मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

झींगा पालकों का कल्याण

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 1:36PM by PIB Delhi

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने देश में मत्स्य पालन के समग्र विकास के लिए कई पहलें की हैं।  इनमें विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन शामिल है, (i) नीली क्रांति पर केंद्र प्रायोजित योजना: मत्स्य पालन का एकीकृत विकास और प्रबंधन, यह वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2019-20 तक 5 वर्षों की अवधि के लिए कार्यान्वित की गई (ii) मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (एफ.आई.डी.एफ) यह वर्ष 2018-19 से कार्यान्वित किया गया, (iii) प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) और (iv) प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना (पीएमएमकेएसएसवाई)। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 से मछुआरों और मछली पालकों को उनकी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा प्रदान की है। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने पिछले तीन वित्त वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के मत्स्य पालन और जल कृषि विकास प्रस्तावों को कुल 6,885 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 3,159 करोड़ 83 लाख रुपये है। पीएमएमएसवाई के अंतर्गत विभिन्न स्वीकृत मत्स्य पालन और जल कृषि विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को 2,208 करोड़ 74 लाख रुपये की केंद्रीय निधि जारी की गई है। पीएमएमएसवाई के अंतर्गत पिछले तीन वित्त वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान स्वीकृत प्रस्तावों और जारी की गई केंद्रीय निधि का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

ग) और (घ): केंद्र सरकार बढ़ती इनपुट लागत, बीमारियों के प्रकोप और अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्यों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए जैव सुरक्षा को बढ़ावा देने, रोग निगरानी और निदान, सर्वोत्तम प्रबंधन पद्धतियों के प्रसार और मछली पालकों की क्षमता निर्माण जैसे कई उपाय लागू कर रही है। पीएमएमएसवाई के अंतर्गत लागू राष्ट्रीय जलीय पशु रोग निगरानी कार्यक्रम (एनएसपीएएडी) के अंतर्गत, जलीय पशु रोगों की नियमित निगरानी, शीघ्र पता लगाना, रिपोर्टिंग और निगरानी की जाती है ताकि समय पर रोग प्रबंधन को सुगम बनाया जा सके और उत्पादन हानि को कम किया जा सके। इसके अलावा, पीएमएमएसवाई के तहत झींगा पालन क्षेत्र की स्थिरता, लचीलापन और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार लाने के उद्देश्य से जलीय पशु स्वास्थ्य अवसंरचना, रोग निदान प्रयोगशालाओं, हैचरी और अन्य हस्तक्षेपों की स्थापना और सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई है।

केंद्र सरकार का मत्स्य विभाग, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत, अन्य बातों के अलावा, समुद्री और अंतर्देशीय मछुआरों और संबद्ध मत्स्य श्रमिकों को सामूहिक दुर्घटना बीमा कवरेज के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है। इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण बीमा प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है, हिमालयी और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है, और केंद्र शासित प्रदेशों के मामले में संपूर्ण प्रीमियम राशि केंद्र द्वारा भुगतान की जाती है। पीएमएमएसवाई के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले बीमा कवरेज में शामिल हैं: (i) मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए 5 लाख रुपये, (ii) स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए ढाई लाख रुपये और (iii) दुर्घटना की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के रूप में 25 हज़ार रुपये।  पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान, मत्स्य विभाग ने 103 लाख 73 लाख मछुआरों के बीमा कवरेज के लिए 54 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि जारी की है। इसमें प्रति वर्ष औसतन 34 लाख 57 हज़ार मछुआरे शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के अंतर्गत किसानों को मत्स्यपालन बीमा खरीदने के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध बीमा उत्पादों में शामिल हैं: (i) मूल बीमा, जो अप्रतिबंधित जोखिमों (जैसे गर्मी में फसल का मरना, प्रदूषण, भूकंप, चक्रवात, बाढ़, अन्य प्राकृतिक आपदाएं, दंगे, तीसरे पक्ष द्वारा दुर्भावनापूर्ण कृत्य जिनमें जहर देना शामिल है, खेतों की संरचनात्मक क्षति के कारण फसल का नुकसान आदि) के कारण उपज के नुकसान को कवर करता है; और (ii) व्यापक बीमा, जो मूल बीमा के अंतर्गत आने वाले जोखिमों के साथ-साथ बीमारियों आदि के कारण होने वाले अतिरिक्त जोखिमों को भी कवर करता है। मत्स्यपालन बीमा के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भुगतान किए गए प्रीमियम के 40% की दर से प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 25 हज़ार रुपये प्रति हेक्टेयर या 4 हेक्टेयर जल क्षेत्र (डब्ल्यूएस) के लिए प्रति किसान 1 लाख रुपये है। फार्म, केज कल्चर, आरएएस, बायो-फ्लॉक और रेसवे आदि जैसी गहन मत्स्य पालन प्रणालियों सहित मत्स्य पालन प्रणाली के लिए, भुगतान किए गए प्रीमियम के 40% की दर से मत्स्य पालन बीमा प्रदान किया जाता है। इसमें गहन मत्स्य पालन प्रणालियों के लिए प्रति किसान 1800 वर्ग मीटर के लिए अधिकतम ₹1 लाख की सीमा निर्धारित है। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को 10% का अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।

संलग्नक-I

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के अनुसार पिछले तीन वित्त वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान पीएमएमएसवाई के अंतर्गत  स्वीकृत प्रस्तावों और जारी केंद्रीय निधियों का विवरण।

(लाख रुपये में)

 

क्रम संख्या

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

2023-24 से 2025-26 तक

केंद्रीय शेयर स्वीकृत

धनराशि जारी की गई

1

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

22,689.85

1,000.00

2

आंध्र प्रदेश

5,860.65

2,827.85

3

अरुणाचल प्रदेश

7,623.37

8,245.81

4

असम

11,817.63

11,479.85

5

बिहार

9,880.02

5,838.44

6

छत्तीसगढ

15,949.66

12,774.41

7

गोवा

2,981.56

2,003.15

8

गुजरात

13,002.76

10,711.14

9

हरियाणा

17,252.84

10,123.26

10

हिमाचल प्रदेश

3,315.81

3,213.21

11

जम्मू और कश्मीर

3,337.75

3,155.95

12

झारखंड

6,482.00

4,134.12

13

कर्नाटक

14,627.83

10,101.42

14

केरल

29,144.17

19,294.91

15

लद्दाख

1,135.44

380.09

16

लक्षद्वीप

1233.71

499.06

17

मध्य प्रदेश

15,177.09

13,853.99

18

महाराष्ट्र

18,292.10

21,258.67*

19

मणिपुर

5,461.02

1,047.04

20

मेघालय

3,631.09

4,328.84

21

मिजोरम

3,678.12

5,103.70

22

नगालैंड

6,684.87

5,541.96

23

ओडिशा

13,304.84

13,324.00

24

पुदुचेरी

15,516.10

4,505.00

25

पंजाब

860.15

1,701.22

26

राजस्थान

1,188.42

526.31

27

सिक्किम

2,448.07

3,182.31

28

तमिलनाडु

14,331.36

17,419.87*

29

तेलंगाना

3,271.87

2,183.54

30

दादरा और नगर हवेली और

दमन और दीव

12,886.00

00.00

31

त्रिपुरा

9,139.41

5,430.04

32

उतार प्रदेश

14,293.12

7,481.15

33

उत्तराखंड

4,927.92

4,575.33

34

पश्चिम बंगाल

4,556.06

3,628.33

 

कुल

3,15,982.65

2,20,873.98

* इसमें पिछले वर्षों में स्वीकृत केंद्रीय हिस्सेदारी शामिल है।

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके


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