सहकारिता मंत्रालय
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राष्ट्रीय सहकारिता नीति, 2025 की समीक्षा

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 5:23PM by PIB Delhi

केंद्र-राज्‍य समन्‍वय, कार्यान्‍वयन अवरोधों को दूर करने, आवधिक निगरानी और मूल्‍यांकन, आदि के लिए एक राष्‍ट्र-स्‍तरीय नीति कार्यान्‍वयन और निगरानी समिति का गठन किया गया है । नीति कार्यान्‍वयन और निगरानी समिति की पहली बैठक दिनांक 09.06.2026 को आयोजित हुई जिसके सदस्‍य केंद्रीय मंत्रालय/विभागों, राष्‍ट्रीय परिसंघों/राष्‍ट्रीय सहकारी समितियों से और राज्‍य सरकारों के प्रतिनिधि एवं वरिष्‍ठ अधिकारीगण थे । अपनी पहली बैठक में यह सूचित किया गया कि एनसीपी को सरकार के समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से और सहकारी संघवाद की भावना के साथ कार्यान्वित किया गया है ।

एनसीपी 2025 में नीति के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए निम्‍नलिखित संस्थागत तंत्र दिए गए हैं:

“9.5.1. समग्र मार्गदर्शन, अंतरमंत्रालयीय समन्‍वय, नीति की आवधिक समीक्षा, आदि के लिए माननीय सहकारिता मंत्री की अध्‍यक्षता में सहकारी नीति पर राष्‍ट्रीय संचालन समितिका गठन किया जाएगा । इस समिति में सदस्‍य के रूप में भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है,

9.5.2. केंद्र-राज्‍य समन्‍वय, कार्यान्‍वयन समस्‍याओं का समाधान, आवधिक निगरानी और समीक्षा, आदि के लिए सहकारिता सचिव की अध्‍यक्षता में नीति कार्यान्‍वयन और निगरानी समिति का गठन किया जाएगा । इसमें भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों के सचिवों, सभी राज्‍यों/संघ राज्‍यक्षेत्रों के सहकारी विभागों के सचिवों/प्रधान सचिवों/अपर मुख्‍य सचिवों, नीति आयोग के प्रतिनिधि, राष्‍ट्रीय सहकारी परिसंघों/संघों/समितियों, नाबार्ड, एनडीडीबी, एनसीडीसी, एनएफडीबी, एनसीसीटी, वैमनीकॉम, इत्‍यादि के अध्‍यक्षों/प्रबंध निदेशकों को सदस्‍य के रूप में शामिल किया जा सकता है ।

उपरोक्त दोनों समितियों का गठन किया जा चुका है।

यह नीति सहकारी क्षेत्र के व्‍यवस्थित और सर्वांगीण विकास के लिए एक रोडमैप प्रदान करती है।  इसमें 6 रणनीतिक स्‍तंभ, 16 उद्देश्‍य और 83 सिफारिशें हैं । इस नीति में एक विज़न, एक मिशन और अगले 10 वर्षों प्राप्‍त किए जाने वाले 16 विशिष्‍ट उद्देश्‍य परिकल्पित हैं ।

सहकारिता मंत्रालय द्वारा राज्यों/संघ राज्‍यक्षेत्रों के सहयोग से एक व्यापक राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) विकसित किया गया है । यह डेटाबेस 30 आर्थिक क्षेत्रों में फैली 8.5 लाख से अधिक सहकारी समितियों, जिसमें लगभग 30 करोड़ सदस्य हैं,  के बारे में सूचना तक सिंगल-प्‍वाइंट एक्‍सेस प्रदान करता है । इस उद्देश्य के लिए राज्यों/संघ राज्‍यक्षेत्रों द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा सहकारी समितियों के डेटा को एनसीडी पोर्टल पर नियमित रूप से एकत्र और अद्यतित किया जाता है । देश भर में सहकारी समितियों का राज्य-वार ब्योरा संलग्‍नक- के रूप में संलग्न है ।

        एनसीडी न केवल किसी नीतिगत पहल के प्रतिपादन के दौरान बल्कि नीति कार्यान्वयन के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यह डेटाबेस सहकारी समितियों के भौगोलिक आच्‍छादन, वित्तीय प्रदर्शन, आदि में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है और इस प्रकार नीति सिफारिशों को कार्यान्वित करने में मदद करता है । यह डेटाबेस अनाच्‍छादित और अल्‍प-आच्‍छादित क्षेत्रों में नई पैक्‍स, डेयरी और मात्स्यिकी प्राथमिक सहकारी समितियों की स्‍थापना के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करता है, रैंकिंग संरचना के विकास को सक्षम बनाता है और भारतीय अर्थव्यवस्था में सहकारी क्षेत्र के आर्थिक योगदान का अनुमान लगाने में सहायता प्रदान करता है।

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संलग्‍नक-

सहकारी समितियों का राज्‍य-वार ब्‍योरा

क्रम सं.

राज्‍य/संघ राज्‍यक्षेत्र

समितियों की संख्‍या

1

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

2,244

2

आंध्र प्रदेश

18,165

3

अरुणाचल प्रदेश

1,547

4

असम

12,838

5

बिहार

27,288

6

चंडीगढ़

476

7

छत्तीसगढ़

11,957

8

दिल्‍ली

5,827

9

गोवा

5,611

10

गुजरात

88,119

11

हरियाणा

35,040

12

हिमाचल प्रदेश

5,844

13

जम्‍मू और कश्‍मीर

10,735

14

झारखंड

12,207

15

कर्नाटक

47,288

16

केरल

19,479

17

लद्दाख

273

18

लक्षद्वीप

65

19

मध्‍य प्रदेश

53,216

20

महाराष्‍ट्र

2,27,177

21

मणिपुर

11,655

22

मेघालय

3,599

23

मिजोरम

1,559

24

नागालैंड

7,497

25

ओडिशा

8,667

26

पुड्डुचेरी

464

27

पंजाब

20,332

28

राजस्‍थान

43,723

29

सिक्किम

3,750

30

तमिलनाडु

23,034

31

तेलंगाना

60,680

32

दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव

571

33

त्रिपुरा

3,280

34

उत्तराखंड

6,442

35

उत्तर प्रदेश

40,591

36

पश्चिम बंगाल

32,190

 

कुल

8,53,430

स्रोत:- दिनांक 15.07.2026 के अनुसार एनसीडी पोर्टल ।

 

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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