कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के पारितंत्र का विस्तार और आधुनिकीकरण
प्रविष्टि तिथि:
22 JUL 2026 3:58PM by PIB Delhi
देशभर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की संख्या वर्ष 2014 के 9,642 से बढ़कर वर्ष 2026 में 13,856 हो गई है तथा इन संस्थानों में सीटों की संख्या सत्र 2014-15 में 17,42,986 से बढ़कर वर्तमान में 20,07,580 हो गई है। वर्ष 2014 तथा वर्ष 2026 में आईटीआई की राज्य-वार संख्या तथा आईटीआई में सीटों की संख्या संबंधी विवरण अनुलग्नक-1 में दिया गया है।
उन्नत आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगार योग्यता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) का उद्देश्य देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की समग्र गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता को सुदृढ़ करना है। इस योजना का कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्रीय हिस्सेदारी ₹30,000 करोड़, राज्य हिस्सेदारी ₹20,000 करोड़ तथा उद्योग हिस्सेदारी ₹10,000 करोड़ है।
इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित दो घटक शामिल हैं :
(i) घटक-I – हब एवं स्पोक मॉडल के अंतर्गत 1,000 राजकीय आईटीआई (200 हब आईटीआई एवं 800 स्पोक आईटीआई) का उन्नयन, जिसमें स्मार्ट कक्षाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल सामग्री तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रमों की व्यवस्था शामिल है।
(ii) घटक-II – भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, कानपुर तथा लुधियाना स्थित पाँच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) की क्षमता वृद्धि, जिसमें वैश्विक साझेदारी के माध्यम से प्रशिक्षकों के उन्नत प्रशिक्षण तथा पाठ्यक्रम विकास पर विशेष बल देते हुए सेक्टर-विशिष्ट राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना शामिल है।
मंत्रिमंडल की स्वीकृति के अनुसार, पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत आईटीआई का चयन संबंधित राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों द्वारा उद्योग के परामर्श से किया जाता है, ताकि उभरती कौशल आवश्यकताओं तथा स्थानीय औद्योगिक क्षमता के अनुरूप उनका चयन सुनिश्चित किया जा सके। तदनुसार, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों को उद्योग भागीदारों के सहयोग से आईटीआई के उन्नयन हेतु अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने होते हैं।
इसके अलावा, पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत उद्योग-संचालित विशेष प्रयोजन साधन (एसवीपी) आईटीआई के उन्नयन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं तथा स्थानीय उद्योग की आवश्यकताओं तथा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप खनन, विनिर्माण तथा अन्य क्षेत्रों में पाठ्यक्रमों की पुनर्रचना, प्रशिक्षण प्रदायगी मॉडल, अवसंरचना उन्नयन तथा उद्योग में व्यावहारिक अनुभव से संबंधित अपेक्षित उपायों का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अधिकार सम्पन्न हैं। प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के अंतर्गत 32 नव युगीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। इन 32 नव युगीन पाठ्यक्रमों की सूची अनुलग्नक-2 में दी गई है।
अनुलग्नक-1
दिनांक 22.07.2026 को पूछे जाने वाले राज्य सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 442 के भाग (क) तथा (ख) के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक।
तालिका 1: आईटीआई की संख्या (वर्ष 2014 एवं वर्ष 2026 में) तथा आईटीआई में सीटों की संख्या (सत्र 2014-15 और वर्तमान) का राज्य-वार विवरण।
|
राज्य का नाम
|
आईटीआई की संख्या
|
सीटों की संख्या
|
|
वर्ष 2014 में
|
वर्तमान स्थिति के अनुसार
|
वर्ष 2014-15
|
आज तक की तिथि के अनुसार
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
2
|
4
|
544
|
1,064
|
|
आंध्र प्रदेश
|
467
|
520
|
1,09,948
|
80,640
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
5
|
10
|
660
|
1,424
|
|
असम
|
25
|
47
|
5,048
|
8,788
|
|
बिहार
|
706
|
1336
|
1,32,436
|
1,66,852
|
|
चंडीगढ़
|
2
|
3
|
904
|
1,304
