राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
azadi ka amrit mahotsav

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश के सागर जिले में चिकित्सीय लापरवाही के कारण एक छोटे बच्चे की आंखों की रोशनी चले जाने की कथित घटना का स्वतः संज्ञान लिया


कथित रूप से, चिकित्सकों द्वारा छोटे बच्चे की आंखों में नाक में डाली जाने वाली दवा डाल दिए जाने से उसे संक्रमण हो गया

आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस मामले पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है

प्रविष्टि तिथि: 03 JUL 2026 7:47PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें यह बताया गया है कि मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदा सिविल अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही के कारण डेढ़ वर्ष के एक बच्चे की आंखों की रोशनी चली गई। कथित रूप से, बच्चे को सर्दी और आंखों में लाली के इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। आरोप है कि चिकित्सकों ने उसकी आंखों में नाक में डाली जाने वाली दवा डाल दी, जिसके बाद उसे संक्रमण हो गया और उसकी आंखों की रोशनी चली गई।

आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट की बातें सच हैं, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला बनता है। इसलिए, आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

दिनांक 30 जून 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद बच्चे को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल और फिर एम्स, भोपाल ले जाया गया। हालांकि, परिवार को बताया गया कि उसकी आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकेगी।

 

*****

पीके/केसी/आर /डीए


(रिलीज़ आईडी: 2280916) आगंतुक पटल : 97
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil