गृह मंत्रालय
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में अवैध कोयला खनन और कोयले की चोरी से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की
गृह मंत्री ने धनबाद और आस-पास के इलाकों में अवैध कोयला खनन और चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई
श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय और CISF द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की सराहना की, साथ ही अवैध खनन की समस्या पर रोक लगाने के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया
अवैध खनन और कोयले के अनधिकृत परिवहन पर व्यापक और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए "ज़ीरो कोल लीकेज प्लान" लागू करने का निर्णय लिया गया
गृह मंत्रालय को CISF की तैनाती के लिए कोयला क्षेत्र को प्राथमिकता वाली सूची में शामिल करने का निर्देश दिया
CISF 'क्विक रिस्पॉन्स टीमें' बनाए और संवेदनशील इलाकों में कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था लागू करे
केन्द्रीय गृह मंत्री ने टेक्नोलॉजी का ज़्यादा असरदार ढंग से इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर भी बल दिया
गैर-कानूनी खनन गतिविधियों में शामिल इलाकों और लोगों की पहचान करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स में लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए
सरकार सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वैध कोयला खनन कार्यों के हितों की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने के लिए कटिबद्ध
प्रविष्टि तिथि:
05 JUL 2026 7:31PM by PIB Delhi
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने अवैध कोयला खनन और कोयले की चोरी से जुड़ी स्थिति की समीक्षा के लिए नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव और कोयला मंत्रालय, CISF, कोल इंडिया लिमिटेड तथा BCCL के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान, गृह मंत्री ने धनबाद और आस-पास के इलाकों में अवैध कोयला खनन और चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में गृह मंत्री को बताया कि अक्टूबर 2025 के पहले हफ़्ते में हुई समीक्षा के बाद से कई ठोस कदम उठाए गए हैं। यह भी बताया गया कि CISF और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957’ के तहत कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। यह अधिकार उन्हें कोर्ट में केस करने, ऐसी जगहों पर जाने जहाँ अवैध कोयला होने का शक हो, तलाशी और ज़ब्ती की कार्रवाई करने, और अवैध रूप से निकाले गए खनिजों के साथ-साथ ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए औज़ारों, उपकरणों और गाड़ियों को ज़ब्त करने की इजाज़त देता है। यह भी बताया गया कि केन्द्रीय गृह सचिव ने दिसंबर 2025 में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे; इनमें 'कोयला क्षेत्र समन्वय समिति' (Coal Sector Coordination Committee) के गठन का निर्णय भी शामिल था और इस समिति का गठन कर दिया गया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय और CISF द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की सराहना की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अवैध खनन की समस्या को रोकने के लिए अभी और भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। गृह मंत्री ने अवैध खनन और कोयले के अनधिकृत परिवहन पर व्यापक और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए "ज़ीरो कोल लीकेज प्लान" सुनिश्चित सहित कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भले ही MMDR एक्ट के तहत CISF और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं, लेकिन इन अधिकारों का इस्तेमाल सख्ती से और आपसी तालमेल के साथ, मंज़ूर किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के मुताबिक किया जाना चाहिए।
श्री अमित शाह ने कोयला मंत्रालय को कार्रवाई की नियमित रूप से समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि उपभोक्ता केवल कानूनी रूप से खनन किए गए कोयले का ही इस्तेमाल करें और अवैध कोयले के परिवहन को रोका जा सके, GST अधिकारियों को इसमें शामिल करना ज़रूरी है। इसलिए, ट्रांसपोर्ट किए जा रहे सभी कोयले के लिए ई-वे बिल की जांच करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे CISF की तैनाती के लिए प्राथमिकता वाली सूची में कोयला क्षेत्र को शामिल करें, ताकि संवेदनशील इलाकों में तुरंत जवानों को तैनात किया जा सके। उन्होंने CISF को 'क्विक रिस्पॉन्स टीमें' बनाने और संवेदनशील इलाकों में कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का भी निर्देश दिया, ताकि जानकारी मिलने पर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।
गृह मंत्री ने टेक्नोलॉजी का ज़्यादा असरदार ढंग से इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों में शामिल इलाकों और लोगों की पहचान करने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स में लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाए। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वैध कोयला खनन कार्यों के हितों की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाने के लिए कटिबद्ध है।
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RK/RR/PR/PS
(रिलीज़ आईडी: 2281362)
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