आयुष
डिजिटल पहल के अंतर्गत हुई प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 3:54PM by PIB Delhi
आयुष ग्रिड परियोजना आयुष क्षेत्र के आईटी आधार-स्तंभ के रूप में कार्य करती है जो स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान एवं विकास, आयुष औषधि प्रशासन, औषधीय पादप, शिक्षा एवं जन-जागरूकता, क्षमता निर्माण तथा वैश्विक/मीडिया पहुंच जैसे क्षेत्रों में डिजिटल रूपांतरण को गति प्रदान करती है।
इस पहल के अंतर्गत, देशभर में चौबीस ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं और उन्हें सुगम बनाया गया है। माई आयुष एकीकृत सेवा पोर्टल (एमएआईएसपी), आयुष मंत्रालय का प्रमुख पोर्टल है, जो आयुष से संबंधित सभी अनुप्रयोगों और सेवाओं को एक समेकित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत करता है। आगंतुकों की सहायता करने तथा उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक एआई-सक्षम चैटबॉट (बीटा संस्करण) भी प्रसारित किया गया है। यह पोर्टल विभिन्न सेवाओं एवं योजनाओं तक नागरिक-केंद्रित पहुँच उपलब्ध कराता है तथा सामयिक निगरानी और डेटा-संचालित निर्णय को सक्षमकारी बनाता है। (विवरण: maisp.ayush.gov.in पर उपलब्ध हैं)
इसी प्रकार, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अनुरूप आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एएचएमआईएस) को स्वास्थ्य देख-रेख सेवाओं के डिजिटीकरण तथा आयुष स्वास्थ्य संस्थानों के कुशल प्रबंधन के उद्देश्य से कार्यान्वित किया गया है। आयुष अनुदान पोर्टल से मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के अंतर्गत वित्तपोषण प्रस्तावों के प्रस्तुतिकरण, कार्रवाई, अनुमोदन तथा निगरानी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित हुई है। आयुष अनुसंधान पोर्टल आयुष से संबंधित 43,000 से अधिक चयनित शोध प्रकाशनों के एक केंद्रीकृत डिजिटल भंडार के रूप में कार्य करता है, जिससे शोधकर्ताओं, चिकित्सकों तथा नीति-निर्माताओं के लिए इन तक सहज पहुँच उपलब्ध होती है। आयुष निवेश सारथी पोर्टल आयुष क्षेत्र में घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक समर्पित प्रवेश-द्वार के रूप में कार्य करता है, जो निवेश के अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक जानकारी उपलब्ध कराता है। ई-चरक पोर्टल औषधीय पादप क्षेत्र के लिए एक वर्चुअल बाज़ार तथा सूचना मंच के रूप में कार्य करता है, जो किसानों, संग्राहकों, क्रेताओं, विनिर्माताओं तथा निर्यातकों को परस्पर जोड़ता है।
वाई-ब्रेक प्रो मोबाइल एप्लिकेशन कार्यस्थलों पर अल्पावधि योग सत्रों के माध्यम से समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है। एम-योग एप्लिकेशन शिक्षण मॉड्यूल तथा मार्गदर्शित योग सत्र उपलब्ध कराकर नियमित योगाभ्यास को प्रोत्साहित करता है, जिनका कहीं भी और कभी भी सहजता से उपयोग किया जा सकता है। योग पोर्टल योग को एक समग्र जीवनशैली अभ्यास के रूप में प्रोत्साहित करने तथा सभी के लिए इसकी सुलभता को बढ़ाने हेतु एक समर्पित डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता है। यह योग प्रोटोकॉल, प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्रमाणित संस्थानों, आयोजनों तथा शोध अध्ययनों से संबंधित प्रामाणिक एवं सुव्यवस्थित जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे शिक्षार्थियों एवं योगाभ्यासियों के लिए विश्वसनीयता तथा सहज पहुँच सुनिश्चित होती है।
इसके अलावा, योग पोर्टल पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई), 2026 के अवसर पर आयोजित योग संगम कार्यक्रम में 7.6 लाख से अधिक संगठनों ने पंजीकरण कराया, जिसमें देशभर से एक साथ योगाभ्यास करते हुए 8 लाख से अधिक लोगों के फोटो पोर्टल पर अपलोड किए गए।
