वस्‍त्र मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

हथकरघा बुनकर

प्रविष्टि तिथि: 21 JUL 2026 2:19PM by PIB Delhi

वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में पात्र हथकरघा बुनकरों/कामगारों को बीमा कवरेज प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के एक घटक 'हथकरघा बुनकर कल्याण' योजना के तहत 'प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना' (पीएमजेजेबीवाई) और 'प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना' (पीएमएसबीवाई) कार्यान्वित कर रहा है। यह बीमा कवरेज वार्षिक पॉलिसी के आधार पर (1 जून से 31 मई तक) प्रदान किया जाता है। 2021-22 से, इन योजना घटकों को राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों की सरकारों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों द्वारा बताए गए पात्र हथकरघा बुनकरों/कामगारों की अनुमानित संख्या के आधार पर लक्ष्य तय किए जाते हैं और उसी के अनुसार निधियां जारी की जाती हैं।

पॉलिसी वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के तहत बीमित हथकरघा बुनकरों/कामगारों की राज्य-वार संख्या और तय किए गए लक्ष्य क्रमशः अनुबंध-I और अनुबंध-II में दिए गए हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक राज्य-वार जारी की गई निधियों का ब्यौरा अनुबंध-III में दिया गया है।

वस्त्र मंत्रालय, आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों की सरकारों और बुनकर सेवा केंद्रों (डब्ल्यूएससी) अर्थात विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय के क्षेत्रीय कार्यालयों के निकट समन्वय से बीमा योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने हेतु नियमित रूप से जागरूकता कैंप और चौपालों का आयोजन करता है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में हथकरघा बुनकरों और कामगारों के बीच बीमा योजनाओं सहित हथकरघा योजनाओं के बारे में जानकारी फैलाने के लिए हथकरघा सहायता केंद्र (हैंडलूम हेल्पलाइन सेंटर)की सेवाओं का भी उपयोग किया जा रहा है।

योजनाओं को जारी रखने/नई योजनाएं बनाने से पहले, मौजूदा योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाता है। आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में लाभार्थियों को शामिल करते हुए, बीमा योजनाओं (पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई) सहित हथकरघा बुनकर कल्याण योजना का मूल्यांकन अध्ययन एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराया गया था। इस अध्ययन में योजना की प्रभावशीलता की जाँच की गई और इसे और बेहतर बनाने के लिए सिफारिश की गई।

 

अनुबंध-I

पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के तहत बीमित  हथकरघा बुनकरों/कामगारों की राज्य-वार और वर्ष-वार संख्या

क्र.सं.

राज्य

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

1

आंध्र प्रदेश

0

0

9408

0

0

2

अरुणाचल प्रदेश

0

26

28

88

1

3

असम

0

3040

24551

112435

97451

4

बिहार

0

290

583

0

75

5

दिल्ली

0

0

0

7

0

6

गुजरात

0

476

1910

3730

0

7

हिमाचल प्रदेश

0

14

417

340

166

8

जम्मू और कश्मीर

0

0

0

0

695

9

कर्नाटक

0

24187

18032

17524

16309

10

केरल

19

0

0

1394

1937

11

लद्दाख

0

35

0

0

0

12

मध्य प्रदेश

160

306

421

779

556

13

महाराष्ट्र

0

0

39

0

0

14

मणिपुर

109006

28218

29647

6551

1425

15

मेघालय

0

2

22

9

337

16

मिजोरम

0

0

0

1800

420

17

नागालैंड

0

0

191

2340

1089

18

ओडिशा

0

0

0

0

10601

19

पंजाब

28

68

74

80

76

20

राजस्थान

0

0

41

108

119

21

सिक्किम

0

190

190

190

230

22

तमिलनाडु

0

0

40861

45372

48767

23

तेलंगाना

2037

7903

4494

19036

18679

24

त्रिपुरा

0

2160

841

357

279

25

उत्तराखंड

46

36

0

0

100

26

उत्तर प्रदेश

661

2670

71

2453

0

27

पश्चिम बंगाल

0

288

2941

2941

3081

 

कुल

111957

69909

134762

217534

202393

अनुबंध-II

पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के तहत राज्य-वार और वर्ष-वार तय किए गए लक्ष्य

क्र.सं.

