सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं, रोजगार सृजन में वृद्धि और भारत के औद्योगिक परिवेश में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों की भागीदारी में मदद कर रही है
एनएसएसएच अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को सशक्त बना रहा है: समावेशी विकास के लिए प्रौद्योगिकी, क्षमता और बाजार पहुंच को सक्षम कर रहा है
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 4:19PM by PIB Delhi
एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना (एनएसएसएच) योजना आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग को सक्षम करके, व्यावसायिक क्षमताओं को बढ़ाकर और सार्वजनिक क्रय में अधिक भागीदारी की सुविधा प्रदान करके एससी-एसटी उद्यमियों की प्रतिस्पर्धात्मकता को सशक्त बनाना जारी रखे हुए है। यह योजना विशेष क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (एससीएलसीएसएस) और बिजनेस एक्सेलेरेशन प्रोग्राम (बीएपी) जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमों को अपनी परिचालन बाधाओं को दूर करने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने, अनुपालन बढ़ाने और बड़े संस्थागत बाजारों तक पहुंचने में सहायता कर रही है।
- आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने के माध्यम से इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता: वरुण एंटरप्राइजेज, पंजाब की यात्रा
श्री हुकुम चंद के नेतृत्व में वरुण एंटरप्राइजेज ने विश्वसनीय, उच्च गुणवत्ता वाले औद्योगिक समाधान प्रदान करके इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र में सशक्त उपस्थिति स्थापित की है। उद्यम ने सटीकता, गुणवत्ता और अनुपालन पर ध्यान देने के साथ संस्थागत और सरकारी खरीदारों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लगातार अपनी क्षमताओं का निर्माण किया।
क्षमता संबंधी कमियों को दूर करना
जैसे-जैसे उद्यम का विस्तार होता है, वैसे-वैसे उत्पादकता बढ़ाने, प्रक्रिया को पूरा करने वाले समय को घटाने और विकसित बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उन्नत तकनीक को अपनाना आवश्यक हो गया है। इसलिए, राष्ट्रीय एससी-एसटी हब कार्यालय, लुधियाना के सहयोग से वरुण एंटरप्राइजेज ने 2021-22 के दौरान एससीएलसीएसएस के अंतर्गत 15.67 लाख रुपये की सहायता का लाभ उठाया। इस सहयोग से उन्नत विनिर्माण उपकरणों को लगाना संभव हुआ जिसमें फाइबर लेजर कटिंग सिस्टम, सीएनसी हाइड्रोलिक प्रेस ब्रेक, एयर कंप्रेसर, यूपीएस सिस्टम और सहायक विद्युत अवसंरचना शामिल हैं। उन्नत मशीनों ने उत्पादन दक्षता, सटीकता, गुणवत्ता और परिचालन संबंधी विश्वसनीयता में काफी वृद्धि की जिससे उद्यम को बड़ी खरीद में भाग लेने में मदद मिली।
इस सिलसिले में रेल डिब्बों में कनेक्शन बॉक्स की आपूर्ति के लिए मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ), रायबरेली से 95.99 लाख रुपये का क्रय ऑर्डर हासिल करना महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। इस उपलब्धि ने रेलवे के लिए गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग समाधान प्रदान करने में सक्षम विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में उद्यम की विश्वसनीयता को मजबूत किया।
दीर्घकालिक विकास के लिए बनी मजबूत स्थिति
वरुण एंटरप्राइजेज ने आधुनिक विनिर्माण क्षमताओं के साथ अधिक लाभदायक इंजीनियरिंग उत्पादों के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। एससीएलसीएसएस के अंतर्गत प्राप्त सहायता ने उद्यम को निरंतर विकास के लिए सुदृढ़ नींव रखते हुए सरकारी और संस्थागत बाजारों में नए अवसरों की खोज करने में सक्षम बनाया है।
- रणनीतिक क्षमता में वृद्धि के माध्यम से पेट्रोलियम लॉजिस्टिक्स में प्राप्त उत्कृष्टता: तमिलनाडु के राजू थंगावेलु की यात्रा
तिरुवल्लूर में श्री राजू थंगावेलु ने पेट्रोलियम लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में विश्वसनीय उद्यम का निर्माण किया है जिसे थोक ईंधन के परिवहन में विशेषज्ञता है। उद्यम ने कड़े सुरक्षा अनुपालन और परिचालन मानकों का लगातार पालन करके सरकारी क्रय में बढ़ती उपस्थिति के साथ खुद को विश्वसनीय सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित किया है।
विकास और अनुपालन संबंधी चुनौतियों को दूर करना
