राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के झांसी में ओडिशा की एक जनजातीय लड़की की कथित तस्करी, बिक्री और यौन उत्पीड़न का स्वतः संज्ञान लिया है
पीड़िता और तीन अन्य लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर उत्तर प्रदेश ले जाया गया था
खबरों के मुताबिक, पीड़िता अपराधियों के चंगुल से भागने में कामयाब रही और उसने झांसी पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया, लेकिन ओडिशा लौटने के लिए ट्रेन का टिकट देने के अलावा पुलिस ने कोई और कार्रवाई नहीं की
आयोग ने ओडिशा और उत्तर प्रदेश के डीजीपी और ढेंकनाल के डीएम को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है
रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़ित को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों को शामिल किए जाने की उम्मीद है
प्रविष्टि तिथि:
03 JUN 2026 4:37PM by PIB Delhi
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में आई उस रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है जिसमें बताया गया है कि ओडिशा के ढेंकनाल जिले के कंकादाहाडा क्षेत्र की एक 17 वर्षीय जनजातीय लड़की को उत्तर प्रदेश के झांसी में लगभग दो वर्षों तक तस्करी करके बेचा गया और बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया गया। खबरों के मुताबिक, पीड़िता और तीन अन्य लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने उत्तर प्रदेश ले जाया गया था। स्थानीय वकील की मदद से पीड़िता अपराधियों के चंगुल से भागने में कामयाब रही और उसने झांसी पुलिस से संपर्क किया। हालांकि उसका बयान दर्ज कर लिया गया था, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने ओडिशा जाने के लिए ट्रेन टिकट उपलब्ध कराने के अलावा कोई और कार्रवाई नहीं की। उसके लौटने पर ओडिशा पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और मामले की जांच जारी है।
आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट की सामग्री सत्य है, तो इससे मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मुद्दे उठते हैं। इसलिए आयोग ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और ढेंकनाल के जिला मैजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें जांच की स्थिति और पीड़ित को राहत और पुनर्वास प्रदान करने के लिए उठाए गए कदमों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
29 मई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता को कथित तौर पर लगभग तीन महीने तक एक घर में कैद रखा गया और वहां उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया। इसके अलावा यह भी आरोप लगाया गया है कि जब पीड़िता गर्भवती हुई तो बिना उसकी सहमति के उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया। इसके बाद कथित तौर पर उसे 50,000 रुपये में किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया और लगभग दो साल तक कई अन्य लोगों द्वारा उसका बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया, जिसके बाद वह भागने में सफल रही।
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पीके/केसी/आरकेजे
(रिलीज़ आईडी: 2268722)
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