स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
कैंसर देखभाल केंद्रों की उपलब्धता पर नवीनतम जानकारी
राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत, देश भर में 770 जिला एनसीडी क्लीनिक, 524 डे केयर कैंसर सेंटर और 6,410 एनसीडी क्लीनिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सहित 27 विशिष्ट चिकित्सा में 1,961 प्रक्रियाओं के लिए कैशलेस उपचार उपलब्ध
कैंसर के निदान और उपचार प्रतीक्षा समय में कमी के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर सहित सामान्य गैर संचारी रोगों की व्यापक जांच
कैंसर उपचार सुविधा बेहतर बनाने की योजना के तहत, देश भर में 19 राज्य कैंसर संस्थान और 20 उन्नत देखभाल कैंसर केंद्र स्वीकृत किए गए
टाटा मेमोरियल सेंटर ने कैंसर इलाज की सुविधा के लिए वाराणसी, विशाखापत्तनम, न्यू चंडीगढ़, गुवाहाटी, संगरूर और मुजफ्फरपुर में छह अस्पताल स्थापित किए हैं
निदान, चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सुविधाओं सहित कैंसर उपचार सेवाएं सभी 22 नए एम्स उपलब्ध
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 1:54PM by PIB Delhi
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि स्वास्थ्य सेवा राज्य का विषय होने के कारण कैंसर देखभाल सहित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्राथमिक दायित्व संबंधित राज्य सरकारों का होता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन -एनएचएम के अंतर्गत गैर-संचारी रोगों (वे बीमारियां जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती) की रोकथाम एवं नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराता है। यह कार्यक्रम गैर-संचारी रोगों के लिए बुनियादी अवसंरचना सुदृढ़ बनाने मानव संसाधन विकास, जांच, शीघ्र निदान, रेफरल (मदद या लाभ के लिए किसी अन्य व्यक्ति या संस्थान के पास भेजा जाना), उपचार और स्वास्थ्य संवर्धन पर केंद्रित है। राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत देशभर में 770 जिला गैर-संचारी रोग क्लीनिक, 524 डे केयर कैंसर सेंटर -डीसीसीसी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 6,410 गैर-संचारी रोग क्लीनिक (एनसीडी क्लीनिक) स्थापित किए गए हैं।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत, पात्र लाभार्थी परिवारों को माध्यमिक (मेडिकल कॉलेज अस्पताल) और अत्यंत उन्नत तृतीयक स्तर की चिकित्सा देखभाल के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। यह योजना सूचीबद्ध सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर के निदान, उपचार, और रोकथाम पर केंद्रित चिकित्सा), सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सहित 27 चिकित्सा विशिष्ट उपचार सेवा के 1,961 प्रक्रियाओं के लिए नकद रहित उपचार का खर्च वहन करती है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय स्वास्थ्य सेवा आवश्यकताओं के अनुरुप अपने स्वास्थ्य सुविधाओं को ढ़ालने की सुविधा भी प्राप्त है।
कैंसर के निदान और उपचार प्रतीक्षा समय में कमी लाने के लिए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं -आशा और सहायक नर्स और दाई द्वारा मुख, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर सहित सामान्य गैर-संक्रामक रोगों की जनसंख्या-आधारित जांच की जा रही है। इससे शीघ्र निदान और समय पर रेफरल में मदद मिलने से निदान और उपचार शुरू करने में होने वाली देरी में कमी आती है। इसके अलावा, कैंसर देखभाल विकेंद्रीकरण (एक ही केंद्र से हटाकर अलग-अलग स्तरों पर बांटने या विभाजित करने) से और कीमोथेरेपी (कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने, उनके विकास को रोकने या लक्षणों को कम करने के लिए विशेष और शक्तिशाली दवाओं का उपयोग किया जाता है) तथा अन्य डे-केयर ऑन्कोलॉजी सेवाएं समय पर प्रदान करना सुगम बनाने के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल (संगठनात्मक मॉडल जिसमें मुख्य केंद्र से छोटे केंद्र या शाखाएं जुडे होते हैं और परिचालन दक्षता बढ़ती है) के तहत जिला अस्पतालों में डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
तृतीयक कैंसर देखभाल सुविधाओं (उन्नत, जटिल या गंभीर कैंसर के मामलों में दी जाने वाली विशेष चिकित्सा सेवा) को सुदृढ़ बनाने की योजना के तहत, देश भर में 19 राज्य कैंसर संस्थानों और 20 तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्रों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, टाटा मेमोरियल सेंटर ने व्यापक कैंसर चिकित्सा प्रदान करने के लिए वाराणसी, विशाखापत्तनम, न्यू चंडीगढ़, गुवाहाटी, संगरूर और मुजफ्फरपुर में छह अस्पताल स्थापित किए हैं। निदान, चिकित्सा और शल्य चिकित्सा सुविधाओं सहित कैंसर उपचार सेवाएं सभी 22 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान -एम्स में भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, झज्जर और चित्तरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान, कोलकाता का दूसरा परिसर उन्नत निदान और उपचार सुविधाएं प्रदान कर रहा है।
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पीके/केसी/एकेवी/केएस
(रिलीज़ आईडी: 2287090)
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