प्रभाव मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण ने अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने में योगदान दिया है। प्रशिक्षण से पहले कार्यरत और स्व-रोजगार प्राप्त एसटीटी प्रतिभागियों का संयुक्त हिस्सा 26.6 प्रतिशत था, जो पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4 प्रतिशत हो गया, जो 18.8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्शाता है। आय संबंधी परिणाम भी सकारात्मक हैं, जिसमें 41.4 प्रतिशत एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9 प्रतिशत पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद आय में वृद्धि दर्ज की है। कुल मिलाकर, पीएमकेवीवाई 4.0 ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन तक पहुंच को काफी हद तक बढ़ाया है और लाभार्थियों के एक बड़े हिस्से के लिए कौशल आत्मविश्वास, रोजगार भागीदारी और आय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

इसके अलावा, पीएमकेवीवाई के अंतर्गत, नामांकित उम्मीदवारों को पीएमकेवीवाई दिशानिर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण चक्र में विभिन्न प्रक्रियाएं लागू की गई हैं। ये प्रक्रियाएं प्रशिक्षण केंद्रों और उम्मीदवारों के कौशल विकास की प्रगति की समवर्ती निगरानी में सहायक हैं। कुछ प्रमुख पहलों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  1. पीएमकेवीवाई योजना के अंतर्गत उम्मीदवारों का नामांकन आधार आधारित है ताकि योजना फर्जी नामांकन न हों।
  2. आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) के माध्यम से उम्मीदवारों की दैनिक उपस्थिति की निगरानी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान उपस्थिति दर्ज करने के लिए उम्मीदवारों और प्रशिक्षकों के टैब/फोन में एईबीएएस एप्लिकेशन स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षण केंद्रों को भुगतान को उपस्थिति से जोड़ा गया है। हाल ही में बायोमेट्रिक प्रणाली की जगह फ़ेस ऑथेंटीफिकेशन प्रणाली लगा दी गई है।
  3. कॉल सत्यापन और केन्द्रों के औचक दौरों के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों और उम्मीदवारों के कौशल विकास की प्रगति की साथ-साथ निगरानी किया जाया।
  4. प्रशिक्षण केंद्रों को परिणाम आधारित भुगतान।
  5. निगरानी समिति द्वारा उचित जांच के बाद पाई गई कमियों के आधार पर गैर-अनुपालन करने वाली संस्थाओं को दंडित करने के लिए एक दंड प्रणाली तैयार की गई है। गंभीर गैर-अनुपालन या किसी अनैतिक गतिविधि जैसे कि रिश्वत देना, निरीक्षक/मूल्यांकनकर्ता को धमकाना आदि मामलों में, प्रशिक्षण केंद्र को छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है या कौशल इको सिस्टम से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी ने आज लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में यह जानकारी दी।

****

पीके/केसी/एसकेएस/केके


(रिलीज़ आईडी: 2293919) आगंतुक पटल : 77
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil