खान मंत्रालय
खान मंत्रालय ने नीलाम किए गए 101 खनिज ब्लॉकों के परिचालन को सुनिश्चित करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की
प्रविष्टि तिथि:
07 MAY 2026 7:19PM by PIB Delhi
भारत के खनिज क्षेत्र ने 2015 में नीलामी प्रणाली की शुरुआत के बाद से नीलाम किए गए 101 खनिज ब्लॉकों के सफल संचालन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि खान मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों के साथ समन्वय में किए गए सुधारों के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करती है जो विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में योगदान दे रही है ।
2015 में नीलामी प्रणाली की शुरुआत के बाद से भारत ने पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी खनिज संसाधन आवंटन में अभूतपूर्व प्रगति देखी है। इसके अंतर्गत देश भर में बड़ी संख्या में खनिज ब्लॉकों की नीलामी की गई है। इनमें से 101 नीलाम किए गए खनिज ब्लॉक पहले ही शुरू हो चुके हैं जो खनन सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वित्त वर्ष 2025-26 में नीलामी प्रणाली के अंतर्गत अब तक का सबसे उच्च वार्षिक प्रदर्शन दर्ज किया गया जिसमें एक ही वित्तीय वर्ष में 212 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई। यह भारत के पारदर्शी खनिज आवंटन ढांचे की बढ़ती गति, दक्षता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
101 ब्लॉकों का शुरू होना खनिज संसाधनों की नीलामी के साथ-साथ समय पर उत्पादन में परिवर्तन सुनिश्चित करने पर मंत्रालय के निरंतर ध्यान को दर्शाता है। निरंतर नीतिगत समर्थन, प्रक्रियात्मक सरलीकरण और सक्रिय निगरानी के माध्यम से खान मंत्रालय ने वैधानिक स्वीकृतियों में तेजी लाने, अनुमोदनों को सुगम बनाने और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया है। केंद्र और राज्य सरकारों के इस समन्वित दृष्टिकोण ने नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के आवंटन से उत्पादन में परिवर्तन को काफी तेज कर दिया है।
ये ब्लॉक घरेलू खनिज उत्पादन को बढ़ाने, प्रमुख उद्योगों के लिए कच्चे माल की सुरक्षा को मजबूत करने, आयात पर निर्भरता को कम करने और समग्र आर्थिक विकास को समर्थन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
राज्यवार स्थिति में ओडिशा 34 ब्लॉकों के साथ सबसे आगे है उसके बाद कर्नाटक 18 ब्लॉकों के साथ और गुजरात 11 ब्लॉकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। अन्य राज्यों में मध्य प्रदेश (10), राजस्थान (8), गोवा (6), आंध्र प्रदेश (5), छत्तीसगढ़ (5), महाराष्ट्र (3) और असम (1) शामिल हैं। विशेष रूप से, असम ने आशय पत्र (एलओआई) जारी होने के मात्र नौ महीनों के भीतर ही अपने ब्लॉक को शुरू कर दिया है। यह प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी समन्वय को दर्शाता है।
शुरू किए गए ब्लॉकों में औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण खनिजों का एक विविध समूह शामिल है। लौह अयस्क के 47 ब्लॉक हैं, इसके बाद चूना पत्थर के 29 ब्लॉक हैं। पोर्टफोलियो में बॉक्साइट, मैंगनीज अयस्क, क्रोमाइट और अन्य संबंधित खनिज भी शामिल हैं जो इस्पात, सीमेंट, एल्युमीनियम और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों को सहायता प्रदान करते हैं।
खान मंत्रालय नीलाम किए गए इनर ब्लॉकों को शुरू करने के लिए सभी राज्य सरकारों के सक्रिय प्रयासों, नीतिगत समर्थन और प्रशासनिक दक्षता की सराहना करता है। 2015 से अब तक 101 नीलाम किए गए ब्लॉकों का सफल परिचालन भारत के खनन शासन ढांचे के सुदृढ़ीकरण को दर्शाता है और दीर्घकालिक संसाधन सुरक्षा सुनिश्चित करने और राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान देने वाले पारदर्शी, कुशल और टिकाऊ खनिज क्षेत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
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पीके/केसी/एनकेएस/ डीके
(रिलीज़ आईडी: 2258860)
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