संस्कृति मंत्रालय
संस्कृति मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से भारत केसरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया
मुख्य अतिथि श्री अमित शाह ने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद की 125 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमि पूजन और पट्टिका अनावरण कार्यक्रम के तहत इको पार्क का दौरा किया
गणमान्य व्यक्तियों ने भवानीपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक घर का दौरा किया और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की
कोलकाता के मिलन मेला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में हजारों लोगों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रविष्टि तिथि:
08 JUL 2026 6:33PM by PIB Delhi
संस्कृति मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से भारत केसरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के दो वर्षीय आधिकारिक समारोह के अंतर्गत 6 जुलाई 2026 को कोलकाता के मिलन मेला प्रांगण में एक विशेष स्मारक कार्यक्रम का आयोजन किया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव श्री मनोज अग्रवाल, संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल और अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
संस्कृति मंत्रालय ने भारत केसरी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में 2025 में दो साल के राष्ट्रव्यापी समारोह की घोषणा की थी, ताकि दूरदर्शी राजनेता, शिक्षाविद, सांसद और राष्ट्रवादी नेता की अमिट विरासत का सम्मान किया जा सके, जिनके योगदान ने भारत के राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और औद्योगिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से आकार दिया।
6 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम तीन प्रमुख स्थानों पर हुए, जिनमें संस्कृति मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से आयोजित स्मारक समारोहों के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।
स्थान 1 – मिलन मेला
मुख्य कार्यक्रम


मुख्य कार्यक्रम स्थल 'मिलन मेला प्रांगण' में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनकी विरासत को समर्पित एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई थी।। दुर्लभ तस्वीरों, अभिलेखीय दस्तावेजों, व्यक्तिगत कलाकृतियों और आकर्षक मल्टीमीडिया प्रदर्शनों के माध्यम से, प्रदर्शनी ने उनकी व्यक्तिगत यात्रा, वैचारिक दृष्टि, शैक्षिक सुधारों और भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों और औद्योगिक विकास को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया।
प्रदर्शनी को एक अतिरिक्त दिन के लिए खुला रखा गया ताकि आम जनता, विशेषकर विद्यार्थी, ऐतिहासिक वृत्तांत का अनुभव कर सकें। सनत रॉय चौधरी गर्ल्स इंस्टीट्यूशन, एआईडब्ल्यूसी बुनियादी विद्यापीठ गर्ल्स हाई स्कूल, सूरह कन्या हाई स्कूल, बेलेघाटा देशबंधु हाई स्कूल कुछ ऐसे विद्यालय थे जहाँ से विद्यार्थी प्रदर्शनी में प्रस्तुत ऐतिहासिक वृत्तांत का अनुभव करने आए थे।




डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के राज्यव्यापी समारोह के हिस्से के तौर पर, पश्चिम बंगाल के ज़िलों और ब्लॉकों में आयोजित कई स्थानीय कार्यक्रमों के ज़रिए भी इस प्रदर्शनी को दिखाया गया। इन समारोहों में व्यापक भागीदारी और जागरूकता अभियान देखने को मिले, जो इस अवसर पर जनता की व्यापक सहभागिता को दर्शाते हैं। राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 47 उपमंडल, 341 ब्लॉक, 7 नगर निगम और 120 नगरपालिकाएं शामिल थीं।
इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल के विभिन्न शिक्षण संस्थानों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, दृष्टिकोण और योगदान से छात्रों और आम जनता को परिचित कराने के लिए व्याख्यान, प्रदर्शनियाँ, सेमिनार, निबंध प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य स्मृति गतिविधियों का सक्रिय रूप से आयोजन किया। व्यापक भौगोलिक कवरेज और स्थानीय प्रशासनिक निकायों, शिक्षण संस्थानों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने यह सुनिश्चित किया कि समारोह राज्य के हर कोने तक पहुँचे, जिससे यह स्मरणोत्सव समावेशी और प्रभावशाली बन गया।

