कोयला मंत्रालय
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कोयला मंत्रालय ने एसईसीएल की प्रमुख सीएसआर पहल 'एसईसीएल के सुश्रुत' को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया


एसईसीएल की प्रमुख सीएसआर पहल, राजपत्र अधिसूचना प्राप्त करने वाली पहली कोयला सार्वजनिक उपक्रम की पहली सीएसआर योजना बन गई है, जिससे लाभों का पारदर्शी, कुशल और प्रौद्योगिकी सक्षम वितरण संभव हो सकेगा

प्रविष्टि तिथि: 10 JUL 2026 9:17PM by PIB Delhi

छत्तीसगढ़ स्थित कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसकी प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक उत्‍तर दायित्‍व (सीएसआर) पहल 'एसईसीएल के सुश्रुत' भारत के राजपत्र में अधिसूचित होने वाली किसी भी कोयला सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) की पहली सीएसआर योजना बन गई है।

कोयला मंत्रालय ने आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं की लक्षित डिलीवरी) अधिनियम, 2016 और सुशासन (सामाजिक कल्याण, नवाचार और ज्ञान) नियम, 2020 के प्रावधानों के तहत एसईसीएल के सुश्रुत के लाभार्थियों के लिए आधार प्रमाणीकरण को सक्षम करने वाली राजपत्र अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना स्वैच्छिक आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से लाभार्थियों को पारदर्शी, कुशल और लक्षित तरीके से लाभ पहुंचाने में सुविधा प्रदान करती है, साथ ही उन लोगों के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित वैकल्पिक पहचान दस्तावेज भी उपलब्ध कराती है जो आधार का उपयोग नहीं करना चाहते हैं।

एसईसीएल द्वारा 2023 में शुरू किया गया, एसईसीएल के सुश्रुत कंपनी की प्रमुख सीएसआर पहल है जो एसईसीएल के परिचालन क्षेत्रों के मेधावी छात्रों को नि:शुल्‍क आवासीय नीट कोचिंग प्रदान करती है, जिससे वे चिकित्सा और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा में करियर बनाने में सक्षम होते हैं।

 


इस कार्यक्रम ने लगातार असाधारण परिणाम दिए हैं। इसके पहले बैच (2023-24) में, 40 में से 39 छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की, जिनमें से 11 छात्रों को एमबीबीएस में, 2-2 छात्रों को बीडीएस, बीएएमएस और बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटीएच) कार्यक्रमों में प्रवेश मिला, जबकि 2 छात्रों को छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पशु चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिला।

दूसरे बैच (2024-25) ने भी प्रभावशाली सफलता दर्ज की, जिसमें 40 में से 31 छात्रों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सरकारी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस और बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस कार्यक्रमों में प्रवेश मिला।

राजपत्र अधिसूचना एसईसीएल के सुश्रुत के विकास में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो इसके संस्थागत ढांचे को मजबूत करता है और लाभार्थियों के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और पहुंच में आसानी को और बढ़ाता है।

गौरतलब है कि यह पहल पहले किसी भी कोयला सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम की पहली और एकमात्र सीएसआर योजना बन गई थी जिसे भारत सरकार के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) पोर्टल पर सूचीबद्ध किया गया था, जो इसके मजबूत शासन ढांचे और प्रौद्योगिकी-सक्षम और पारदर्शी सेवा वितरण के लिए भारत सरकार के दृष्टिकोण के साथ संरेखण की पुष्टि करता है।

एसईसीएल के सुश्रुत कार्यक्रम के माध्यम से, एसईसीएल खनन समुदायों के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए अवसर सृजित करना जारी रखता है, साथ ही चिकित्सा पेशेवरों की अगली पीढ़ी का पोषण करके राष्ट्र के स्वास्थ्य सेवा तंत्र में योगदान देता है।

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पीके/केसी/एमके/एमबी


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