स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
स्वास्थ्य अनुसंधान पर व्यय सम्बंधी अद्यतन जानकारी
स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन प्राधिकरण (डीएचआर) के लिए बजटीय आवंटन 2014-15 से पांच गुना से अधिक बढ़कर 2026-27 में 4,821.21 करोड़ रुपये हो गया है
2026-27 के लिए डीएचआर बजट आवंटन में 24 प्रतिशत की वृद्धि से स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का पता चलता है
सरकार ने आईसीएमआर अनुदान संरचना को उन्नत करके स्वास्थ्य अनुसंधान वित्तपोषण ढांचे का विस्तार किया है।
प्रविष्टि तिथि:
24 JUL 2026 3:56PM by PIB Delhi
स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन प्राधिकरण (डीएचआर) का बजट सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.012 प्रतिशत है। हालांकि, हाल के वर्षों में सरकार ने स्वास्थ्य अनुसंधान के बजट में वृद्धि की है और अनुसंधान अनुदानों को अधिक प्रतिस्पर्धी और सुलभ बनाने के लिए नए कार्यक्रम/पहल शुरू की हैं। स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन प्राधिकरण के लिए बजटीय आवंटन 5 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है- 2014-15 (संशोधित अनुमान) में 932.00 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 (संशोधित अनुमान) में 4,821.21 करोड़ रुपये हो गया है। 2026-27 में बजटीय आवंटन में 2025-26 के संशोधित अनुमानों (3,900.69 करोड़ रुपये) की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे देश में स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करने के प्रति केंद्र सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता के बारे में पता चलता है।
सरकार ने स्वास्थ्य अनुसंधान वित्तपोषण प्रणाली को व्यापक और सुदृढ़ बनाने के लिए कदम उठाए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अपने आंतरिक और बाह्य अनुदान ढांचे को युक्तिसंगत और विस्तारित किया है। इस उद्देश्य वित्तपोषण सहायता को अनुसंधान प्रस्ताव के पैमाने, परिपक्वता, जोखिम और क्रियान्वयन चरण के अनुरूप समायोजित करना है। आईसीएमआर ने प्रारंभिक अनुसंधान अनुदानों से प्राप्त जानकारी का उपयोग करने के लिए नए अनुवर्ती अनुदान शुरू किए हैं। इसकी जानकारी नियमित रूप से आईसीएमआर ईपीएमएस पोर्टल पर प्रकाशित की जाती है।
वर्तमान संरचना में 2 करोड़ रुपये तक के लघु या अन्वेषण अनुदान, 2 करोड़ रुपये से 8 करोड़ रुपये तक के मध्यवर्ती या निश्चयक अन्वेषण अनुदान, 8 करोड़ रुपये तक के चरण-आधारित समर्थन के साथ 'फर्स्ट-इन-द-वर्ल्ड चैलेंज' और 15 करोड़ रुपये तक के समर्थन के साथ उन्नत अनुसंधान केंद्र शामिल हैं। ये साधन अन्वेषक-प्रेरित अनुसंधान, अवधारणा-प्रमाण अध्ययन, हस्तक्षेपों का सत्यापन, उच्च जोखिम और उच्च लाभ वाले नवाचार, बहुविषयक अनुसंधान और उन्नत अनुसंधान कार्यक्रमों का समर्थन करते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/वीके/एम
(रिलीज़ आईडी: 2289191)
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