समग्र रूप से, आयुष ग्रिड के अंतर्गत विकसित सभी ई-गवर्नेंस टूल्स सभी के लिए सुलभ हैं तथा उनसे सेवा प्रदायगी सुदृढ़ हुई है, परिचालन दक्षता में सुधार हुआ है और पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ी है।
(ख): आयुष ग्रिड ने डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाकर तथा सेवा प्रदायगी का मानकीकरण करके ग्रामीण एवं आकांक्षी जिलों सहित आयुष-आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार किया है।
आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (ए-एचएमआईएस) जैसे प्लेटफॉर्मों के माध्यम से रोगी पंजीकरण, इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य अभिलेख, रेफरल तथा उपचार की निरंतरता को डिजिटल रूप से सक्षमकारी बनाया गया है। 15 जुलाई, 2026 तक की स्थिति के अनुसार, देशभर में कुल 5,386 आयुष स्वास्थ्य संस्थानों को एएचएमआईएस से जोड़ा जा चुका है। रियल टाईम डैशबोर्ड तथा मानकीकृत रिपोर्टिंग राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारियों को निगरानी, आयोजना तथा लक्षित अंत:क्षेपों में सहायता प्रदान करती है, जिससे इन क्षेत्रों में आयुष सेवाओं की उपलब्धता एवं सुलभता को और अधिक बढ़ाया जा सके।
स्वास्थ्य मूल्यांकन परिमाप (एसएएस) शास्त्रीय आयुर्वेदिक साहित्य में वर्णित स्वास्थ्य मानकों के आधार पर समग्र स्वास्थ्य मूल्यांकन की सुविधा प्रदान करता है तथा स्वस्थ आहार एवं जीवनशैली से जुड़ी आदतों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है। 15 जुलाई, 2026 तक की स्थिति के अनुसार, 221 सुविधाओं के कुल 1,335 चिकित्सकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है और वे स्वास्थ्य मूल्यांकन का कार्य कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर पीएम गतिशक्ति आयुष परिसंपत्ति मैपिंग टूल के माध्यम से आयुष स्वास्थ्य संस्थानों की जीआईएस आधारित मैपिंग की जा रही है, जिससे योजना तैयार करने एवं निर्णय-प्रक्रिया में सहायता प्राप्त होती है। 15 जुलाई, 2026 तक, पोर्टल पर 6,002 आयुष स्वास्थ्य संस्थानों की मैपिंग की जा चुकी है।
राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के आयुष स्वास्थ्य देख-रेख संस्थानों द्वारा इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों को अपनाए जाने से विशेषकर ग्रामीण एवं आकांक्षी जिलों में आयुष सेवाओं तक पहुंच, उनकी गुणवत्ता तथा उपचार की निरंतरता सुदृढ़ हुई है।
(ग): आयुष मंत्रालय, डिजिटल प्लेटफॉर्मों को बेहतर बनाकर, अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देकर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर तथा डेटा-आधारित सुशासन को प्रोत्साहित करके आयुष ग्रिड को आयुष क्षेत्र के लिए एक समग्र डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में सुदृढ़ कर रहा है।
इन प्रयासों का उद्देश्य सेवा प्रदायगी में सुधार करना, साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण को सुगम बनाना, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) के साथ अभिसरण के माध्यम से बहुभाषी सहायता उपलब्ध कराना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल स्वास्थ्य पहलों के साथ निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करना है।
यह जानकारी केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में दी है।
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SR/SV/SG
(रिलीज़ आईडी: 2287104)
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