सहकारिता मंत्रालय
राष्ट्रीय सहकारिता नीति, 2025 का कार्यान्वयन
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 5:25PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय सहकारिता नीति (एनसीपी) 2025 दिनांक 24 जुलाई 2025 को माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा लॉन्च की गई थी । इस नीति की परिकल्पना सहकारिता मंत्रालय के अधिदेश- "सहकार से समृद्धि" को प्राप्त करने के लिए की गई है । यह सहकारी क्षेत्र के व्यवस्थित और समग्र विकास के लिए एक रोडमैप प्रदान करता है । इसमें 6 रणनीतिक स्तंभ, 16 उद्देश्य और 83 सिफारिशें हैं जिन्हें अगले 10 वर्षों में प्राप्त किया जाना है । इस नीति में एक आर्थिक संरचना के सृजन की परिकल्पना की गई है, जिसका लक्ष्य 50 करोड़ लोगों को सहकारी समितियों के दायरे में शामिल करना और अगले 10 वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में सहकारी क्षेत्र के योगदान को तीन गुना तक बढ़ाना है ।
नीति दस्तावेज के भाग के रूप में किसी विशिष्ट बजटीय आबंटन की परिकल्पना नहीं की गई है ।
इस नीति में दलितों, आदिवासियों और महिलाओं की भागीदारी और लाभों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं, जिनमें से कुछ निम्नानुसार हैं:
“4.2.2. डेयरी सहकारी समितियों के सर्वांगीण विकास, रोजगार सृजन और महिला सशक्तीकरण के लिए ‘श्वेत क्रांति 2.0’ हेतु डेयरी सहकारी समितियों पर ध्यान केंद्रित करना और उन्हें प्रोत्साहित करना ।
6.1.1. समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं, युवाओं, छोटे एवं सीमांत किसानों और कमजोर वर्गों (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन, आदि) की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और सहकारी समितियों में उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका देना ।
6.1.2. मात्स्यिकी, डेयरी, हथकरघा, हस्तशिल्प, लघु वनोत्पाद जैसे क्षेत्रों में कमजोर और सीमांत वर्गों की सहकारी समितियों को बढ़ावा देना और उन्हें सशक्त करना ।”
दलितों, आदिवासियों और महिलाओं की भागीदारी और लाभ सुनिश्चित करने के लिए नीति के तहत उठाए गए प्रमुख कदम और प्रगति निम्नानुसार हैं:
सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता नेतृत्व वाली "श्वेत क्रांति 2.0" की शुरुआत करने की एक पहल की है जिसका लक्ष्य सहकारी आच्छादन का विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तीकरण है जिसमें अनाच्छादित क्षेत्रों में डेयरी किसानों को बाजार पहुंच प्रदान करके और संगठित क्षेत्र में डेयरी सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाकर डेयरी सहकारी समितियों के दुग्ध प्रापण के वर्तमान स्तर (अर्थात्, आधार वर्ष 2023-24 में 660 एलकेजी प्रतिदिन) को अगले पांच वर्षों में 50% तक (अर्थात्, वर्ष 2028-29 में 1007 एलकेजी प्रतिदिन) बढ़ाना है । श्वेत क्रांति 2.0 के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) माननीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री की उपस्थिति में दिनांक 19.09.2024 को माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा लॉन्च की गई थी । माननीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री की उपस्थिति में दिनांक 25.12.2024 को माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 6,600 नवस्थापित डेयरी सहकारी समितियों (डीसीएस) का उद्घाटन किया । अब तक 31 राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में 25,282 डीसीएस पंजीकृत किए गए हैं ।
भारत सरकार ने अगले पांच वर्षों में देश में जनजातीय/दलित/आदिवासी क्षेत्रों में आने वाली पंचायतों सहित सभी पंचायतों और गांवों को आच्छादित करने के लक्ष्य से नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स)/डेयरी/मात्स्यिकी सहकारी समितियों की स्थापना की योजना को अनुमोदित किया है । नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों की स्थापना की पहल नाबार्ड, एनडीडीबी और एनएफडीबी द्वारा डेयरी अवंसरचना विकास फंड (डीआईडीएफ), राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) और पीएम मत्स्य संपदा योजना (पएमएमएसवाई) सहित भारत सरकार की मौजूदा विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से समर्थित है । राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के अनुसार, दिनांक 15.2.2023 को योजना के अनुमोदन के बाद से देश भर में दिनांक 15.06.2026 तक कुल 38,138 नए पैक्स/लार्ज एरिया मल्टीपर्पज सोसाइटीज (एलएमपीएस), डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों को पंजीकृत और 21,292 डेयरी और मात्स्यिकी प्राथमिक सहकारी समितियों को सशक्त किया गया है । इसके अलावा स्वीकृत की गई पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों के साथ-साथ उनके साथ जुड़े सदस्यों का राज्य-वार ब्योरा संलग्नक-I पर दिया गया है ।
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संलग्नक-1
|
क्रम सं.
