वित्त मंत्रालय
देश भर में चल रहे अभियान में डीआरआई ने 15 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन, 4 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन, तस्करी की गई 85 लाख सिगरेट और ड्रोन से गिराई गई पाकिस्तान निर्मित 2 पिस्तौलें जब्त कीं; 5 लोग गिरफ्तार
प्रविष्टि तिथि:
18 JUL 2026 8:16PM by PIB Delhi
संगठित तस्करी गिरोहों और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्कों के खिलाफ अपनी लगातार कार्रवाई जारी रखते हुए, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देश भर में खुफिया जानकारी के आधार पर कई अभियान चलाए, जिसके फलस्वरूप 15 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन टैबलेट, लगभग 4 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन, लगभग 85 लाख तस्करी की गई सिगरेट और ड्रोन से गिराई गई दो पाकिस्तान निर्मित पिस्तौल जब्त की गईं। इन अभियानों के अंतर्गत पांच लोग को गिरफ्तार किया गया।
15.07.2026 को, विशेष सूचना के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने मिजोरम के आइजोल-चंफाई सड़क पर एक ट्रक को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से ईंट के आकार के पैकेट बरामद हुए, जिनमें 15 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन की गोलियां बड़ी चतुराई से छिपाई गई थीं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि मादक पदार्थों की तस्करी म्यांमार से मिजोरम के जोखावथर इलाके के रास्ते की गई थी। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अंतर्गत एक शख्स को गिरफ्तार किया गया।

16.07.2026 को, एक अन्य खुफिया जानकारी पर आधारित अभियान में, डीआरआई अधिकारियों ने मुंबई के न्हावा शेवा में दुबई से आए एक आयात कंटेनर को रोका, जिसमें "प्लास्टिक स्टोरेज बॉक्स" होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, जांच में पता चला कि इसमें विदेशी निर्मित गोल्ड फ्लेक ब्रांड की लगभग 85 लाख सिगरेट भरी हुई थीं। तस्करी की गई इन सिगरेटों की कीमत ₹20 करोड़ थी, जिन्हें जब्त कर लिया गया।

17.07.2026 को पंजाब में डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर अमृतसर सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन से गिराए गए दो पार्सल बरामद किए। पार्सल की जांच करने पर उनमें से दो पाकिस्तानी निर्मित पिस्तौलें और मैगजीन बरामद हुईं। इन हथियारों को संबंधित पुलिस को सौंप दिया गया, जिससे आयुध अधिनियम, 1959 के अंतर्गत जरूरी कार्रवाई की जा सके।

17.7.2026 को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चेन्नई में डीआरआई अधिकारियों ने एक गुप्त ठिकाने पर छापा मारा और लगभग 4 किलोग्राम स्यूडोएफेड्रिन जब्त किया, जो मेथम्फेटामाइन के अवैध निर्माण में इस्तेमाल होने वाला एक रसायन है। यह प्रतिबंधित पदार्थ परिसर के अंदर विशेष रूप से बनाई गई एक गुफा में छिपाया गया था। शुरुआती जांच से पता चलता है कि जब्त किए गए स्यूडोएफेड्रिन को अवैध रूप से विदेश निर्यात करने का इरादा था। एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया।

खुफिया जानकारी पर आधारित ये अभियान नशा मुक्त भारत के लिए संगठित तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध तंबाकू व्यापार और हथियारों की सीमा पार आवाजाही से निपटने के लिए डीआरआई की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2286245)
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