मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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मंगलुरु मत्स्य बंदरगाह

प्रविष्टि तिथि: 21 JUL 2026 3:09PM by PIB Delhi

सरकार का मत्स्य विभाग प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की नियमित रूप से समीक्षा करता है। यह समीक्षा कर्नाटक सहित सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अधिकारियों की आमने-सामने की बैठकों, ऑनलाइन बैठकों, क्षेत्रीय दौरों और योजना कार्यान्वयन के लिए समर्पित केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल निगरानी के माध्यम से की जाती है। मत्स्य विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 2024 में मंगलौर मत्स्य बंदरगाह के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए कर्नाटक सरकार के प्रस्ताव को 37.47 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 22.48 करोड़ रुपये है। मत्स्य विभाग ने 2023-24 से 2026-27 तक कर्नाटक राज्य में मत्स्य विकास परियोजनाओं के लिए 126.01 करोड़ रुपये की राशि जारी की हैं। इसमें मंगलौर मत्स्य बंदरगाह के आधुनिकीकरण और उन्नयन परियोजना सहित मत्स्य बंदरगाह अवसंरचना के लिए धनराशि भी शामिल है। कर्नाटक सरकार ने मंगलौर मत्स्य बंदरगाह परियोजना में 25 प्रतिशत प्रगति और 6.31 करोड़ रुपये के व्यय की रिपोर्ट दी है। इस परियोजना का उद्देश्य 1600 मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए लंगरगाह की सुविधा उपलब्ध कराना और मत्स्य पालन क्षेत्र में लगभग 18000 मछुआरों और सम्‍बंधित हितधारकों को लाभ पहुंचाना था। कर्नाटक सरकार ने बताया है कि मंगलौर मत्स्य बंदरगाह के आधुनिकीकरण और उन्नयन परियोजना के लंबित घटकों को 21 मई, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

सरकार के मत्स्य विभाग ने पीएमएमएसवाई के तहत कर्नाटक राज्य में 2020-21 से 2026-2027 तक कुल 1,053.60 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न मत्स्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। पीएमएमएसवाई के तहत लाभार्थियों का चयन सम्‍बंधित राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। तदनुसार, कर्नाटक सरकार ने बताया कि कर्नाटक के तीन तटीय जिलों में 212 लाभार्थियों को लाभार्थी-उन्मुख गतिविधियों के अंतर्गत शामिल किया गया है। इनमें गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाज, बर्फ संयंत्र, कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटेड वाहन, इंसुलेटेड वाहन, आइस बॉक्स वाले थ्री-व्हीलर और आइस बॉक्स वाली मोटरसाइकिलें शामिल हैं।

मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालन क्षेत्र की अवसंरचना और परिचालन सम्बंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पीएमएमएसवाई के तहत कई उपाय किए हैं, इनमें मछली पकड़ने के बंदरगाहों और मछली उतारने के केंद्रों का विकास और आधुनिकीकरण, कोल्ड चेन अवसंरचना, स्वच्छ मछली प्रबंधन सुविधाएं, मछली परिवहन और विपणन अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उत्पादन, मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (एफआईडीएफ) और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से संस्थागत ऋण तक पहुंच, जलीय पशु स्वास्थ्य और जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करना, बीमा कवरेज को बढ़ावा देना और मछुआरों की क्षमता निर्माण शामिल हैं।

मत्स्यपालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/वीके/एसएस


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