इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026 समावेशी शासन के लिए डेटा-आधारित नवाचारों को प्रदर्शित करता है
5,000 से अधिक टीमों की तरफ ससमाधान प्रस्तुत करने के साथ, यह डीपीआई इकोसिस्टम में सबसे बड़े डेटा नवाचार चुनौतियों में से एक बन गया
प्रविष्टि तिथि:
08 MAY 2026 7:06PM by PIB Delhi
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026 का सफलतापूर्वक समापन किया। इस कार्यक्रम में डिजिटल पहचान के क्षेत्र में छात्रों द्वारा किए गए उन बेहतरीन नवाचारों का उत्सव मनाया गया, जिनका उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाना है।
डिजिटल पहचान डेटा के नवीन और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए इस हैकाथॉन ने छात्रों और युवा पेशेवरों को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहां वे ऐसे बड़े पैमाने पर लागू होने योग्य और डेटा-आधारित समाधान विकसित कर सकें, जिनका लक्ष्य समावेशिता, कार्यकुशलता और शासन के परिणामों को बेहतर बनाना है।
लगभग 15,000 टीमों के पंजीकरण और 5,000 से ज़्यादा टीमों की तरफ से समाधान जमा करने के साथ, इस पहल को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इस तरह, यह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) इकोसिस्टम में डेटा नवाचार के सबसे बड़े चैलेंज में से एक बन गया।
एक सख्त, कई चरणों वाली मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद-जिसमें 5,000 से ज़्यादा प्रविष्टियों की जांच, 30 परियोजनाओं की शॉर्टलिस्टिंग और 15 फाइनलिस्ट टीमों का विस्तृत मूल्यांकन शामिल था-टॉप पांच टीमों को अंतिम समारोह में अपने समाधान पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया।
इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, कोलकाता और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, कोलकाता की विजेता टीम ने यूआईडीएआई द्वारा साझा किए गए, इकट्ठा किए गए आधार नामांकन और अपडेट डेटासेट का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया।
उनके काम से अलग-अलग क्षेत्रों, राज्यों और जनसांख्यिकीय समूहों में नामांकन के रुझानों और बायोमेट्रिक अपडेट के तरीकों के बारे में अहम जानकारी मिली, साथ ही सेवा देने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मिले।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, यूआईडीएआई के सीईओ श्री विवेक चंद्र वर्मा ने टीमों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने विश्लेषण की बारीकियों को जनहित के मजबूत नजरिए के साथ जोड़ा। उन्होंने कहा कि इस तरह के नए प्रयोगों में नीतियों और कामकाज में सुधार को सीधे तौर पर मदद करने की क्षमता है; साथ ही उन्होंने शासन में सबको शामिल करने और कुशलता लाने के लिए डेटा के जिम्मेदार और नैतिक इस्तेमाल के महत्व पर भी जोर दिया।
यूआईडीएआई के सीईओ ने इस पहल के लिए यूआईडीएआई के भविष्य के विजन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन को एक सालाना प्लेटफॉर्म के तौर पर संस्थागत रूप दिया जा सकता है, ताकि डिजिटल पहचान और सार्वजनिक डेटा के इस्तेमाल में नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
हैकाथॉन के आने वाले संस्करणों में भी उम्मीद है कि इसमें सिर्फ छात्रों तक ही भागीदारी सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें शिक्षा जगत, शोधकर्ता, स्टार्ट-अप और अन्य गैर-शैक्षणिक योगदानकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा। इससे एक ज्यादा विविध और अलग-अलग विषयों वाला नवाचार इकोसिस्टम तैयार होगा।
यूआईडीएआई डेटा हैकाथॉन 2026, यूआईडीएआई का मुक्त नवाचार, युवाओं को जोड़ने और प्रमाणों पर आधारित नीति-निर्माण के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दिखाता है। प्रतिभागियों को असल दुनिया के डेटासेट पर काम करने का मौका देकर, इस पहल ने न सिर्फ तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया, बल्कि ऐसे समाधानों को भी प्रोत्साहित किया जिनका सीधा असर जनता पर पड़े।
यूआईडीएआई ने हैकाथॉन की सफलता में योगदान देने के लिए सभी प्रतिभागियों, जूरी सदस्यों और साझेदारों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की।
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पीके/केसी/एमपी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2259198)
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