सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन- एल्डरलाइन 14567


5.36 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिज्ञा ली और वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, देखभाल व सम्मान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मज़बूत किया

प्रविष्टि तिथि: 15 JUL 2026 6:07PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, एल्डरलाइन 14567 नामक राष्ट्रीय हेल्पलाइन और एजिंग विद डिग्निटी अभियान के तहत देशव्यापी 'प्रतिज्ञा लें पहल के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और समाज में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के अपने दायित्व का निरंतर पालन कर रहा है। इन पहलों का उद्देश्य एक ऐसा संवेदनशील समाज बनाना है जहां हर बुज़ुर्ग नागरिक का सम्मान हो, उन्हें सुरक्षा मिले और वे सशक्त बनें।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल एक सामाजिक ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि एक समावेशी और संवेदनशील भारत बनाने की दिशा में एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे मंत्रालय के एजिंग विद डिग्निटी पोर्टल पर जाकर प्रतिज्ञा लें और ऐसे समाज के निर्माण में योगदान दें जहां हर बुज़ुर्ग व्यक्ति सुरक्षा, गरिमा और सम्मान के साथ जी सके।

एल्डरलाइन (14567) एक टोल-फ्री, अखिल भारतीय हेल्पलाइन है, जो देश भर के वरिष्ठ नागरिकों की चिंताओं और शिकायतों के समाधान के लिए समर्पित है।

1 अक्टूबर, 2021 को देश को समर्पित यह हेल्पलाइन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सप्ताह के सातों दिन सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक काम करती है। यह ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों को जानकारी, मार्गदर्शन, भावनात्मक सहयोग और ज़मीनी स्तर पर मदद पहुंचाने के लिए एक सिंगल-विंडो प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करती है।

एल्डरलाइन के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं में स्वास्थ्य सुविधाओं, वृद्धाश्रमों, डे-केयर सेंटर, देखभाल करने वालों और बुज़ुर्गों के लिए उपयुक्त उत्पादों के बारे में जानकारी शामिल है; साथ ही कानूनी मामलों, पेंशन से जुड़े मुद्दों, सरकारी योजनाओं, देखभाल से जुड़े मामलों और विवाद सुलझाने के बारे में सलाह भी दी जाती है। इसके अलावा, एल्डरलाइन बुज़ुर्गों के साथ दुर्व्यवहार या उनकी अनदेखी हुई हो, उन्हें बचाने या बेघर बुज़ुर्गों को उनके परिवार से मिलाने की ज़रूरत हो, और अकेलेपन, चिंता, पारिवारिक झगड़ों व अन्य मनोसामाजिक चिंताओं से निपटने के लिए भावनात्मक सहयोग की ज़रूरत हो, उन मामलों में भी मदद करती है।

हेल्पलाइन के साथ-साथ मंत्रालय का "प्रतिज्ञा लें" अभियान भी चल रहा है। यह अभियान देश भर के नागरिकों को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संकल्प लेकर, सभी उम्र के लोगों को साथ लेकर चलने वाला समाज बनाने में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

इस प्रतिज्ञा के माध्यम से, नागरिक यह संकल्प लेते हैं कि वे अपने परिवार और समाज के बुज़ुर्गों का जीवन भर ख्याल रखेंगे और उन्हें सम्मान, प्रेम देंगे। साथ ही उनके साथ दया, करुणा और सहानुभूति से पेश आएंगे। यह प्रतिज्ञा वरिष्ठ नागरिकों के ज्ञान, समझदारी और अनुभव का सम्मान करने, उनका समर्थन करने और उनकी आवाज़ बनने पर भी ज़ोर देती है। साथ ही, यह बुज़ुर्गों के अधिकारों व हितों के बारे में जागरूकता पैदा करने, उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार और गलत व्यवहार का विरोध करने और मिलकर एक ऐसा सहयोगी व समावेशी समाज बनाने की दिशा में काम करने पर केंद्रित है जहां वरिष्ठ नागरिक सम्मान, प्रेम और गरिमा के साथ रह सकें।

मंत्रालय को इस अभियान में लोगों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। 5.36 लाख से अधिक नागरिकों ने बुजुर्गों की देखभाल और सामाजिक ज़िम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रीय प्रतिज्ञा ली है।

इस पहल के तहत, प्रतिभागियों को बुज़ुर्गों के कल्याण के प्रति उनके समर्पण के प्रतीक के तौर पर डिजिटल कमिटमेंट सर्टिफ़िकेट दिया जाता है।

मंत्रालय हर नागरिक से आग्रह करता है कि वे संकल्प लेकर और "एजिंग विद डिग्निटी" के दृष्टिकोण का समर्थन करके इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें।

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पीके/केसी/एसके


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