वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
क्यूसीआई और एफडीडीआई ने चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र में गुणवत्ता और कौशल बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
क्यूसीआई-एफडीडीआई साझेदारी से लाभान्वित होने वाले प्रमुख फुटवियर क्लस्टरों में आगरा, चेन्नई और कानपुर शामिल
फुटवियर श्रमिकों के लिए बहु-स्तरीय मूल्यांकन और प्रमाणन ढांचा विकसित करने के लिए साझेदारी
प्रविष्टि तिथि:
12 JUN 2026 7:33PM by PIB Delhi
भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) और फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) ने भारत के चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र में गुणवत्ता, परीक्षण, मान्यता और कौशल तंत्र को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस सहयोग का उद्देश्य आगरा, बहादुरगढ़, रानीपेट, चेन्नई, कालीकट और कानपुर सहित प्रमुख फुटवियर क्लस्टरों (समूहों) में क्षमता निर्माण, प्रमाणन, परीक्षण के बुनियादी ढांचे के विकास और गुणवत्ता तंत्र को मजबूत करने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार करना है।
इस साझेदारी के माध्यम से, क्यूसीआई और एफडीडीआई संयुक्त रूप से चमड़ा और फुटवियर से जुड़े श्रमिकों, 'सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), पर्यवेक्षकों, पेशेवरों और अन्य हितधारकों के लिए आवश्यकता-आधारित और नतीजे देने वाले प्रोग्राम डिज़ाइन और लागू करेंगे। यह पहल इस क्षेत्र में लगे कार्यबल के कौशल को बढ़ाने, व्यक्तिगत प्रमाणन को बढ़ावा देने, गुणवत्ता प्रबंधन की पद्धतियों को मजबूत करने, टेस्टिंग सुविधाओं तक पहुंच में सुधार करने और प्रयोगशालाओं को मान्यता देने में सहायता करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
इस समझौते के तहत, क्यूसीआई मान्यता देने के सिद्धांतों, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों और प्रासंगिक मानकों पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। यह एमएसएमई के लिए गुणवत्ता, टेस्टिंग, मान्यता देने और लागू सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों में भी मदद करेगा, साथ ही संयुक्त निगरानी फ्रेमवर्क, अनुसंधान अध्ययनों, श्वेत पत्रों और केस स्टडीज के विकास में योगदान देगा।
एफडीडीआई विभिन्न फुटवियर केंद्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप क्लस्टर विशेष कौशल और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नेतृत्व करेगा। यह परीक्षण और कैलिब्रेशन प्रयोगशालाओं की मैपिंग भी करेगा, प्रयोगशालाओं की कमियों की पहचान करेगा, कम सेवा वाले क्लस्टरों में नमूना संग्रह केंद्र स्थापित करने में सहायता प्रदान करेगा और उद्योग के हितधारकों के लिए ज्ञान के संसाधनों को विकसित करेगा।
इस समझौता ज्ञापन के तहत एक बहु-स्तरीय कामगारों के मूल्यांकन और व्यक्तिगत प्रमाणन फ्रेमवर्क के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है। इसमें उन अर्ध-कुशल और अनुभवी श्रमिकों के लिए 'पूर्व शिक्षण की मान्यता' के उपाए शामिल होंगे, जिनके पास उद्योग से जुड़े प्रासंगिक कौशल तो हैं, लेकिन औपचारिक शैक्षणिक योग्यताओं की कमी है।
इस समझौता ज्ञापन पर दोनों संगठनों की ओर से क्यूसीआई के महासचिव श्री चक्रवर्ती टी. कनन और एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक श्री विवेक शर्मा (आईआरएस) ने हस्ताक्षर किए।
इस साझेदारी से भारत में विश्व-स्तरीय प्रतिस्पर्धी, गुणवत्ता-केंद्रित और भविष्य के लिए तैयार मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने के व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण में खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और चमड़ा व फुटवियर क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों के लिए सहायता मिलने की उम्मीद है।
भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक प्रमुख स्वायत्त निकाय है। क्यूसीआई उन उत्पादों, सेवाओं और प्रक्रियाओं में गुणवत्ता की संस्कृति को बढ़ावा देता है जो नागरिकों के जीवन को प्रभावित करते हैं। एक स्वतंत्र संस्थान के रूप में, यह अपने संबंधित बोर्डों और प्रभागों के माध्यम से विश्वसनीय थर्ड-पार्टी मूल्यांकन की सुविधा प्रदान करता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, क्यूसीआई के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करता है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई), चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र के लिए शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास, टेस्टिंग और प्रमाणन के क्षेत्रों के लिए कार्य करता है।

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पीके/केसी/एसके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2272342)
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