मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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ओडिशा की ब्लू इकॉनमी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना(पीएमएमएसवाई के अंतर्गत)

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 1:36PM by PIB Delhi

मत्स्य विभाग,मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार, 2020–21 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों सहित ओडिशा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) को लागू कर रही है। इस अवधि के दौरान, विभाग ने ओडिशा सरकार द्वारा प्रस्तुत मत्स्य विकास प्रस्तावों को कुल ₹1,301.18 करोड़ की स्वीकृति दी है, जिसमें केन्द्रीय हिस्सेदारी ₹484.64 करोड़ शामिल है।

 ये परियोजनाएँ मत्स्य एवं जलीय कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए कई प्रकार के हस्तक्षेपों को अपना कवर प्रदान करती हैं। पीएमएमएसवाई के तहत, मत्स्य विभाग, केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में संभलपुर के बसंतपुर में एक समन्वित एक्वा पार्क की स्थापना के लिए ₹100 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की। राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, भूमि अधिग्रहण, क्रियान्वयन एजेंसी को ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ जारी करने तथा पहुँच मार्ग और परिधि दीवारों का निर्माण जैसे मुख्य तैयारी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन‑हाउस हैचरी सुविधा, ग्रो‑आउट पोखर, प्रसंस्करण इकाइयां, अनुसंधान सुविधाएँ और अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का निर्माण विभिन्न चरणों में है।

(b) प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत, केंद्र सरकार ने पांदरा, भुवनेश्वर में 44 थोक यूनिटों और 99 खुदरा यूनिटों वाले आधुनिक स्टेट‑ऑफ‑आर्ट थोक मछली बाजार के निर्माण के लिए कुल ₹59.13 करोड़ की परियोजना को भी स्वीकृति दी है। इस बाजार को नवीनीकरण‑ऊर्जा आधारित पावर सिस्टम और वर्षा जल संचयन सुविधाओं सहित आधुनिक स्थिरता विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना और संसाधन दक्षता में सुधार करना है।

 राज्य सरकार की जानकारी के अनुसार, भूमि पुनरुद्धार चरण पूरा किया जा चुका है।

(c) और (d) केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018‑19 से मछुआरों और मत्स्य किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा भी बढ़ाई है, जिससे मत्स्य संबंधी गतिविधियों के लिए समय पर और सुलभ कार्यशील पूंजी सुनिश्चित होती है। 

मत्स्य विभाग (DoF), मछली पालन, पशुपालन एवं दुग्ध मंत्रालय, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएँ विभाग (DFS) के साथ सहयोग में सर्व राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और स्टेट लेवल बैंकर्स’ कमेटी (SLBC) के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहा है ताकि मछुआरों और मत्स्य किसानों के बीच किसान क्रेडिट कार्ड लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और जानकारी का प्रसार किया जा सके।

ओडिशा सरकार के अनुसार, राज्य सरकार मत्स्य ओर प्राणी संपदा मेलों और जिला, ब्लॉक व ग्राम स्तर पर मछुआरों की बैठकों के माध्यम से नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है ताकि योजना का उपयोग बढ़ सके।

राज्य सरकारें ऋणों पर अतिरिक्त ब्याज सबवेंशन भी प्रदान करती है—₹1.00 लाख तक के ऋणों पर 4% तथा ₹1.00 लाख से अधिक और ₹3.00 लाख तक के ऋणों पर 2%। इससे ₹1.00 लाख तक के KCC ऋण ब्याज‑मुक्त बनते हैं और ₹1.00 लाख से ₹3.00 लाख के बीच के ऋणों के लिए प्रभावी ब्याज दर 2% रह जाती है, जिससे लाभार्थियों के लिए कर्ज की सुलभता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

यह जानकारी मत्स्य, पशुपालन एवं दुग्ध मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

पीके/ केसी/ एमएम 


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