शिक्षा मंत्रालय
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नवोदय विद्यालयों में छात्रावासों का निर्माण

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 6:08PM by PIB Delhi

संलग्नक में जवाहर नवोदय विद्यालयों (एनवी) के स्थायी भवनों, जिनमें छात्रावास/डॉर्मिटरी भी शामिल हैं, के निर्माण का विवरण दिया गया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय (एनवी) के स्थायी भवनों, जिनमें छात्रावास भी शामिल हैं, का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। यह उपयुक्त भूमि की पहचान, प्रायोजक प्राधिकरणों की ओर से नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) के पक्ष में पट्टा संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करना, निर्माण एजेंसी की ओर से नक्शे एवं लागत अनुमान प्रस्तुत करना, धनराशि की उपलब्धता, आवश्यक अनुमोदन प्राप्त होना तथा विद्यालय के क्रमिक विस्तार जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है।

नवोदय विद्यालयों का निर्माण विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि तथा उपलब्ध अवसंरचना के प्रभावी उपयोग को ध्यान में रखते हुए चरण-ए, चरण-बी तथा चरण-बी (शेष) के रूप में तीन चरणों में किया जाता है। चरण-ए के अंतर्गत विद्यालय भवन, रसोई एवं भोजन कक्ष, आंशिक छात्रावास तथा आंशिक स्टाफ आवासों का निर्माण किया जाता है। चरण-बी के अंतर्गत शेष आंशिक छात्रावास तथा स्टाफ आवासों का निर्माण किया जाता है, जबकि चरण-बी (शेष) में वास्तविक आवश्यकता के अनुसार शेष छात्रावासों का निर्माण किया जाता है।

एनवीएस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में वर्ष 2023-24 के दौरान कांशीरामनगर (192 बिस्तर), हापुड़ (384 बिस्तर), शामली (192 बिस्तर), बदायूं (192 बिस्तर) तथा सुल्तानपुर (288 बिस्तर) के नवोदय विद्यालयों में छात्रावासों का निर्माण किया गया। वर्ष 2025-26 के दौरान गौतम बुद्ध नगर (24 बिस्तर) तथा सीतापुर-I (48 बिस्तर) के नवोदय विद्यालयों में छात्रावासों के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया है।

उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के उन नवोदय विद्यालयों का राज्य/केंद्रशासित प्रदेशवार विवरण, जहां पिछले तीन वर्षों के दौरान छात्रावासों का निर्माण प्रारंभ हुआ अथवा पूरा किया गया है, संलग्नक में दिया गया है।

यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

 

संलग्नक

27.07.2026 के लोकसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 1290 के भाग (क) से (घ) के उत्तर के संदर्भ में उल्लिखित संलग्नक, जिसे माननीय सांसद श्री रामभुआल निषाद ने नवोदय विद्यालयों में छात्रावासों के निर्माण के संबंध में पूछा है।

 

पिछले तीन वर्षों के दौरान नवोदय विद्यालयों में छात्रावासों (बिस्तरों) के निर्माण कार्य के प्रारंभ अथवा पूर्ण होने का राज्य/केंद्रशासित प्रदेशवार विवरण

(i) वर्ष 2023-24

क्र. सं.

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

डॉर्मिटरी (बिस्तरों) की संख्या

1.

अरुणाचल प्रदेश

1056

2.

बिहार

192

3.

छत्तीसगढ़

1824

4.

गुजरात

1728

5.

हिमाचल प्रदेश

192

6.

जम्मू और कश्मीर

2112

7.

कर्नाटक

288

8.

मध्य प्रदेश

480

9.

महाराष्ट्र

192

10.

मणिपुर

192

11.

मेघालय

288

12.

नागालैंड

288

13.

ओडिशा

240

14.

त्रिपुरा

384

15.

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

384

16.

उत्तर प्रदेश

1248

17

पश्चिम बंगाल

480

(ii) वर्ष 2024-25

क्र. सं.

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

डॉर्मिटरी (बिस्तरों की क्षमता)

1.

अरुणाचल प्रदेश

1248

2.

बिहार

384

3.

छत्तीसगढ़

576

4.

दिल्ली

480

5.

गुजरात

384

6.

जम्मू और कश्मीर

1176

7.

झारखंड

840

8.

कर्नाटक

192

9.

मध्य प्रदेश

384

10.

महाराष्ट्र

192

11.

मेघालय

696

12.

त्रिपुरा

240

13

पश्चिम बंगाल

384

(iii) वर्ष 2025–26

क्र. सं.

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

डॉर्मिटरी (बिस्तरों की क्षमता)

1.

आंध्र प्रदेश

168

2.

अरुणाचल प्रदेश

1632

3.

असम

480

4.

बिहार

480

5.

छत्तीसगढ़

336

6.

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव

72

8.

गुजरात

192

10.

जम्मू और कश्मीर

192

11.

झारखंड

312

12.

कर्नाटक

96

13.

मध्य प्रदेश

1464

14.

महाराष्ट्र

168

15.

मणिपुर

48

18.

ओडिशा

1704

19.

पुडुचेरी

24

20.

पंजाब

48

21.

सिक्किम

96

22.

तेलंगाना

48

25.

उत्तर प्रदेश

72

***

 

पीके/केसी/एके/एसएस


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