विधि एवं न्याय मंत्रालय
ई-कोर्ट और टेली-लॉ पहलों के तहत सरकार ने ओडिशा में डिजिटल न्याय और कानूनी सहायता के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया
प्रविष्टि तिथि:
25 JUL 2026 8:49PM by PIB Delhi
ई-कोर्ट्स मिशन मोड प्रोजेक्ट, टेली-लॉ कार्यक्रम, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) और ग्राम न्यायालय योजना के तहत ओडिशा राज्य सहित देश भर में पिछले तीन वर्षों के दौरान बजट अनुमानों, संशोधित अनुमानों और वास्तविक व्यय का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
ई-कोर्ट्स मिशन मोड प्रोजेक्ट चरण-III, एनएएलएसए और ग्राम न्यायालय के तहत स्वीकृत, जारी और उपयोग की गई धनराशि का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण अनुलग्नक-II में दिया गया है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ई-कमेटी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ओडिशा राज्य में गंजम और कंधमाल जिलों सहित 16 जिलों में 16 एडीआर केंद्रों का निर्माण किया गया है और वे कार्यरत हैं। बौध और नयागढ़ जिलों सहित शेष 14 जिलों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के कार्यालय में मध्यस्थता केंद्र काम कर रहे हैं।
ट्रैफिक चालानों के ऑनलाइन निस्तारण के लिए पूरे देश में 31 वर्चुअल (असिंक्रोनस कोर्ट्स) अदालतें स्थापित की गई हैं, जिनमें 1 अदालत ओडिशा में भी शामिल है।
ई-कोर्ट्स परियोजना, टेली-लॉ, कानूनी सहायता क्लीनिक एवं ग्राम न्यायालयों के अंतर्गत कंधमाल, बौध, नयागढ़ और गंजम सहित ओडिशा के विभिन्न जिलों में अदालतों की वर्तमान स्थिति का ब्योरा अनुलग्नक-III में संलग्न है।
स्वीकृत परिव्यय और कोष की उपलब्धता के आधार पर, ओडिशा के सभी जनजातीय तथा आकांक्षी जिलों सहित पूरे देश में अतिरिक्त न्यायिक अवसंरचना, वर्चुअल कोर्ट्स, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों और कानूनी सहायता सुविधाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। अदालत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के तहत वित्तीय सहायता दी जाती है। मुकदमेबाज़ी से पहले कानूनी सलाह (प्री-लिटिगेशन एडवाइस) प्रदान करने के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से टेली-लॉ सेवाएं उपलब्ध हैं। ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत ई-फाइलिंग, ई-पे, वर्चुअल कोर्ट्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी) जैसी डिजिटल सेवाएं लागू की गई हैं। इसके अलावा, कानूनी सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जाती है, जबकि विवादों के शीघ्र समाधान के लिए लोक अदालतों और मध्यस्थता सहित वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तंत्र को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अनुलग्नक - I देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
अनुलग्नक - II देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
अनुलग्नक - III देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
यह जानकारी केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2289526)
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