जैसे-जैसे इसकी सेवाओं की मांग बढ़ी, वैसे-वैसे इस उद्यम को तेल विपणन कंपनियों की सख्त सुरक्षा और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए बेड़े की क्षमता का विस्तार करने की चुनौती का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, उद्यम ने एससीएलसीएसएस के अंतर्गत 25 लाख रुपये की सहायता का लाभ प्राप्त किया। इस सहायता ने परिवहन बुनियादी ढांचे और सुरक्षा-अनुपालन प्रणालियों को उन्नत किया, बेड़े की क्षमता को मजबूत किया, परिचालन दक्षता में सुधार किया और सेवा की विश्वसनीयता में वृद्धि की जिससे उद्यम को अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करते हुए उद्योग संबंधी मानकों को पूरा करने में सक्षम बनाया जा सका।
सार्वजनिक क्रय में उपस्थिति का विस्तार
एससीएलसीएस से मिली सहायता ने उद्यम को सार्वजनिक क्रय के अनुकूल परिवेश में बड़े कार्यों को हासिल करने में सक्षम बनाया। अप्रैल 2026 में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) से परिवहन अनुबंध प्रदान करना इस सिलसिले में महत्वपूर्ण मील का पत्थर था जो उद्यम की बढ़ती विश्वसनीयता और लॉजिस्टिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर परिवहन कार्यों को निष्पादित करने की क्षमता को दर्शाता है।
- एकीकृत व्यापार सहायता के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा विनिर्माण में परिवर्तन: बीओआई (बी. ऑर्थो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड), झारखंड की यात्रा
रांची के श्री राहुल और श्रीमती दिव्या के नेतृत्व में बीओआई (बी. ऑर्थो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड)) ने कड़े स्वास्थ्य देखभाल मानकों को पूरा करने वाले गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को वितरित करके चिकित्सा और आर्थोपेडिक विनिर्माण क्षेत्र में खुद को स्थापित किया है। उद्यम ने सटीकता, अनुपालन और विश्वसनीयता पर दृढ़ता से ध्यान देने के साथ संस्थागत और सार्वजनिक क्षेत्र के बाजारों में लगातार अपनी प्रतिष्ठा बनाई है।

विकास के अगले चरण की राह खोलना
जैसे-जैसे उनके उत्पादों की मांग बढ़ी, वैसे-वैसे मशीनरी को अपग्रेड करने, परिचालन दक्षता और व्यावसायिक क्षमताओं में सुधार करने की आवश्यकता आवश्यक हुई। इसलिए, राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, रांची के सहयोग से इस उद्यम को एससीएलसीएस और बिजनेस एक्सेलेरेशन प्रोग्राम (बीएपी) दोनों से सहायता प्राप्त हुई। एससीएलसीएस ने उन्नत मशीनरी और उत्पादन अवसंरचना की स्थापना में सहायता की, जबकि बीएपी ने रणनीतिक परामर्श, व्यापार मार्गदर्शन और बाजार संपर्क प्रदान किया। बीओआई ने अपनी उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि की और अब प्रति दिन लगभग 50,000 जोड़ी लेटेक्स सर्जिकल दस्ताने बनाती है। बेहतर विनिर्माण दक्षता और गुणवत्ता मानकों ने उद्यम के कारोबार को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक दोगुना करने में मदद की जबकि इसके संचालन ने लगभग 60 प्रतिशत महिला कार्यबल की भागीदारी के साथ स्थानीय रोजगार का भी सृजन किया जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान हुआ।
समावेशी उद्यम विकास की एकसमान कहानी
वरुण एंटरप्राइजेज (पंजाब), राजू थंगावेलु (तमिलनाडु) और बीओआई (बी ऑर्थो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, झारखंड) की सफलता की कहानियां दर्शाती हैं कि कैसे लक्षित समर्थन उद्यमों को लचीले और प्रतिस्पर्धी व्यवसायों में बदल सकता है। अपनी क्षमताओं, परिचालन दक्षता में वृद्धि और सार्वजनिक क्रय प्रक्रिया में भाग लेने से एससी-एसटी उद्यम देश के समावेशी आर्थिक विकास में योगदान करने में सक्षम हुए हैं।
ये उदाहरण बताते हैं कि कैसे राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। यह योजना विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं, रोजगार सृजन में वृद्धि और भारत के औद्योगिक अनुकूल परिवेश में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों की भागीदारी में सहायता कर रही है।
भविष्य की ओर दृष्टि
जिस प्रकार भारत ने अपनी विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना जारी रखा है, उसको देखते हुए राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना प्रौद्योगिकी उन्नयन, क्षमता निर्माण, व्यापार को बढ़ाने और बाजार संपर्क के माध्यम से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वरुण एंटरप्राइजेज, राजू थंगावेलु और बीओआई की सफलता की कहानियां इसका उदाहरण हैं कि कैसे एकीकृत नीति समर्थन उद्यमशीलता की क्षमता को दीर्घकालिक व्यावसायिक सफलता में बदल सकता है जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में योगदान दे रहा है।
योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए https://www.scsthub.in/ पर जाएं
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पीके/केसी/केके/एचबी
(रिलीज़ आईडी: 2290598)
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