राज्य

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

1

आंध्र प्रदेश

1500

3000

9667

9667

5145

2

अरुणाचल प्रदेश

260

1000

6180

3000

1000

3

असम

12500

25000

83960

110000

130000

4

बिहार

300

600

840

483

764

5

छत्तीसगढ

70

140

140

140

140

6

दिल्ली

20

40

280

150

40

7

गुजरात

250

500

5640

5640

5360

8

हरियाणा

60

40

1670

1670

1670

9

हिमाचल प्रदेश

60

120

890

960

660

10

जम्मू और कश्मीर

195

390

520

520

520

11

झारखंड

160

1000

1500

1500

1500

12

कर्नाटक

34627

69254

24187

18205

17524

13

केरल

600

1200

1440

1440

6152

14

लद्दाख

70

140

1000

1000

110

15

मध्य प्रदेश

90

900

500

500

500

16

महाराष्ट्र

15

30

230

230

230

17

मणिपुर

1695

3390

20627

16644

16644

18

मेघालय

100

100

2800

2711

545

19

मिजोरम

340

100

1800

1800

600

20

नागालैंड

500

1000

2840

2840

2340

21

ओडिशा

57000

114000

7700

7700

178889

22

पुदुचेरी

15

0

0

0

0

23

पंजाब

20

150

70

80

110

24

राजस्थान

225

111

660

660

540

25

सिक्किम

95

190

190

190

230

26

तमिलनाडु

89062

83205

4000

102985

52080

27

तेलंगाना

1050

2100

9130

60179

36133

28

त्रिपुरा

1080

2200

2200

1000

1000

29

उत्तराखंड

90

180

820

820

330

30

उत्तर प्रदेश

1900

63700

5607

5536

4000

31

पश्चिम बंगाल

5400

10800

101772

5000

4000

 

कुल

209349

384580

298860

363250

468756

अनुबंध-III

पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के तहत राज्य-वार और वर्ष-वार जारी निधियां

 (लाख रुपये में)

क्र.सं.

राज्य

2021-22

 

2023-24

 

2024-25

 

2025-26

 

1

आंध्र प्रदेश

1.70

-

-

2.96

2

अरुणाचल प्रदेश

0.30

-

1.70

0.76

3

असम

14.18

-

27.77

133.69

4

बिहार

0.34

-

-

-

5

छत्तीसगढ

0.08

-

0.11

0.11

6

गुजरात

0.28

4.40

-

-

7

हिमाचल प्रदेश

0.07

-

0.73

0.48

8

जम्मू और कश्मीर

0.22

-

-

-

9

झारखंड

0.18

0.43

-

-

10

कर्नाटक

39.27

20.88

19.40

17.02

11

केरल

0.68

-

-

-

12

लद्दाख

0.08

-

-

-

13

मध्य प्रदेश

0.10

0.68

-

1.12

14

महाराष्ट्र

0.02

-

-

-

15

मणिपुर

1.92

-

-

36.98

16

मेघालय

-

-

-

0.15

17

मिजोरम

-

-

1.25

0.87

18

नागालैंड

0.57

-

1.70

1.57

19

ओडिशा

64.64

-

-

115.19

20

पंजाब

0.02

-

0.20

0.11

21

सिक्किम

0.11

-

0.46

0.17

22

तमिलनाडु

69.28

-

-

9.75

23

तेलंगाना

1.19

-

6.69

5.06

24

त्रिपुरा

1.23

-

-

2.59

25

उत्तराखंड

0.10

-

-

0.14

26

उत्तर प्रदेश

2.15

3.68

-

-

27

पश्चिम बंगाल

6.12

-

-

6.28

 

कुल

204.83

30.07

60.01

335.00

 

नोट: वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की सरकार को 2021-22 में जारी की गई निधियों का उपयोग करने हेतु मंजूरी दे दी गई।

यह जानकारी वस्‍त्र राज्य मंत्री श्रीपबित्र मार्घेरिटा द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

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पीके/केसी/डीवी/डीए


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