|
|
छत्तीसगढ
|
147
|
221
|
21,060
|
32,668
|
|
दिल्ली
|
36
|
36
|
12,432
|
15,120
|
|
गोवा
|
12
|
13
|
3,320
|
3,920
|
|
गुजरात
|
313
|
474
|
82,856
|
1,13,268
|
|
हरियाणा
|
172
|
358
|
33,488
|
82,048
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
198
|
262
|
28,180
|
31,656
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
35
|
56
|
3,776
|
12,432
|
|
झारखंड
|
191
|
347
|
52,132
|
55,872
|
|
कर्नाटक
|
1319
|
1307
|
1,44,716
|
1,35,416
|
|
केरल
|
371
|
408
|
58,462
|
53,856
|
|
लद्दाख
|
2
|
3
|
88
|
712
|
|
लक्षद्वीप
|
1
|
1
|
68
|
480
|
|
मध्य प्रदेश
|
352
|
847
|
51,540
|
96,388
|
|
महाराष्ट्र
|
797
|
1021
|
2,07,088
|
1,86,932
|
|
मणिपुर
|
1
|
11
|
216
|
3,948
|
|
मेघालय
|
6
|
8
|
876
|
1,692
|
|
मिजोरम
|
3
|
3
|
704
|
572
|
|
नगालैंड
|
2
|
9
|
240
|
588
|
|
ओडिशा
|
512
|
488
|
1,20,860
|
78,060
|
|
पुदुचेरी
|
14
|
14
|
1,876
|
1,840
|
|
पंजाब
|
275
|
314
|
51,024
|
68,220
|
|
राजस्थान
|
1238
|
1238
|
1,83,900
|
1,28,108
|
|
सिक्किम
|
3
|
4
|
540
|
1,068
|
|
तमिलनाडु
|
403
|
415
|
76,340
|
71,488
|
|
तेलंगाना
|
247
|
297
|
54,360
|
60,756
|
|
दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
|
3
|
4
|
632
|
1,052
|
|
त्रिपुरा
|
13
|
22
|
2,576
|
4,520
|
|
उत्तर प्रदेश
|
1560
|
3275
|
2,61,404
|
4,22,124
|
|
उत्तराखंड
|
104
|
165
|
14,320
|
20,448
|
|
पश्चिम बंगाल
|
105
|
315
|
24,372
|
62,256
|
|
अखिल भारत का योग
|
9,642
|
13,856
|
17,42,986
|
20,07,580
|
अनुलग्नक-2
दिनांक 22.07.2026 को पूछे जाने वाले राज्य सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 442 के भाग (ग) और (घ) के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक।
आईटीआई में संचालित 32 नव युगीन ट्रेडों की सूची:
|
क्र.सं.
|
ट्रेड का नाम
|
|
1
|
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (3D प्रिंटिंग) टेक्नीशियन
|
|
2
|
एरोनॉटिकल स्ट्रक्चर और इक्विपमेंट फिटर
|
|
3
|
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट
|
|
4
|
एडवांस्ड सीएनजी मशीनिंग टेक्नीशियन
|
|
5
|
कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (सीएएम) प्रोग्रामर
|
|
6
|
साइबर सिक्योरिटी असिस्टेंट
|
|
7
|
डेटा एनोटेशन असिस्टेंट
|
|
8
|
ड्रोन पायलट (जूनियर)
|
|
9
|
ड्रोन टेक्नीशियन
|
|
10
|
इंजीनियरिंग डिज़ाइन टेक्नीशियन (एडवांस्ड टूल का इस्तेमाल करने वाला कारीगर)
|
|
11
|
फाइबर टू होम टेक्नीशियन
|
|
12
|
जियो-इन्फॉर्मेटिक्स असिस्टेंट
|
|
13
|
ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन टेक्नीशियन
|
|
14
|
इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IIoT) टेक्नीशियन
|
|
15
|
इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग
|
|
16
|
इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
|
|
17
|
इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट एग्रीकल्चर)
|
|
18
|
इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट सिटी)
|
|
19
|
इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स टेक्नीशियन (स्मार्ट हेल्थकेयर)
|
|
20
|
मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल और ऑटोमेशन
|
|
21
|
मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल
|
|
22
|
मल्टीमीडिया, एनिमेशन और स्पेशल इफेक्ट्स
|
|
23
|
सेमीकंडक्टर टेक्नीशियन
|
|
24
|
स्मॉल हाइड्रो पावर प्लांट टेक्नीशियन
|
|
25
|
स्मार्टफोन टेक्नीशियन कम ऐप टेस्टर
|
|
26
|
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग असिस्टेंट
|
|
27
|
सोलर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल)
|
|
28
|
टेक्नीशियन मेकाट्रॉनिक्स
|
|
29
|
वर्चुअल एनालिसिस और डिज़ाइनर – FEM (फाइनाइट एलिमेंट मेथड) (बेसिक डिज़ाइनर और वर्चुअल वेरिफायर)
|
|
30
|
विंड प्लांट टेक्नीशियन
|
|
31
|
5G नेटवर्क टेक्नीशियन
|
|
32
|
न्यूक्लियर पावर प्लांट टेक्नीशियन
|
यह जानकारी आज राज्यसभा में कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2287865)
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