महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को छह सेवाएं प्रदान की जाती है
आहार में विविधता लाने और पौष्टिक स्थानीय उत्पादों के सेवन को प्रोत्साहित करने के लिए, आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं
प्रविष्टि तिथि:
31 JUL 2026 2:07PM by PIB Delhi
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 केंद्र प्रायोजित योजना है। इस मिशन के अंतर्गत, आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को छह सेवाओं का एक पैकेज प्रदान किया जाता है, जिनमें पूरक पोषण (एसएनपी), पूर्व-विद्यालय अनौपचारिक शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं शामिल हैं। इन छह सेवाओं में से तीन, अर्थात् टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं स्वास्थ्य से संबंधित हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। ये सेवाएं आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र पंजीकृत लाभार्थियों, अर्थात् 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को देश भर में तथा राज्यों के आकांक्षी जिलों और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के सभी जिलों में 14 से 18 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों को प्रदान की जाती हैं।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, सरकारी भवनों में स्थित दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) को 15वें वित्त आयोग चक्र में बेहतर पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रदान करने के लिए सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में स्वीकृत किया गया है। सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों को एलईडी स्क्रीन, जल शोधन प्रणाली, पोषण वाटिका, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसी) सामग्री और भवन को शिक्षण सहायक (बाला) पेंटिंग जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उत्तर प्रदेश राज्य के लिए कुल 23,697 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दी गई है, जिसमें गाजियाबाद जिले के 206 आंगनवाड़ी केंद्र भी शामिल हैं।
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायकों को 0-6 आयु वर्ग के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों की विकास निगरानी और कम से कम 60 प्रतिशत नियोजित गृह मुलाकात पूरा करने के लिए क्रमशः 500 और 250 रुपये प्रति माह की दर से प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षकों और ब्लॉक समन्वयकों के लिए स्मार्ट फोन की खरीद हेतु धनराशि जारी करता है। इसका उद्देश्य पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन में सभी लाभार्थियों के पंजीकरण, डेटा एंट्री, ट्रैकिंग और निगरानी करना है। वृद्धि निगरानी उपकरणों (लंबाई और ऊंचाई मापने के लिए शिशुमापी और स्टेडिमीटर, लाभार्थियों के वजन मापने के लिए नवजात शिशु वजन यंत्र और मातृ एवं शिशु वजन यंत्र) के लिए भी धनराशि जारी की जाती है। केंद्र सरकार लागत-साझाकरण के आधार पर प्रति स्मार्ट फोन 10,000 रुपये + जीएसटी और 4 जीएमडी के सेट के लिए 8,000 रुपये प्रदान करती है। योजना के तहत पंजीकृत सभी बच्चों की लंबाई/ऊंचाई और वजन की वृद्धि मापन एक आवश्यक घटक है, जिससे उनकी सामान्य, अल्प वजन, बौनापन, गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) या मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) की स्थिति का पता लगाया जा सके। पोषण ट्रैकर ऐप ने मंत्रालय को विभिन्न मापदंडों पर योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार करने में सक्षम बनाया है। इससे आंगनवाड़ी सेवाओं जैसे कि आंगनवाड़ी केंद्रों का खुलना, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, प्राथमिक एवं बाल्यावस्था शिक्षा (ईसीई) गतिविधियां, बच्चों की वृद्धि की निगरानी, गर्म ताजा भोजन (एचसीएम) और घर ले जाने वाला राशन (टीएचआर) उपलब्ध कराना, वृद्धि मापन आदि के लिए लगभग वास्तविक समय में डेटा संग्रह की सुविधा मिली है।
इस मिशन का एक प्रमुख घटक पोषण वाटिकाओं या देश भर में स्थापित पोषण उद्यानों के माध्यम से सही पोषण को बढ़ावा देना है, ताकि फल, सब्जियां, औषधीय पौधे और जड़ी-बूटियां आसानी से और किफायती तौर पर उपलब्ध हो सकें। आहार विविधता और पौष्टिक स्थानीय उत्पादों के सेवन को प्रोत्साहित करने के लिए, आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिकाओं को विकसित किया गया है।
पोषण वाटिकाएं साल भर विभिन्न प्रकार के फल, मेवे, जड़ी-बूटियां, औषधीय पौधे और सब्जियां उपलब्ध कराकर आहार विविधता की उस महत्वपूर्ण कमी को पूरा करने में मदद करती हैं, जो कई सर्वेक्षणों में बार-बार सामने आई है। पोषण वाटिका की अवधारणा को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य समुदाय के सदस्यों को अपने घरों के पिछवाड़े में स्थानीय खाद्य फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। एक पोषण उद्यान ताजे फल और सब्जियों की सस्ती, नियमित और सुविधाजनक आपूर्ति सुनिश्चित करता है, जो अच्छे पोषण के लिए आवश्यक हैं। हरी सब्जियों और मौसमी फलों में विटामिन और खनिज होते हैं जो सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और बीमारियों से रक्षा करते हैं।
यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
***********
पीके/केसी/एके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2292444)
आगंतुक पटल : 70