राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित एमजीएमएससी नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में उन्नीस छात्राओं के तपेदिक से ग्रसित होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया


कहा गया है कि हॉस्टल में छात्राओं को अत्यधिक भीड़भाड़, सीलन और अस्वच्छ परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां स्वच्छता की व्यवस्था बेहद खराब है

मानवाधिकार आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी

प्रविष्टि तिथि: 07 MAY 2026 5:11PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित एमजीएमएससी नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल में उन्नीस छात्राओं के तपेदिक (टीबी) से संक्रमित होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। खबरों के अनुसार, परिसर में हाल में किए गए दो निरीक्षणों में हॉस्टल में स्वच्छता और व्यवस्था संबंधी कई गंभीर कमियां पाई गई हैं। अधिकारियों द्वारा कोई सुधारात्मक उपाय न किए जाने से छात्राएं तपेदिक से संक्रमित हो गईं।

आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट सही होने पर यह मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन है। आयोग ने इस सिलसिले में हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

2 मई 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 मार्च और 17 अप्रैल 2026 को संस्थान में दो बार हुए निरीक्षणों में कई कमियां उजागर हुईं। हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं अत्यधिक भीड़भाड़, सीलन और बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में रह रही हैं। हॉस्टल में स्वच्छता की व्यवस्था अपर्याप्त है। साथ ही भोजन की गुणवत्ता भी खराब है और उसमें बुनियादी पोषण की कमी है। कहा गया है कि बीमारी के दौरान भी उन्हें आराम नहीं दिया जाता और छुट्टियों में भी उन्हें अस्पताल कर्मचारी के रूप में काम करने को मजबूर किया जाता है।

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पीके/केसी/एकेवी/एमयू

 


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