मिलन मेला प्रांगण में आयोजित स्मारक कार्यक्रम का शुभारंभ पश्चिम बंगाल के पारंपरिक लोक रूपों की समृद्ध विविधता को दर्शाते हुए 115 कलाकारों द्वारा भव्य स्वागत के साथ हुआ।





इसमें सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम' का गायन हुआ और उसके बाद डॉ. श्यामा प्रसाद को एक शानदार संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई, जिसका शीर्षक 'सुर, संस्कृति एवं राष्ट्र' था और जिसे 'सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग' (सीसीआरटी) ने आयोजित किया था। इस प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय, लोक और पारंपरिक संगीत की विभिन्न शैलियों से जुड़े 57 कुशल कलाकार शामिल थे, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता की भावना को दर्शाते थे। एक संगीतमय प्रस्तुति के तौर पर तैयार किए गए इस कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा और सभ्यतागत मूल्यों से जुड़े स्थायी आदर्शों का जश्न मनाया गया। इस संगीत मंडली का निर्देशन पद्म श्री तरुण भट्टाचार्य ने किया।

इस कार्यक्रम की एक खास बात यह थी कि श्री अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद के समकालीन श्री माखनलाल सरकार को सम्मानित किया। श्री सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद के साथ मिलकर काम किया था और जम्मू-कश्मीर में उनकी गिरफ्तारी के समय वे उनके साथ मौजूद थे। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने संस्कृति मंत्रालय के स्मारक प्रयासों को और भी अधिक सार्थक बना दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल संबोधन के माध्यम से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पूरे देश और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के लिए इस दिन के गहन ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए, उपस्थित लोगों को देश के सबसे प्रतिष्ठित सपूतों में से एक को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एक ऐसे समर्पित देशभक्त का सजीव चित्रण किया, जिनका पूरा जीवन राष्ट्र की अखंडता को बनाए रखने के लिए समर्पित था। श्री मोदी ने कहा, “आज देश की धरती भारत की अखंडता के प्रति समर्पित एक दूरदर्शी व्यक्ति को श्रद्धापूर्वक याद कर रही है।”

पूर्ण भाषण का लिं- https://www.pmindia.gov.in/en/news_updates/pm-addresses-125th-janma-jayanti-of-dr-syama-prasad-mookerjee/
इस कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा के कॉन्सेप्ट मॉडल और 3डी विज़ुअलाइज़ेशन घोषणा वीडियो का भी अनावरण किया गया।
स्थान 2 – इको पार्क
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए भूमि पूजन और पट्टिका का अनावरण


आज सुबह गणमान्य व्यक्तियों ने इको पार्क में भूमि पूजन किया और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी। यह प्रतिमा डॉ. श्यामा प्रसाद के राष्ट्र के प्रति अमिट योगदान को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कोलकाता के इको पार्क में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण को देखा।
तीसरा स्थान – भवानीपुर
डॉ. श्यामा प्रसाद के पैतृक घर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई



अतिथियों का दूसरा पड़ाव कोलकाता के भवानीपुर में था, जहाँ माननीय मुख्य अतिथि श्री अमित शाह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आवास पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहाँ टीम ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की।
दो साल तक चलने वाला यह राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव भारत सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत देश के अग्रणी राष्ट्र निर्माताओं में से एक की स्थायी विरासत को संरक्षित और बढ़ावा दिया जाएगा, जिन्होंने राष्ट्रवाद, सार्वजनिक सेवा और भारत की एकता और प्रगति के प्रति अटूट समर्पण के आदर्शों के माध्यम से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
भाषणों के लिंक -
- श्री अमित शाह का संबोधन - https://x.com/AmitShah/status/2074121043527319866
- श्री सुवेंदु अधिकारी का संबोधन – https://www.youtube.com/live/g4k_qfRMTvE?si=7uRyypwbEt2J1Ze-
- श्री गजेंद्र सिंह शेखावत का संबोधन- https://www.youtube.com/live/MINISTER OF CULTURE AND TOURISM
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पीके/केसी/जीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2282615)
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