प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने ज्ञान, कौशल और स्वास्थ्य पर बल देते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
प्रविष्टि तिथि:
15 JUL 2026 12:12PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत के सुभाषितम् को साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि देश के युवा ज्ञान को आत्मसात कर, नए कौशल विकसित करके और स्वस्थ जीवन को प्राथमिकता देते हुए भारत के भविष्य को आकार देने में एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में उभर रहे हैं। ये गुण न केवल व्यक्तियों को सशक्त बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-
“धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्।
लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।।”
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
विद्या से विवेक, कौशल से विकास और उत्तम स्वास्थ्य से हर संकल्प को सिद्धि मिलती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर देश की पहचान को और सशक्त बना रहे हैं।
धन्यानामुत्तमं दाक्ष्यं धनानामुत्तमं श्रुतम्।
लाभानां श्रेय आरोग्यं सुखानां तुष्टिरुत्तमा।।
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पीके/केसी/एसकेजे/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2284734)
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