गृह मंत्रालय
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राष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि‍-पत्र

प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 3:24PM by PIB Delhi

अवैध मादक पदार्थों की तस्करी तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 26.06.2026 को मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि-पत्रजारी किया गया। इस दृष्टि, पत्र को संबंधि‍त केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों/एजेंसियों तथा राज्‍य सरकारों/केन्‍द्र शासित द्वारा प्रत्‍येक केंद्रीय मंत्रालय/विभाग/एजेंसी के लिए विशेष रूप से निर्धारित कार्य बिन्‍दुओं एवं समयसीमा के अनुसार लागू किया जाएगा। दृष्टि पत्र में निम्‍नलिखत चार प्रमुख फोकस क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं:-

  1. प्रवर्तन (खुफिया जानकारी और अभियान
  2. प्रीकर्सर रसयनों एवं कृत्रिम मादक पदार्थों का नियंत्रण
  3. मांग एवं हानि न्यूनीकरण
  4. क्षमता निर्माण एवं समन्वय

असम और आंध्र प्रदेश सहित सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विशिष्ट कार्य-बिंदुओं और उनकी समयसीमा का विस्तृत विवरण दृष्‍टि‍-पत्र में दिया गया है। इसके अतरिक्‍त, यह भी परिकल्पि‍त किया गया कि राज्य एवं जिले दृष्‍ट‍ि पत्र में उल्लिखित राष्ट्रीय कार्य योजना के अनुरूप मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए अपनी 3 वर्षीय कार्य योजना तैयार करेंगे।

मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि-पत्र (2026-2029) क्षमता निर्माण, जन-जागरूकता तथा निवारक हस्‍तक्षेपों के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क प्रस्तुत करता है। इसमें राज्यों, मादक पदार्थ निरोधक कार्यबल (एएनटीएफ), फोरेंसिक प्रयोगशालाओं तथा स्‍वापक नियंत्रण ब्‍यूरो (एनसीबी) की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने तथा नार्को-समन्‍वय केन्‍द्र (एनसीओआरडी) तंत्र के माध्यम से विभिन्‍न -एजेंसि‍यों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।

इसके अतिरिक्त, मांग और हानि न्यूनीकरण के अंतर्गत दृष्टि-पत्र शैक्षणिक संस्‍थानों और समुदायों में बडे पैमाने पर जागरूकता और निवारक पहलों के माध्‍यम से नशा मुक्‍त भारत अभियान को मजबूत करने का प्रयास करता है। इनमें जागरूकता अभियान, शिक्षकों, परामर्शदाताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों का प्रशिक्षण, नशामुक्त परिसरों का संवर्धन, छात्र कल्याण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में सहमति आधारित जांच, मादक पदार्थ निरोधक सम‍ितियों की स्‍थपना, मादक पदार्थ निरोधक अधिकारियों की नियुक्ति और सरकार में विभिन्‍न मंत्रालयों के माध्‍यम से शीघ्र पहचान, परामर्श और रेफरल के लिए संस्थागत तंत्र शामिल हैं।

इस दृष्टि-पत्र में मादक पदार्थों के दुरूपयोग की राकेथाम पर कानून प्रवर्तन अधिकारियों, फोरेंसिक विशेषज्ञों, स्वास्थ्य पेशेवरों, शिक्षकों के प्रशिक्षण और छात्रों एवं न्यायिक अधिकारियों के संवेदनशील बनाने की परिकल्पना की गई है।

केन्‍द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आईएम/एम  


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