राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
एनएचआरसी, भारत ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एनटीपीसी द्वारा निर्मित ‘ऐश डाइक लैगून’ में डूबने से तीन बच्चों की मृत्यु की घटना का स्वतः संज्ञान लिया
एनटीपीसी, दिल्ली के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
प्रविष्टि तिथि:
16 JUL 2026 7:53PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने मीडिया में प्रकाशित उस समाचार का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू कॉग्निजेंस) लिया है, जिसमें बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी क्षेत्र में नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) द्वारा निर्मित ‘ऐश डाइक लैगून’ में डूबने से तीन बच्चों की मृत्यु होने की सूचना दी गई है। इन तालाबों में एनटीपीसी द्वारा बड़ी मात्रा में कोल ऐश का भंडारण किया जाता है। समाचार के अनुसार, इस क्षेत्र में कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए थे।
आयोग ने कहा है कि यदि समाचार में प्रकाशित तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। इसलिए आयोग ने एनटीपीसी, दिल्ली के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा बिहार के मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
12 जुलाई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों को इन तालाबों में प्रवेश कर बाजार में बेचने के लिए कोयले के अवशेष (कोल रेजिड्यू) एकत्र करने से रोकने हेतु वहां कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं किए गए थे।
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पीके/केसी/एके एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2285559)
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