|
राज्य/संघ राज्यक्षेत्र
|
पैक्स
|
डीसीएस
|
एफसीएस
|
कुल
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
|
1
|
2
|
11
|
14
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
11
|
1,067
|
2
|
1,080
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
136
|
25
|
29
|
190
|
|
4
|
असम
|
580
|
725
|
89
|
1,394
|
|
5
|
बिहार
|
61
|
4,498
|
2
|
4,561
|
|
6
|
छत्तीसगढ़
|
517
|
361
|
336
|
1,214
|
|
7
|
गोवा
|
38
|
5
|
4
|
47
|
|
8
|
गुजरात
|
662
|
810
|
26
|
1,498
|
|
9
|
हरियाणा
|
40
|
197
|
6
|
243
|
|
10
|
हिमाचल प्रदेश
|
136
|
854
|
12
|
1,002
|
|
11
|
जम्मू और कश्मीर
|
232
|
1,339
|
40
|
1,611
|
|
12
|
झारखंड
|
45
|
300
|
227
|
572
|
|
13
|
कर्नाटक
|
265
|
1,264
|
52
|
1,581
|
|
14
|
केरल
|
0
|
0
|
0
|
0
|
|
15
|
लद्दाख
|
3
|
3
|
1
|
7
|
|
16
|
लक्षद्वीप
|
0
|
0
|
29
|
29
|
|
17
|
मध्य प्रदेश
|
680
|
1,349
|
255
|
2,284
|
|
18
|
महाराष्ट्र
|
212
|
1,223
|
167
|
1,602
|
|
19
|
मणिपुर
|
127
|
27
|
71
|
225
|
|
20
|
मेघालय
|
290
|
17
|
19
|
326
|
|
21
|
मिजोरम
|
97
|
2
|
2
|
101
|
|
22
|
नागालैंड
|
50
|
5
|
19
|
74
|
|
23
|
ओडिशा
|
1,539
|
1,009
|
61
|
2,609
|
|
24
|
पुदुचेरी
|
4
|
3
|
3
|
10
|
|
25
|
पंजाब
|
153
|
1,027
|
52
|
1,232
|
|
26
|
राजस्थान
|
2,003
|
3,295
|
31
|
5,329
|
|
27
|
सिक्किम
|
27
|
77
|
4
|
108
|
|
28
|
तमिलनाडु
|
27
|
940
|
36
|
1,003
|
|
29
|
तेलंगाना
|
0
|
166
|
102
|
268
|
|
30
|
दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव
|
5
|
0
|
1
|
6
|
|
31
|
त्रिपुरा
|
294
|
2
|
26
|
322
|
|
32
|
उत्तर प्रदेश
|
1,364
|
4,450
|
514
|
6,328
|
|
33
|
उत्तराखंड
|
606
|
269
|
124
|
999
|
|
34
|
पश्चिम बंगाल
|
25
|
241
|
3
|
269
|
|
कुल
|
10,230
|
25,552
|
2,356
|
38,138
|
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2287201)
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