कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
जनजातीय क्षेत्रों में कौशल केंद्रों की स्थापना
प्रविष्टि तिथि:
20 JUL 2026 4:10PM by PIB Delhi
जनजातीय कार्य मंत्रालय, जनजातीय सहकारी विपणन विकास परिसंघ (ट्राइफेड) के माध्यम से प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) योजना का कार्यान्वयन कर रहा है, जिसका उद्देश्य लघु वनोपज और स्थानीय कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन को सुगम बनाकर जनजातीय आबादी के लिए आजीविका के अवसरों और उद्यमशीलता को सुगम बनाना तथा बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत ट्राइफेड द्वारा देशभर में 4,172 वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 12,48,067 सदस्य जुड़े हुए हैं। गुजरात के दाहोद में 20 वन धन विकास केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 5,900 लाभार्थियों को फायदा मिल रहा हैं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) भारत सरकार के प्रमुख अभियान हैं, जो जनजातीय क्षेत्रों में समग्र विकास और सभी तक लाभा पहुँचने के लिए समर्पित हैं। डीएजेजीयूए का उद्देश्य 17 मंत्रालयों/विभागों द्वारा समन्वित 25 पहलों के माध्यम से अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आजीविका से संबंधित महत्वपूर्ण कमियों को दूर करते हुए जनजातीय क्षेत्रों और समुदायों का व्यापक विकास करना है। डीएजेजीयूए के अंतर्गत इस मंत्रालय द्वारा जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) के अंतर्गत अभिसरण पहल के माध्यम से देश के 15 राज्यों के 30 जनजातीय जिलों में 30 जनजातीय कौशल केंद्र (टीएससी) स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने राष्ट्रीय कौशल विकास निधि (एनएसडीएफ) द्वारा वित्त पोषित “400 जवाहर नवोदय विद्यालयों (जेएनवी) और 200 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में कौशल प्रयोगशालाओं की स्थापना और प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, ताकि कौशल पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा सके” परियोजना का कार्यान्वयन किया है। जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा स्थापित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करते हैं। इस परियोजना का उद्देश्य चयनित जेएनवी और ईएमआरएस में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं की स्थापना के माध्यम से विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की पहुंच को सुदृढ़ करना था, जिसमें प्रत्येक विद्यालय में दो कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी थीं। व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना में 1,200 कौशल शिक्षकों के क्षमता-निर्माण का घटक भी शामिल था, जिसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय से दो शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, कुशल भारत कार्यक्रम के एक भाग के रूप में, गुजरात के दाहोद जिले सहित 111 आकांक्षीय जिलों के युवाओं को अल्पावधि प्रशिक्षण (एसटीटी) तथा पूर्व शिक्षण मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 का कार्यान्वयन कर रहा है। दाहोद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र, जिसमें दाहोद और महीसागर नामक दो जिले शामिल हैं, में 30.06.2026 तक कुल 2,351 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित/उन्मुख किया गया है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत 30.06.2026 तक दाहोद जिले में प्रशिक्षित/उन्मुख अभ्यर्थियों का वित्तीय वर्ष-वार विवरण निम्नानुसार है:
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वित्तीय वर्ष
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प्रशिक्षित/अभिविन्यस्त उम्मीदवारों की संख्या
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2023-24
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201
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2024-25
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720
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2025-26
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90
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2026-27
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0
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कौशल हब कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की एक पहल है, जिसके अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध अवसंरचना का उपयोग किया जाता है। पीएमकेवीवाई 4.0 मांग-आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत कौशल अंतराल को ध्यान में रखते हुए और किसी विशेष जिले की कौशल आवश्यकता के आधार पर, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर प्रशिक्षण केंद्रों को मान्यता/संबद्धता प्रदान की जाती है। दिनांक 30.06.2026 तक, पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत विभिन्न व्यावसायिक जॉब रोलों में परियोजना-आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए दाहोद जिले में कुल छह प्रशिक्षण केंद्रों को मान्यता और संबद्धता प्रदान की गई है। इन जॉब रोलों में किसान ड्रोन संचालक, वधू, फैशन और पोर्टफोलियो मेक अप कलाकार, इलेक्ट्रॉनिकी मशीन अनुरक्षण कार्यकारी, पारंपरिक जनजातीय कौशल तथा अन्य उद्योग-अनुकूल ट्रेड शामिल हैं।
यह जानकारी आज कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2286675)
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